परिवहनकर्मी हड़ताल पर

बस अड्ड़ों व डिपो में रोकी बस, यात्री परेशान
सरकार से वार्ता विफल

By: P S VIJAY RAGHAVAN

Published: 04 Jan 2018, 09:39 PM IST



चेन्नई. तमिलनाडु के विभिन्न परिवहन निगमों टीएनएसटीसी, एसईटीसी और एमटीसी के चालक और कंडक्टर गुरुवार शाम अचानक से हड़ताल पर चले गए। चेन्नई, तिरुचि, मदुरै, दिण्डीगुल, सेलम समेत राज्यभर में इसका व्यापक असर दिखाई दिया। सभी बस स्टैंडों पर यात्री अबूझ हालत में दिखाई दिए। जबकि सरकार का दावा है कि ३२ संघों ने २.४४ प्रतिशत की वेतनवृद्धि को स्वीकार कर लिया है। वार्ता में विपक्षी दलों तोझिल मुनेत्र संघ और सीटू समेत १३ संघ रजामंद नहीं हुए।
सूत्रों के अनुसार परिवहन निगम कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों और परिवहन मंत्री एमआर विजय भास्कर के बीच वेतन समझौते को लेकर हुई वार्ता में विपक्षी दलों तोझिल मुनेत्र संघ और सीटू समेत १३ संघ रजामंद नहीं हुए। वार्ता विफल होने की सूचन आग ेकी तरह फैली और राज्य में जहां-तहां बस डिपो और टर्मिनस में बस रोक दी गई।
अचानक हुई इस हड़ताल ने महानगर ही नहीं राज्य के विभिन्न इलाके में लोगों को परेशान किया। जो लोग ऑफिस खत्म कर घर वापसी की तैयारी में थे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अपना विरोध जताने के लिए परिवहनकर्मियों ने रोड पर ही वाहन लगाकर यातायात जाम कर दिया। जिसके कारण यातायात बाधित रहा। कुछ इलाकों में सवारियों को जबरन बस से उतार कर उन्हें पैदल जाने के लिए मजबूर किया गया।
कोयम्बेडु बस टर्मिनस में बस सुविधा के अभाव में यात्रियों ने भी हंगामा और प्रदर्शन किया। शाम के छह बजे के बाद तिरुवान्म्यूर, वडपलनी, ताम्बरम, आवडी, पूंदमल्ली और अय्यपतांगल डिपो से बसों का संचालन ही नहीं हुआ।
अन्य हिस्सों प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के अन्य जिलों में भी कमोबेस ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। चेन्नई, तिरुचि, मदुरै, दिण्डीगुल, सेलम समेत राज्यभर में इसका व्यापक असर दिखाई दिया। सभी बस स्टैंडों पर यात्री अबूझ हालत में दिखाई दिए। वार्ता विफल होने की सूचन आग ेकी तरह फैली और राज्य में जहां-तहां बस डिपो और टर्मिनस में बस रोक दी गई।

P S VIJAY RAGHAVAN
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