दस साल से लोगों को बना रहे थे ठगी का शिकार

फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को लगाया करोड़ों का चूना

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 24 Jul 2018, 10:41 PM IST

चेन्नई. सेंट्रल क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने धोखाधड़ी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जेरोक्स की दुकान में काम करने वाले दो शातिर लोगों को गिरफ्तार किया है जो दस साल से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। दोनों फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से करोड़ो रुपए के होम अप्लायंसेज का लोन लेकर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपी राजेश (२५) और विनोद (३०) हैं। दोनों एक जेरोक्स दुकान में काम करते हैं।
पुलिस ने बताया कि दोनों दूसरे लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर १२ से अधिक बैंकों को चूना लगा चुके हैं। मामला तब प्रकाश में आया जब बैंक ने आईटीकर्मी युवराज (३०) की सैलरी उसके लोन की किस्त चुकाने के लिए रोक दी जिसके बाद उसने बैंक और सीसीबी पुलिस में शिकायत की।
सीसीबी अधिकारियों के अनुसार युवराज की सैलरी एचडीएफसी बैंक में आती है लेकिन बैंक ने उसकी सैलरी उसके अकाउंट में क्रेडिट नहीं की। उसने जब उक्त बैंक से संपर्क किया तो बैंक के कर्मचारियों ने उसके द्वारा लिए गए लोन की किस्त चुकाने के लिए सैलरी रोकने की बात कही। उसने बैंक कर्मचारियों को बताया कि उसने कभी लोन लिया ही नहीं। बैंक अधिकारियों ने पैन कार्ड से लेकर अन्य दस्तावेज दिखाए जो उसके नाम पर थे लेकिन तस्वीर अलग लगाई गई थी। मामले को भांपते हुए उसने सीसीबी पुलिस में शिकायत की।

  • ऐसे ठगते थे लोगों को

पुलिस ने बताया कि दोनों दुकान में जेरोक्स कराने के लिए आने वाले लोगों के दस्तावेजों की अलग कॉपी बना लेते थे और फोटो बदलकर उन्हीं दस्तावेजों की मदद से अलग-अलग बैंक से लोन पर होम अप्लायंसेज खरीद लेते थे और उन उत्पादों को ओएलएक्स और बर्मा बाजार में बेच देते थे। ऐसे ही उन्होंने कई लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है। पुलिस ने उनसे फर्जी क्रेडिट कार्ड, फर्जी पैन कार्ड, फर्जी आधार कार्ड सहित कई अन्य दास्तावेज बरामद किए हैं।

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