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CM स्टालिन समेत विभिन्न नेताओं ने तीन कृषि कानून वापस लेने का स्वागत किया

अय्याकन्न के किसानों ने जगह-जगह जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं और और एक-दूसरे को बधाई दी।

चेन्नई

Published: November 19, 2021 04:20:42 pm

चेन्नई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों विवादित कृषि कानून वापस लेने की घोषणा पर शुक्रवार दोपहर को तमिलनाडु में किसानों के संघर्ष की जीत का जश्न मनाया गया। राज्य में किसानों में खुशी का माहौल है। वहीं अय्याकन्नु किसान द्वारा एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है। मिठाइयां भी बांटी जा रही हैं। किसानों ने जगह-जगह जश्न भी मनाया। अय्याकन्न के किसानों ने जगह-जगह जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं और और एक-दूसरे को बधाई दी।

TN politicians welcomed three farmers bill withdrawn
TN politicians welcomed three farmers bill withdrawn

वहीं सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी पीएमके ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा का स्वागत किया है। मोदी की घोषणा का स्वागत करते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि यह किसान के अहिंसक विरोध की जीत है। स्टालिन ने कहा कि इतिहास सिखाता है कि लोकतंत्र में लोगों के विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए। अधिकारों को वापस हासिल करने में अहिंसक विरोध की जीत साबित करती है कि भारत महात्मा गांधी का देश है।

स्टालिन ने यह भी कहा कि डीएमके को किसानों के साथ विरोध करने और राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करने पर गर्व हो सकता है जिसमें केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने का आग्रह किया गया है।

तमिलनाडु के नगर प्रशासन मंत्री के.एन. नेहरू ने कहा कि यह डीमएके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पहले तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की थी। डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों की वापसी हमारे किसानों के लिए एक बड़ी जीत है और हमारे लोकतंत्र के लिए एक बड़ी जीत है।
उन्होंने कहा कि यह हमारे विश्वास को बहाल करता है कि राजा की आवाज लोगों की आवाज के अनुरूप होनी चाहिए।

पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने बताया कि किसानों के फायदे के लिए कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय स्वागत योग्य है। रामदास ने कहा कि एक साल से ज्यादा के विरोध के दौरान 150 किसानों की जान जाने के बावजूद कानूनों को वापस लेना उनकी जीत है।

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