128 साल पहले भी बंद हुआ था तिरुपति बालाजी का मंदिर

तिरुपति बालाजी मंदिर में कोरोना का ग्रहण

By: P S Kumar

Updated: 07 Apr 2020, 05:33 PM IST


चेन्नई. विश्व की दूसरी सबसे कमाऊ पेढ़ी तिरुपति बालाजी (तिरुमला) मंदिर जहां प्रतिदिन करीब १ लाख भक्त दर्शन करते हैं के बंद कपाट को धरती का आठवां अजूबा ही कहा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार केवल सूर्य और चंद्र ग्रहण के मौकों पर मंदिर के दरवाजे दर्शन के लिए बंद होते हैं। लेकिन तिरुपति भगवान वेंकटेश (बालाजी) के दर्शन २० मार्च से कोरोना संक्रमण की वजह से बंद है। १८९२ के बाद का यह पहला मौका है जब मंदिर बंद किया गया है।


२ हजार साल पुराने इस मंदिर में आगम शास्त्र के अनुसार नैत्यिक पूजा के अतिरिक्त निर्धारित उत्सवों का आयोजन एकांत में हो रहा है। लाखों भक्तों के लिए उद्यान समान इस पहाड़ी पर फिलहाल तिरुमला तिरुपति देवस्थान (टीटीडी) के कर्मचारी और पुजारी ही हैं। वहां न गाड़ी, घोड़े हैं और न ही खुली दुकानें, न चहल-पहल, न कोलाहल बस एक अजीबोगरीब शांति व सन्नाटा पसरा हुआ है।


टीटीडी प्रशासन ने एक भक्त के कोरोना संक्रमित होने तथा केंद्र व राज्य सरकार के निर्देश के बाद २० मार्च से आम जनता के लिए दर्शन रोक दिए थे। यह रोक अब १४ अप्रेल तक बढ़ा दी गई है।


बालाजी मंदिर की २०१८-१९ की समग्र कमाई २८९४ करोड़ थी जिसमें केशों की बिक्री से हुआ राजस्व ही सवा सौ करोड़ था। टीटीडी प्रशासन के अधीन तिरुपति बालाजी सहित ५० मंदिर है और ७००० से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

P S Kumar Editorial Incharge
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