पौधरोपण के जरिए ही पर्यावरण की रक्षा

आने वाले दिनों में प्रदेश को करेंगे हरियाली से आच्छादित, राजस्थान पत्रिका का हरित प्रदेश अभियान

By: Ashok Rajpurohit

Published: 07 Jul 2019, 07:05 PM IST

चेन्नई. हमें अधिकाधिक पौधे लगाने चाहिए। इसी से पर्यावरण की शुद्धि बनी रह सकेगी। मौजूदा दौर में पौधरोपण की अधिकाधिक जरूरत महसूस की जा रही है। पौधरोपण के जरिए ही हम पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। अखिल भारतीय जाट महासभा तमिलनाडु के प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमाराम गोदारा कुड़छी ने यह बात कही। इस अवसर पर मन्दवल्लीपाक्कम इलाके के अल्फोन्स खेल मैदान परिसर में पौधरोपण किया गया।
राजस्थान पत्रिका के हरित प्रदेश कार्यक्रम के तहत उन्होंने कहा कि बरसात न होने का एक कारण जंगलों की कटाई भी है। इस दिशा में सोचना होगा। यदि अभी नहीं चेते तो भविष्य में हालात और अधिक विकट होंगे। जंगल कटते जा रहे हैं। हमें चेतना होगा। हम अधिकाधिक पौधे लगाएं। गोदारा ने कहा कि हरियाली से ही देश हरा-भरा होगा। पेड़ों को बचाना व उनका संरक्षण हमारा दायित्व बनता है। हम अधिकाधिक पौधे लगाने साथ ही उनकी नियमित सार-संभाल करें। इस मौके पर पौधरोपण का संकल्प लिया गया। गोदारा ने कहा कि राजस्थान पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान के साथ मिलकर अगले दिनों में विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा। इसकी शुरुआत कर दी गई है। इसे अब आगे जारी रखा जाएगा। अधिक वन क्षेत्र होगा तो बरसात भी अधिक होगी। जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी है। पौधरोपण करने से ज्यादा संरक्षण महत्व रखता है। इसलिए जरूरी है कि पौधरोपण करने के बाद उसकी नियमित देखभाल की जाएं। तभी लगातार कम होते पौधों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। जब भी हो सके अपनी सुविधानुसार एक पेड़ अवश्य लगाएं।

प्रारम्भ में राजस्थान पत्रिका चेन्नई के मुख्य उप संपादक अशोकसिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान की जानकारी दी।
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पेड़-पानी बचने से ही भविष्य सुरक्षित
हमारी सभ्यता एवं संस्कृति में पेड़ों का विशेष महत्व रहा है। वे देव तुल्य माने गए हैं। जंगलों के कटने एवं जलवायु परिवर्तन के कारण अब मानसून का सत्र घट गया है। तालाब, नदियां आज सूखने के कगार पर है। हालात विकट होते जा रहे हैं। लगातार जलस्तर घट रहा है। यह हमारे लिए चिंतनीय है। वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित धुएं एवं दूषित पानी से जल एवं जमीन भी प्रदूषित हो रही है। पेड-पानी बचने से ही हमारी जिंदगी व भविष्य सुरक्षित रह सकेगी। इसके लिए जरूरी है कि हम अधिकाधिक पौधरोपण करें।
-ईश्वर सारण, सामाजिक कार्यकर्ता।
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ठोस कदम उठाने की जरूरत
हमारे देश में पानी का मुख्य ोत मानसून ही है। केवल बातों से कुछ नहीं होने वाला। ठोस कदम उठाने की जरूरत है। भारत जैसे प्रकृति पूजक देश में पर्यावरण पर गंभीर संकट खड़े हैं। इससे निपटने में पौधरोपण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
-सेंथिल कुमार, हैड कांस्टेबल।
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पर्यावरण शुद्ध तो हम स्वस्थ
पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। पेड़ों की कमी से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण से हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पर्यावरण में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित रखने में पेड़-पौधे हमारी मदद करते हैं। हमें स्वयं पेड़-पौधे लगाने के साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। पर्यावरण शुद्ध रहेगा तो हम स्वस्थ रह सकेंगे।
-सुगनाराम गोदारा, बिजनसमैन।
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बरसात में सहायक पौधे
पौधे हमें आक्सीजन देते हैं। पौधे बरसात में भी सहायक होते हैं। हमें अधिकाधिक पौधे लगाने चाहिए। मैं मेरे मित्रों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करूंगा।
-उमेश्वर, चौथी कक्षा का छात्र।
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Ashok Rajpurohit
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