लॉकडाउन लगा तो राजस्थान मूल की चेन्नई प्रवासी याशिका खटेड़ ने क्रिप्टोकरेंसी में बना ली पहचान, अब ऑनलाइन चार हजार लोगों को कर चुकी ट्रेन


लॉकडाउन लगा तो राजस्थान मूल की चेन्नई प्रवासी याशिका खटेड़ ने क्रिप्टोकरेंसी में बना ली पहचान, अब ऑनलाइन चार हजार लोगों को कर चुकी ट्रेन

 

 

सोच बदलाव की-13

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 13 Jun 2021, 06:43 PM IST

चेन्नई. हालात चाहे कितने भी विपरित क्यों न हो यदि मन में सीखने की ललक है और कुछ नया करना चाहते हैं तो हमारे लिए कई रास्ते खुले हैं। कुछ ऐसा ही किया राजस्थान मूल की चेन्नई प्रवासी याशिका खटेड़ ने। याशिका खटेड़ उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाना चाहती थी। इसके लिए उसे छात्रवृत्ति भी मिल गई लेकिन इस बीच कोरोना एवं लॉकडाउन लग गया। पहले लगा कि सब कुछ एक-दो सप्ताह में सामान्य हो जाएगा लेकिन जब यह लम्बा खींच गया तो वे क्रिप्टोकरेंसी की तरफ मुड़ गई। 4 मार्च 2020 को ही इसे भारत मे वैद्य किया गया था। मई 2020 में याशिका ने इस विद्या में काम सीखा। सीखने की ललक अधिक थी तो किसी तरह की अधिक दिक्कत भी नहीं हुई। बाद में वे खुद दूसरों को सीखाने लग गई। वे कई नेशनल वेबीनार में वक्ता रह चुकी है।
तीन वर्ल्डवाइड यू-ट्यूब प्रीमियर
लॉकडाउन लगने के बाद याशिका खटेड़ ने वर्चुअल गेम खिलाने की शुरुआत की। लोग घर बैठे ही ज्ञानवर्धन कैसे करें, जिसमें 3 से 4 घंटे मनोरंजन भी हो जाए, ऐसे गेम शो शुरू किए। पिछले एक साल में उनकी उत्सव इवेंट 25 से अधिक गेम शो कर चुकी है। तीन वर्ल्डवाइड यू-ट्यूब प्रीमियर किए हैं। 14 अगस्त 2020 को मां तुझे सलाम नामक कार्यक्रम को देशभर के 80 कलाकारों ने तीन घंटे के शो में घर बैठे प्रस्तुति दी । इस शो को बारह हजार लोगों ने विश्वभर मे उसी तरह से देखा जैसे एक साथ किसी ऑडिटोरियम में बैठे देख रहें हो। आचार्य़ भिक्षु एवं महावीर स्वामी की जीवनी पर जैन विश्व भारती, अमरीका के संग दो यू-ट्यूब पर दो शो किेए जहां 7 देशों के सौ कलाकारों को जोड़ा और पूरा शो मैनेज किया। शादियों के लिए ऑनलाइन कोरियोग्राफी की।
कॉन्टेन्ट क्रिएटर्स के रूप में चयन
पिछले दिनों ब्लॉगर नुसैर ने सिंगापुर में एनएएस अकादमी खोली तो उन्होंने क्रिप्टो में रूचि रखने वालों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। इसके लिए विश्वभर से साढ़े सात हजार आवेदन आए। इनमें से 125 को साक्षात्कार के लिए बुलावा भेजा गया औऱ 70 विश्व स्तरीय कॉन्टेन्ट क्रिएटर्स का चयन हुआ जिसमें से 17 भारतीय थे। उनमें याशिका खटेड़ भी एक है। नुसैर ने एक हजार दिन तक विश्व की यात्रा कर एक हजार वीडियो बनाए। फेसबुक पर उनके पेज नास डैली के दो करोड़ फॉलोवर्स है।
डायनामाइट पावडर तैयार किया
राजस्थान के लाडनूं मूल की याशिका खटेड़ ने एमआईटी-हार्वर्ड अमरीका से कैंसर में रिसर्च की। बाद में भारत में हैल्थ एवं हाइजिन के क्षेत्र में खुद का बिजनस शुरू किया। छह साल पहले प्रोफिट टेक्नोलॉजी नाम से खुद की कंपनी खोली। । इसके जरिए एक डायनामाइट पावडर नामक सम्पूर्ण आहार तैयार किया जिसे दूध या पानी में मिलाकर पी सकते हैं। यह काफी स्वास्थ्यवर्द्धक है। इसके साथ ही सेनेटरी नैपकिन के दुष्प्रभावों से महिलाओं को आगाह कर रही है। 2015 में सेनेटरी नैपकिन के लिए विकल्प बनाया फोल्ड होने वाला मेंस्ट्रुअल कप - विजय कप। यह शरीर एव पर्यावरण के लिहाज से अच्छे हैं। जिसके जरिए देश के 22 राज्यों एवं 4 देशों में महिलाओं के पीरियड को आसान बना रही है। अब वे जगह-जगह जागरुकता कार्यशालाओं के माध्यम से ज़ूम एप पर इसके बारे में बता रही है।
हमें जो मिला है उसमें बेस्ट करके दिखाएं
याशिका एक प्रोफेशनल कोरियोग्राफर है। अब तक पिछले दस साल में दो सौ संगीत शो किए है। वे स्क्रीप्टराइटर भी है। वे अखिल भारतीय तेरापंथ कन्या मंडल की राष्ट्रीय संयोजिका के नाते मोटिवेशनल सेमीनार ले रही है। कन्या मंडल कठघरे में नाम का वर्चुअल आयोजन किया। जब वे तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम चेन्नई की सचिव थी तब 2016 में ही जूम एप काम में लेने लगी थी। उस वक्त लोग जूम पर इतने फ्रेंडली नहीं थे। वे कहती है, हम कुछ नहीं कर सकते वाली मानसिकता को दिमाग से निकालना होगा। हमें जो मिला है उसमें हम बेस्ट करके दिखा सकते हैं। यह सोच रखें।

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