तेनी लोकसभा सीट : त्रिकोणीय मुकाबले में पिछड़ती कांग्रेस

तेनी लोकसभा सीट : त्रिकोणीय मुकाबले में पिछड़ती कांग्रेस

Santosh Tiwari | Publish: Apr, 15 2019 06:50:44 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

अन्नाद्रमुक के दो धड़े में चुनावी संघर्ष

चेन्नई. पर्वतीय क्षेत्र तेनी की सुखानुभूति कराने वाली वादियों का पारा फिलहाल लोकसभा चुनाव की वजह से गर्म है। चुनावी संघर्ष देखा जाए तो अन्नाद्रमुक परिवार में ही कहा जाएगा। विपक्षी गठबंधन से कांग्रेस उम्मीदवार ईवीकेएस इलंगोवन टक्कर दे रहे हैं जो मतों के बिखराव को बुनियाद बताकर अपनी जीत घोषित कर चुके हैं। तेनी लोकसभा सीट में दो विधानसभाएं मदुरै जिले की है। यह नई लोकसभा सीट है, जो 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आई। पर्यटनीय स्थलों की वजह से लोकप्रिय तेनी पहाड़ी वादियों व बैलगाड़ी दौड़ के लिए विख्यात है। यहां कई बांध और नदियां भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां चुनाव रैली की। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर चुके हैं।

  • रोचक मुकाबला

स्थानीय मसलों के अलावा पार्टियों द्वारा चुने गए प्रत्याशियों के प्रति असंतोष से कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। कांगे्रस ने हारुण रशीद की बजाय ईवीकेएस को टिकट दिया। इससे स्थानीय कांग्रेसी नाराज है।
ओपीएस पर वंशवाद का आरोप लगा है क्योंकि उन्होंने मौजूदा सांसद का टिकट काटकर बेटे रविन्द्रनाथ कुमार को आगे कर दिया।
तीसरे प्रमुख प्रत्याशी तंग तमिलसेल्वन मूल रूप से एआईएडीएमके के ही हैं तथा फिलहाल दिनकरण गुट में हैं। मतदाताओं को पांच हजार रुपए तक की रिश्वत देने का आरोप लगा चुके तंग तमिलसेल्वन को उनके नेता टीटीवी दिनकरण की प्रभुसत्ता पर यकीन है। दिनकरण पेरीयकुलम लोकसभा सीट से एक बार सांसद चुने गए थे। तमिलसेल्वन का भी अच्छाखासा रुतबा है। २००१ में उन्होंने जे. जयललिता के लिए आण्डीपट्टी सीट छोड़ी थी। जयललिता ने वह उपचुनाव जीता और मुख्यमंत्री बनी थी। तेनी एआईएडीएमके का गढ़ रही है। मुक्कुलत्तूर समुदाय के वोटर्स ही हार-जीत तय करने की स्थिति में हैं। अन्नाद्रमुक और एएमएमके प्रत्याशी दोनों ही इस समुदाय से हंै।

  • सीट का इतिहास

इस सीट 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में एक-एक बार कांग्रेस और एआईएडीएमके ने जीत दर्ज की। एआईएडीएमके के आर. पात्र्तिपन यहां से सांसद हैं। 2009 में कांग्रेस के जे. एम. हारुण रशीद जीत हासिल की थी। पिछले चुनाव में पात्र्तिपन को 571254 वोट मिले थे और डीएमके प्रत्याशी 256722 वोट के साथ दूसरे नम्बर पर थे। मौजूदा सांसद की लोकसभा में उपस्थिति 81 फीसदी रही और सांसद निधि से 81.76 फीसदी रकम अपने क्षेत्र के विकास पर खर्च कर संतोषजनक प्रदर्शन के बाद भी दोबारा टिकट हासिल नहीं कर सके। यह टिकट पार्टी संयोजक और उपमुख्यमंत्री के पुत्र रविन्द्रनाथ कुमार को दी गई है जो अपने पिता के नक्शे कदम पर चलकर जीतना चाहते हैं। यह लोकसभा सीट शोलवंदान, उसलमपट्टी, आंडीपट्टी, पेरीयकुलम, बोडिनायकनूर और कम्बम में बंटी है। बोडि से उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम विधायक हैं।

प्रमुख मसले

  • मुल्लै पेरियार बांध का मसला
  • पश्चिमी घाट का संरक्षण
  • पर्वतीय गांवों के लोगों की समस्याएं
  • गहराता पेयजल संकट
  • न्यूट्रीनो प्रोजेक्ट का खतरा
  • सबरीमला आवाजाही के लिए ट्रेनप्रमुख प्रत्याशी
  • पी. रविन्द्रनाथ कुमार अन्नाद्रमुक
  • ईवीकेएस इलंगोवन कांग्रेस
  • तंग तमिलसेल्वन एएमएमके
    कुल मतदाता १५५४०५१ कुल प्रत्याशी ३०
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