scriptWorking women : Low LPR, lesser job for womens and youths | Working women : एलपीआर का हाहाकार, युवाओं और महिलाओं को नहीं मिल रहा रोजगार | Patrika News

Working women : एलपीआर का हाहाकार, युवाओं और महिलाओं को नहीं मिल रहा रोजगार

Working women :
सरकार का दावा शिक्षार्जन का भी एलपीआर पर असर
सीएमआईई के अनुसार मार्च में एलपीआर ३९.५ प्रतिशत

चेन्नई

Published: May 16, 2022 01:09:42 pm

Working women :

श्रम सहभागिता दर (एलपीआर) में गिरावट की जिस तरह से व्याख्या हो रही है वह चिंताजनक है कि कार्य लायक आबादी रोजगार से मुंह मोड़ रही है। यह देश और राज्य की सरकारों के लिए खतरे की घंटी है। रोजगार से मुंह फेर रहे लोगों के कारण और समाधान खोजने की प्रक्रिया अभी से शुरू करनी होगी ताकि महामारी से उबर रही अर्थव्यवस्था को और अधिक आघात नहीं पहुंचे।
unemploymentxxx.jpg
Working women

बात यहां सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी ( सीएमआईई ) के अप्रैल के दूसरे सप्ताह के रोजगार रिपोर्ट की है। रिपोर्ट में भारत में श्रम भागीदारी दर (एलपीआर) ३९.५ प्रतिशत है जो आलोच्य अवधि फरवरी २०२२ के ३९.९ से भी कमतर है। यह वह महीना है जहां देश में महामारी नहीं के बराबर थी। ऐसे में एलपीआर का घटना अर्थ विश्लेषकों को चुभ रहा है।

यह है एलपीआर
एलपीआर का आशय कार्य योग्य आबादी की गिनती से है। किसी देश का एलपीआर इस बात का द्योतक है कि वहां कितने लोग कार्य कर रहे हैं अथवा तत्परता से नौकरी की तलाश कर रहे हैं। इसका कम होना यह बताता है कि शेष आबादी को रोजगार नहीं है अथवा वे उद्यत नहीं हो रहे। एलपीआर का इस तरह घटना ऐसे लोगों की बढ़ी संख्या को दर्शाता है जो नौकरी तलाशने से निराश हो चुके हैं।

रोजगार को लेकर निराशा
बकौल श्रम विशेषज्ञ, रोजगार प्राप्ति को लेकर निराश बड़ा तबका शिक्षित हैं। सीएमआईई के सर्वेक्षण में शामिल आबादी 15 से 64 आयु-वर्ग की थी। इसमें शिक्षा पूरी कर चुके और 15 से 29 आयु वर्ग के लोग अधिक जुड़ रहे हैं। ऐसे युवा जिनको साल दर साल नौकरी नहीं मिलती तो वे अपने प्रयास रोक देते हैं एलपीआर में स्थाई रूप से शामिल हो जाते हैं। हालांकि एलपीआर को लेकर सरकार का नजरिया यह है कि कार्य योग्य आबादी का बड़ा हिस्सा शिक्षा ग्रहण में लगा है और नौकरी नहीं तलाश रहा।

एलपीआर के फैक्ट फाइल
- मार्च में श्रम बल में ३८ लाख लोगों की कमी
- यह आंकड़ा जुलाई २०२१ के बाद का सबसे कम
- नौकरी हासिल करने में संघर्ष होने पर लोग नहीं लेते दिलचस्पी
- प्रतिवर्ष ५० लाख नए युवा तलाशते हैं नौकरी
- महिला श्रम शक्ति में गिरावट और पुरुषों की तुलना में कम अवसर
----------------
कम्फर्ट जोन से बाहर आना होगा
देश में अवसरों की कमी नहीं है। युवा आबादी का नौकरी तलाशने से मोहभंग होना सही प्रतीत नहीं होता। शायद वे आरामपसंद होने लगे हैं। उनको कम्फर्ट जोन से बाहर आना होगा और जॉब को लेकर उनकी जो सोच है उसे बदलना होगा। वे स्वयं का 'आइडलÓ नहीं रख सकते 'स्ट्रगलÓ तो करना ही होगा। महिलाओं को अवसर में कमी शायद यह इशारा है कि नियोक्ता फिलहाल यह मानते हैं कि मौजूदा परिप्रेक्ष्य में उनको दिए गए मौके से वे न्याय नहीं कर पाएं।
- भवानी शिवम, श्रम मामलों की विशेषज्ञ (समर्थना कार्पाेरेट सर्विसेज)

पांच साल में ६ फीसदी घटी एलपीआर
'सरकार लंबे समय से इस बात को नकार रही है कि देश में रोजगार की समस्या बड़ी हो चुकी है। 2017 से 2022 के बीच कुल श्रम सहभागी दर यानी एलपीआर, 46 फीसदी से गिरकर 40 फीसदी पर पहुंच गई है।Ó
- सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: खतरे में MVA सरकार! समर्थन वापस लेने की तैयारी में शिंदे खेमा, राज्यपाल से जल्द करेंगे संपर्क?Maharashtra Political Crisis: एकनाथ शिंदे की याचिका पर SC ने डिप्टी स्पीकर, महाराष्ट्र पुलिस और केंद्र को भेजा नोटिस, 5 दिन के भीतर जवाब मांगाMaharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट से शिंदे खेमे को मिली राहत, अब 12 जुलाई तक दे सकते है डिप्टी स्पीकर के अयोग्यता नोटिस का जवाबPM Modi in Germany for G7 Summit LIVE Updates: 'गरीब देश पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं, ये गलत धारणा है' : G-7 शिखर सम्मेलन में बोले पीएम मोदीयूक्रेन में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग सेंटर पर रूस ने दागी मिसाइल, 2 की मौत, 20 घायल"BJP से डर रही", तीस्ता की गिरफ़्तारी पर पिनाराई विजयन ने कांग्रेस की चुप्पी पर साधा निशानाअंबानी परिवार की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई, जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: शिवसैनिकों से बोले आदित्य ठाकरे- हम दिल्ली में भी सत्ता में आएंगे
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.