विश्व रक्तदान दिवस विशेष

विश्व रक्तदान दिवस विशेष

shivali agrawal | Updated: 14 Jun 2019, 03:25:40 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

आम लोग जो सक्षम हैं और योग्य पात्र हैं उनको नियमित अंतराल से रक्तदान करना चाहिए ताकि वे किसी की प्रत्यक्ष और परोक्ष में मदद कर सकें।

चेन्नई. तमिलनाडु का विरुदनगर जिला २०१८ में एक अनचाही वजह से चर्चा में रहा। वहां एक गर्भवती महिला को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया। रक्तदान एक युवक ने किया था जिसकी सरकारी ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने जांच नहीं की तथा वह खून दुर्भाग्यवश उस गर्भवती महिला को संक्रमित कर गया।
रक्तदान करने के प्रति जागरूकता लाना और लोगों को प्रोत्साहित करना उचित है लेकिन इसमें लापरवाही बरतना सीधे-सीधे आम जिन्दगी को खतरे में डालना है। विरुदनगर जिले का वह वाकया एक दृष्टांत बन चुका है। उसके बाद सरकारी मशीनरी सक्रिय भी हुई है।
क्यों है जरूरी
महानगर में नियमित रूप से रक्तदान करने वाले कुछ लोगों से हुई चर्चा में यह बात सामने आई कि उनके जीवन में ऐसी घटना घटी तब जाकर उनको इसकी महत्ता का अहसास हुआ। उनकी सीख भी यही थी कि आम लोग जो सक्षम हैं और योग्य पात्र हैं उनको नियमित अंतराल से रक्तदान करना चाहिए ताकि वे किसी की प्रत्यक्ष और परोक्ष में मदद कर सकें। इनका कहना है कि ३५० मिली रक्त से चार लोगों की जिन्दगी बचाई जा सकती है। तमिलनाडु सरकार की ब्लड बैंक की साइट पर भी यह नारा लोकप्रिय किया गया है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में रक्तदान करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसी वजह से १४ जून को विश्व रक्तदाता दिवस घोषित किया है। 2004 में स्थापित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रक्तदाताओं के सुरक्षित जीवन रक्षक रक्त के दान करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना है।
सरकारी और निजी ब्लड बैंक
तमिलनाडु में सरकार के ८८ ब्लड बैंक हैं। ये सभी बैंक सरकारी अस्पतालों में संचालित हैं। राज्य में लाखों संख्या में मरीज इन अस्पतालों के भरोसे ही हैं। इसी तरह निजी क्षेत्र में लॉयन्स क्लब, रोटरी क्लब, रेडक्रॉस सोसायटी और अन्य गैर सरकारी संगठन ब्लड बैंक चलाते हैं। इनकी ओर से नियमित रूप से रक्तदान शिविरों का आयोजन होता है। आपात स्थिति में वे निकटतम क्षेत्र के रक्तदाताओं के संपर्क नम्बर पर उपलब्ध कराते हैं। तमिलनाडु रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन हरीश एल. मेहता ने बताया कि सोसायटी के अंतर्गत संचालित ब्लड बैंक में समस्त सुविधाएं हैं। नियमित रूप से कॉलेजों और अन्य जगहों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन होता है। संग्रहित खून की बारीकी से जांच कर उनको स्टोर किया जाता है ताकि किसी तरह की गंभीर भूल-चूक नहीं हो जाए।
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साल में तीन बार रक्तदान
मैं राजस्थान के जोधपुर जिले का हूं। वर्ष १९८३ में चेन्नई आया और पैकेजिंग का व्यवसाय है। मेरे एक मित्र को एक बार खून की जरूरत पड़ी थी उस समय जागरूकता और इसकी महत्ता के अभाव से मैं पीछे हट गया था। फिर मुझे जब इसकी गंभीरता समझ आई तो नियमित रूप से रक्तदान करने लगा। साल में तीन बार अवश्य रक्तदान करता हूं। अब तक ५१ बार कर चुका हूं। मैंने अपने दोनों पुत्रों को भी प्रेरित किया है कि वे भी रक्तदान करें। साथ ही सभी से अपील करता हूं कि वे भी यह पुनीत कार्य अवश्य करें।
राकेश सिंघवी, पैकेजिंग उद्यमी व रक्तदाता

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