मुख्यमंत्री ने गरीबों को कंक्रीट के मकानों के साथ मुफ्त जमीन देने का किया वादा

मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी ने बुधवार को कहा कि डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, जो 2006 से 2011 के बीच हिंसक डीएमके प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर नहीं कर पा रहे हैं

By: Vishal Kesharwani

Published: 17 Feb 2021, 08:24 PM IST


-स्टालिन की निंदा की
तुत्तुकुड़ी. मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी ने बुधवार को कहा कि डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, जो 2006 से 2011 के बीच हिंसक डीएमके प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि पार्टी ने राज्य को तीव्र बिजली की कमी के कारण अंधेरे में रखा था, एआईएडीएमके सरकार के खिलाफ आधारहीन आरोप लगा कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।

 

उनका यह प्रयास आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए है, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे। स्टालिन झूठ बोलकर एआईएडीएमके की सावधानीपूर्वक कार्यप्रणाली की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन राज्य की जनता, जो अब शांतिपूर्ण जीवन का आनंद ले रही हैं, कभी भी डीएमके का समर्थन नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में वापसी करने के बाद राज्य के गरीब लोगों को कंक्रीट के मकानों के साथ मुफ्त जमीन दिया जाएगा।

 

जिले के श्रीवैकुंड्रम में चुनावी अभियान के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। 2006 से 2011 के बीच राज्य भर में हुए बिजली संकट को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जे. जयललिता ने जब सत्ता वापसी की थी तो तमिलनाडु बिजली अधिशेष राज्य बन गया था। इसके अलावा जयललिता ने पुलिस में एंटी लैंड ग्रैबिंग सेल का गठन कर डीएमके सदस्यों द्वारा हड़पे गए जमीनों को वापस प्राप्त किया था। राज्य की जनता डीएमके के उस शासन को कभी नहीं भुलेगी जिसमें पार्टी ने राज्य को अंधेरे में पहुंचा दिया था। अगर आगामी विस चुनाव में डीएमके फिर से वापसी करती है तो राज्य में फिर से अंधेरे का राज आ जाएगा और लोगों की मेहनत से ली गई जमीन डीएमके के गुंडे हथिया लेंगे।

 


-कोरोना राहत पर डाला प्रकाश
अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पलनीस्वामी ने कहा बाढ़, सूखा और कोरोना महामारी के बीच सरकार वित्तीय सहायता और मुफ्त खाद्य वस्तु प्रदान कर गरीबों के बचाव के लिए आगे आई थी। उन्होंने कहा कि 2020 पोंगल उपहार के तहत 1 हजार, कोविड राहत के तहत 1 हजार और पोंगल 2021 में 2500 प्रदान किया गया। इस प्रकार से पिछले एक साल में राज्य की जनता में सरकार ने 4500 को वितरण कर दिया है, जबकि सरकार कोरोना से उत्पन्न हुए संकट का अभी भी सामना कर रही है।

 

उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई शिकायत निवारण प्रणाली पर भी प्रकाश डाला। राज्य के प्रत्येक जिले में मुख्यमंत्री विशेष निवारण प्रणाली शुरू करने के बाद सरकार को 9.७७ लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 5.२५ लाख शिकायतों का निवारण किया जा चुका है। राज्य की जनता ने सरकार द्वारा शुरू 1100 शिकायत निवारण प्रणाली को भी स्वीकार कर लिया है। वहीं स्टालिन, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन मंत्री और उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद कुछ नहीं किया, अब लोगों की शिकायतों को प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन शिकायतों का हल निकाला नहीं जाएगा।

 


-जल निकायों का नवीनीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा लोक निर्माण विभाग के तहत 14 हजार झील और स्थानीय निकाय के नियंत्रण के तहत आने वाले 26 हजार जल निकायों का नवीनीकरण किया गया है। इसके अलावा विस चुनाव में सत्ता वापसी करने के बाद सरकार द्वारा श्रीवैकुंड्रम चेक डैम के ऊपर एक बांध निर्माण के साथ ही सैकड़ों चेक डैम का निर्माण भी कराया जाएगा। सरकारी विद्यार्थियों के लिए मेडिकल प्रवेश में प्रदान किए जाने वाले 7.५ प्रतिशत आरक्षण की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल 435 विद्यार्थी मेडिसीन और डेंटल प्रोग्राम में शामिल हुए हैं।

 

तिरुचंदूर में महिलाओं को संबोधित करते हुए पलनीस्वामी ने कहा राज्य सरकार, जो शादी में सहायता के लिए 99 हजार महिलाओं को 8 ग्राम गोल्ड और 50 हजार नकदी प्रदान की थी, इस साल अप्रेल से पहले एक और लाख महिलाओं को यह सहायता प्रदान करेगी। महिला सेल्फ हेल्फ ग्रुप को के्रडिट लिंकेज पर उन्होंने कहा कि परिक्रामी निधि के तौर पर 82 हजार करोड़ देने के अलावा महामारी के दौरान भी 12 हजार करोड़ प्रदान की गई।

Vishal Kesharwani
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