राज्य में फिर मूसलाधार बारिश

राज्य में रविवार रात से लगातार जारी मूसलाधार बारिश की वजह से चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों के स्कूल बंद रहे। इस संबंध में जिला प्रशासन ने निर्

By: मुकेश शर्मा

Published: 14 Nov 2017, 04:58 AM IST

चेन्नई।राज्य में रविवार रात से लगातार जारी मूसलाधार बारिश की वजह से चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों के स्कूल बंद रहे। इस संबंध में जिला प्रशासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के चलते राज्य के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

चेन्नई जिले के कलक्टर वी. अन्बुसेल्वम ने बताया, उत्तर-पूर्वी मानसून की वजह से चेन्नई और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसी वजह से छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए चेन्नई में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। पिछले 21 घंटे में चेन्नई में 6 .6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

भारी बारिश की वजह से राज्य के तटीय इलाकों में पिछले दिनों भी एक सप्ताह के लिए स्कूल बंद कर दिए गए थे। स्थिति सामान्य होने पर ये स्कूल मंगलवार को खुले थे। अब एक बार फिर बारिश शुरू होने से स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते बारिश से जुड़ी घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई थी। केवल आठ दिनों में ही चेन्नई में पूरे सीजन की तीन-चौथाई बारिश हो गई थी। भारी बारिश के कारण शहर के स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान, आईटी प्रतिष्ठान सब बंद कर दिए गए थे।

बारिश ने बढ़ाई नमक की कीमत

दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय इलाकों में लगातार हो रही बरसात के चलते नमक का उत्पादन सामान्य रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही नमक व्यापारियों द्वारा बाजार में नमक की अधिक मांग की हवा बनाई जा रही है जिससे कीमत 600 से 1000 रुपए प्रति टन तक पहुंच चुकी हैं।

गौरतलब है कि राज्य की कुल मांग के अधिकांश भाग की पूर्ति प्रदेश के तुत्तुकुड़ी, रामनाथपुरम, मरक्कनम तथा वेदारण्यम तटीय जिलों द्वारा की जाती है तथा यहां से प्रति वर्ष 40 लाख टन नमक का उत्पादन किया जाता है। केवल तुतुकुड़ी के तटीय इलाकों से ही एक साथ में 25 लाख टन नमक का उत्पादन किया जाता है। तमिलनाडु के अलावा पड़ोसी राज्य केरल, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में भी यहां से नमक भेजा जाता है। औसतन नमक निर्माता 500 रुपए प्रति टन की दर से नमक की बिक्री करते हैं लेकिन भारी बरसात के चलते इस बार इसकी कीमत 1000 रुपए प्रति टन पर पहुंच गई है।
तूतीकोरिन लघु स्तरीय नमक निर्माता संघ के सचिव धनबालन ने कहा कि नमक के उत्पादन के लिए मार्च से अक्टूबर तक का समय सबसे उपयुक्त रहता है। मानसून में देरी के चलते उत्पादन के पहले चरण के दौरान जून-जुलाई में 400 से 600 रुपए प्रति टन की दर से नमक की बिक्री की गई थी। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होने वाले मानसून में देरी के चलते तुत्तुकुड़ी के तटीय इलाकों में नमक का उत्पादन बढ़ा तो है लेकिन व्यापारियों को अभी तक इसका लाभ नजर नहीं आ रहा है। इस बीच नमक निर्माता पी. गणपति षनमुगमने बताया कि कच्चा नमक को एचएम. एलडी. तथा टुकड़ों-टुकड़ों में पैक किया जाता है। ये नमक मुख्य रूप से कर्नाटक एवं तमिलनाडु में प्रयुक्त होते हैं।

कीमत 1100 रुपए प्रति टन पहुंचने की संभावना

गुजरात के बाद तमिलनाडु देश का दूसरा सबसे बड़ा नमक उत्पादक राज्य है। लोगों को लग रहा है कि भारी बारिश के चलते नमक की कीमत 1100 रुपए प्रतिटन पहुंच सकती है। लोगों की इसी सोच को भुनाने के लिए लिए व्यापारियों द्वारा नमक की अधिक मांग की हवा फैलाई जा रही है जिससे कीमत बढ़ाई जा सके। नमक उत्पादन के क्षेत्र में मजदूरी करने वाले कन्नीमुत्तु ने बताया कि अक्टूबर से मध्य जनवरी तक वे बेरोजगार रहते हैं। नमक तैयार करने का काम भी खेती की तरह की होता है और सीजन के दौरान उन्हें 170 से 210 रुपए तक प्राप्त होते हैं। प्रारंभिक चरण में 5 सेंट के नमक के यार्ड में 20 टन नमक पैदा होता है लेकिन इस बार यह 40 से 100 टन तक जा सकता है।

 

 

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मुकेश शर्मा Reporting
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