अगली कक्षा में प्रमोट किए गए दसवीं के विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र पर नहीं होगा अंक

कोरोना महामारी के चलते दसवीं बोर्ड परीक्षा रद्द किए जाने के बाद सरकार ने सभी विद्यार्र्थियों को पास घोषित किया था।

By: Vishal Kesharwani

Published: 11 Jun 2021, 05:07 PM IST


-सिर्फ पास घोषित किया जाएगा
चेन्नई. कोरोना महामारी के चलते दसवीं बोर्ड परीक्षा रद्द किए जाने के बाद सरकार ने सभी विद्यार्र्थियों को पास घोषित किया था। अब विद्यार्थियों को प्रदान किए जाने वाले प्रमाणपत्रों में किसी प्रकार का अंक देने के बजाय पास लिखने की योजना बनाई गई है। महामारी के चलते स्कूल शिक्षा विभाग ने 2020-२१ के दसवीं बोर्ड के विद्यार्थियों का परीक्षा रदद् कर सभी को प्रमोट कर दिया था। हाल ही में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कहा कि अगर विद्यार्थी विज्ञान, वाणिज्य या व्यावसायिक की मांग करते हैं तो विद्यार्थियों का कक्षा 11 में प्रवेश उनके नौंवी के वार्षिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा।

 


निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने कथित तौर पर कक्षा दस के छात्रों के लिए सामान्य अंकों की गणना करने की योजना को वापस लेते हुए अगले वर्ष में प्रवेश पाने के लिए अनिवार्य मार्कशीट पर किसी प्रकार का अंक देने के बजाय सिर्फ पास लिखने की योजना बनाई है। समेकित अंक प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान किया जाएगा, जिसमें सिर्फ पास लिखा होगा। इसके अलावा प्रमाणपत्रों पर पास होने वाले वर्ष, स्कूल का नाम और अन्य जानकारी भी होगी।

 


कक्षा दस के मार्कशीट का एक नमूना तत्काल मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा और उसे जल्द ही पिं्रट कर विद्यार्थियों में वितरित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी प्रवेश पाने के लिए अपने संबंधित स्कूलों में इसे दिखा सकें। इस प्रकार से 9.३ लाख से अधिक विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों को प्रिंट किया जाएगा। 2019-20 में सरकार द्वारा पास घोषित किए गए दसवीं के विद्यार्थियों का प्रमाणपत्र उनके त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षाओं पर आधारित था। लेकिन 2020-21 में विद्यार्थियों के लिए त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षाएं नहीं हुई थी। जिसके परिणाम स्वरूप मार्गशीट पर सिर्फ पास लिखने का तय किया गया।

Vishal Kesharwani
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