चेन्नई में बारिश के बाद टाइफाइड के मामले बढ़े

चेन्नई में बारिश के बाद टाइफाइड के मामले बढ़े

By: Ashok Rajpurohit

Published: 23 Jan 2021, 08:33 PM IST

चेन्नई. इस साल डेंगू और मलेरिया के मामलों में गिरावट देखी गई है। लेकिन शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टाइफाइड के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले बहुत गंभीर नहीं हैं लेकिन पिछले दो हफ्तों से संख्या बढ़ रही है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को डेंगू, मलेरिया, हैजा और टायफाइड के प्रकोप को रोकने के निर्देश दिए थे। हालांकि, शहर के कई हिस्सों में मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
वडपला अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा, बुखार के प्रकारों के बीच हम पिछले दो हफ्तों से इलाके में टाइफाइड में वृद्धि देख रहे हैं। ज्यादातर मरीज बच्चे थे। हालांकि हम पीएचसी स्तर पर अधिकांश रोगियों का उपचार तरल पदार्थों और दवाओं के साथ कर रहे थे, लेकिन अन्य को अस्पताल में भर्ती करने और सरकारी अस्पतालों में भेजने की आवश्यकता थी।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि बारिश के बाद टाइफाइड के मामले बढ़ गए हैं और बाढ़ से प्रभावित इलाकों से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। आमतौर पर बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया और अन्य प्रकार के बुखार के मामले सामने आते हैं। हालांकि, इस साल डेंगू और मलेरिया के मामले काफी कम हैं, लेकिन हर दिन कुछ टाइफाइड के मामलों को पीएचसी में लाया जा रहा है। नवजात शिशुओं से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चे टाइफाइड के कारण बीमार पड़ रहे हैं
टाइफाइड के लगभग 50 प्रतिशत मामले दूषित पानी के सेवन के कारण होते हैं। आईसीएच में बाल रोड विशेषज्ञ डॉ. मोहन कुमार ने कहा कि बाहर का खानाऔर दूषित पानी का सेवन करना कुछ सामान्य कारण हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसे मामलों को ट्रैक करने और निवारक उपाय करने के लिए निर्देशित किया गया है।

Ashok Rajpurohit
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