भ्रष्टाचार को रोकने के लिए तालुक, वीएओ कार्यालयों का निरीक्षण करें अधिकारी: मद्रास हाईकोर्ट

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए तालुक, वीएओ कार्यालयों का निरीक्षण करें अधिकारी: मद्रास हाईकोर्ट

shivali agrawal | Updated: 14 Aug 2019, 06:08:18 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

madurai में गांव प्रशासनिक अधिकारियों (वीएओ) द्वारा रिश्वत लेकर जन्म और मृत्यु समेत अन्य प्रमाणपत्र जारी करने के बढ़ते मामले पर संज्ञान लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को उच्च अधिकारियों और सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीएवीसी) को तालुक और वीएओ के कार्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

-डीएवीसी द्वारा हो छापेमारी
मदुरै. गांव प्रशासनिक अधिकारियों (वीएओ) द्वारा रिश्वत लेकर जन्म और मृत्यु समेत अन्य प्रमाणपत्र जारी करने के बढ़ते मामले पर संज्ञान लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को उच्च अधिकारियों और सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीएवीसी) को तालुक और वीएओ के कार्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। न्यायाधीश एस.एम सुब्रमणियम ने यह निर्देश कालेश्वरी नामक याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता अपने दूसरे पति अम्बेडकर की मौत के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए याचिका दायर की थी। अम्बेडकर किसी सरकारी विभाग में चौकीदार के तौर पर कार्य करता था। उसने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर कलेश्वरी से शादी की थी। कलेश्वरी पहले से ही शादीशुदा थी लेकिन पहले पति से तलाक लिए बगैर ही उसने अम्बेडकर से शादी कर ली। वीएओ ने अम्बेडकर और कलेश्वरी की दूसरी शादी का उल्लेख करते हुए प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। साथ ही उसमें उल्लेख किया कि कलेश्वरी का पहले पति से तलाक भी हो चुका है। याचिका को अस्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने राजस्व विभाग और कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिवों को अनुशासन और अपील के नियमों में संशोधन या फिर से सभी नियमों पर मसौदा तैयार करने के लिए समीक्षा कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। ताकि तालुक और वीएओ कार्यालयों में इस तरह के अपराध करने वाले अधिकारियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और आरोप साबित होने पर उचित दंड दिया जा सके। साथ ही न्यायाधीश ने उच्च और डीवीएसी अधिकारियों को अचानक से निरीक्षण करने का आदेश जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला कलक्टरों को वीएओ की संपत्ति का सत्यापन करने को भी कहा है। अगर कलक्टर किसी अधिकारी को भ्रष्टाचार में लिप्त पाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करें। उन्होंने अधिकारियों से वीएओ को परिपत्र जारी कर प्रमाणपत्र जारी करने के विवरण के लिए रजिस्टर तैयार करने निर्देश दिया।

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