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Vikravandi By Election : जातिगत जनगणना की सीढ़ी पर लड़ा जा रहा चुनाव, आरक्षण बड़ा मसला

Vikravandi By Election

चेन्नईJul 03, 2024 / 07:08 pm

P S VIJAY RAGHAVAN

Vikravandi By Election
चेन्नई. पांच साल के भीतर दूसरी बार उपचुनाव का सामना कर रहे विक्रवांडी विधानसभा उपचुनाव में जातिगत जनगणना के मसले को उछाला जा रहा है। इस सीट पर वन्नियर समुदाय का प्रतिनिधित्व है। मोटे तौर पर मुकाबला डीएमके और पीएमके हैं, लेकिन क्षेत्रीय राजनीतिक दल का तमगा हासिल कर चुकी नाम तमिलर कच्ची की मौजूदगी से वोटों के बिखराव को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। द्रमुक विधायक एन. पुगलेंदी के निधन की वजह से यहां उपचुनाव हो रहे हैं। दस जुलाई को मतदान होगा।
सत्तारूढ़ डीएमके को यकीन है कि पुगलेंदी की मृत्यु की वजह से पार्टी को सहानुभूति प्राप्त है और वह आसानी से चुनाव जीत जाएगी, लेकिन इसके बाद पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने मंत्रिमंडल के लगभग सभी सदस्यों को चुनाव कार्य में लगा दिया है। सीएम और उनके मंत्री पुत्र उदयनिधि स्टालिन की रैली भी वहां होनी है।
प्रमुख प्रत्याशी वन्नियर जाति के

उपचुनाव में तीनों उम्मीदवार प्रभावशाली वन्नियर समुदाय से हैं। वन्नियरों के अलावा दलितों का भी वोट बैंक है।डीएमके ने पार्टी के खेतिहर मजदूर विंग के सचिव अन्नियुर शिवा को मैदान में उतारा है, जबकि एनडीए गठबंधन के हिस्से के रूप में पीएमके ने सी. अन्बुमणि को टिकट दिया है। नाम तमिलर कच्ची ने डा. अभिनया को मैदान में उतारा है। कल्लाकुरिची में जहरीली शराब कांड से मरे साठ से अधिक लोगों की घटना पर सरकार को घेरा जा रहा है, तो डीएमके के मंत्री गण कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर पैठ बना रहे हैं। साथ ही डीएमके पूर्व विधायक पुगलेंदी की लोकप्रियता को भी भुनाने में लगी है।
पीएमके का दांव

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से चुनाव आयोग की मान्यता गंवा चुकी पीएमके, डीएमके सरकार पर जाति जनगणना नहीं कराने का आरोप लगाकर लोगों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में है। पीएमके अध्यक्ष अन्बुमणि रामदास की अध्यक्षता में पार्टी, वन्नियर समुदाय का समर्थन जुटाने के लिए घर-घर दस्तक दे रही है। पीएमके के चुनाव प्रचार में डीएमके को वन्नियर विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जातिगत जनगणना को लेकर सरकार पहले ही सदन में प्रस्ताव पारित कर गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल चुकी है।
पिछला विस चुनाव

सी. अन्बुमणि ने 2016 के विधानसभा चुनाव में 41,119 वोट हासिल किए थे, जबकि अन्नाद्रमुक को 56,622 और द्रमुक को 63,203 वोट मिले थे। उस समय पीएमके को कुल वोटों का 23.19% से अधिक वोट मिला था। पीएमके को यही आस है कि वह अपना पुराना जलवा बिखेर सकेगी। इस उपचुनाव का अन्नाद्रमुक और डीएमडीके ने बहिष्कार कर दिया है। ऐसे में इन दोनों पार्टियों के वोटों का रुझान जिस ओर होगा, उस पार्टी का पलड़ा भारी होने की संभावना है। 2011 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई सीट पर 2019 में उपचुनाव हुआ था। 2021 के विस चुनाव में पुगलेंदी ने अन्नाद्रमुक प्रत्याशी को 9573 मतों के अंतर से हराया था। उस वक्त नाम तमिलर कच्ची को 8216 वोट मिले थे और पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी।
निर्वाचन क्षेत्र के मसले

कृषि प्रधान इस सीट के किसान धान की फसल के लिए सिंचाई पर निर्भर है, लेकिन उनको पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। कनाई ब्लॉक में पाम्बै नदी पर चेक डैम का निर्माण किसानों की लंबे समय से मांग रही है। स्थानीय लोगों की अन्य मांगों में अन्नियुर में एक सरकारी कला और विज्ञान महाविद्यालय, वेम्बी पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अपग्रेडेशन आदि है। इसके अलावा वन्नियर समुदाय जहां उसकी आबादी के अनुरूप आरक्षण चाहता है तो दलितों की मांग है कि उनके साथ सामाजिक न्याय हो।
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