जिले में कन्यादान योजना के तहत 103 विवाह जांच में निकले फर्जी

बडामलहरा में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा, गौरीहार में भी मिले फर्जी विवाह फर्जी
पंचायतों के रोजगार सहायक, सचिव और सरपंच पर कार्रवाई के कलेक्टर ने दिए आदेश

By: Dharmendra Singh

Published: 06 Jan 2020, 08:18 PM IST

छतरपुर। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत जिले के आठ ब्लॉकों में 1054 शादियां वर्ष 2019 में कराई गई है। सम्मेलन के माध्यम से हुए विवाह में गड़बड़ी की शिकायतें आने पर प्रमुख संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने सभी शादियों के जांच के बाद भुगतान करने के आदेश अक्टूबर माह में दे दिए थे। आदेश पर तीन माह चली जांच के बाद 103 शादियां दोबारा होनी पाई गई। सबसे ज्यादा फर्जीवाडा बडामलहरा में ब्लॉक में सामने आया है, जहां 79 शादियां गड़बड़ मिली। समारोह में शादी करने वाले इन जोड़ों की शादी पूर्व में घर एवं अन्य स्थलों से हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने योजना के तहत सहायता राशि पाने के लिए दोबारा सम्मेलन में विवाह किया। इसी तरह गौरीहार ब्लॉक में 24 शादियां जांच के दौरान फर्जी पाई गई। जांच रिपोर्ट के बाद सामाजिक न्याय विभाग ने इन विवाहों की राशि का भुगतान रोक दिया है। वहीं जिन पंचायतों में फर्जीवाडा किया गया अब उन पंचायतों के रोजगार सहायक, सचिव एवं सरपंच पर कार्रवाई करने के आदेश भी कलेक्टर द्वारा दिए गए है।
क्या है पूरा मामला
कन्यादान योजना की विवाह सहायता राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करने के बाद जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शादियां आयोजित की गईं। सबसे ज्यादा विवाह बडामलहरा में फरवरी में 304 एवं जून में 280 शादियां अबारमाता मंदिर से कराई गई थी। इसी माह 24 जून को गौरीहार के ऊमरीखेडा स्टेडियम में 224 शादियां कराई गई थी। बडी संख्या में शादियां होने पर फर्जीवाडा के आशंका होने के चलते अक्टूबर माह में प्रमुख संचालक सामाजिक न्याय विभाग द्वारा पूरे प्रदेश के लिए एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें सभी शादियों की जांच के बाद ही भुगतान करने की बात कही गई। आदेश के बाद जिले में तीन सदस्यीय टीम ने शादी हुए जोड़ों का भौतिक सत्यापन किया, इसमें 103 जोडों की शादियां फर्जी निकली, जिनका भुगतान रोककर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
इन पंचायतों की शादियां फर्जी
कन्यादान योजना की पात्रता के लिए सर्वप्रथम ग्राम पंचायत हितग्राही का फार्म भरकर ऑनलाइन अपलोड करता है, इसमें सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा प्रथम विवाह का सत्यापन स्वयं करके एनओसी दी जाती है। इसके बाद सम्मेलन कराकर हितग्राहियों की शादी कराई जाती हैं। मगर बडामलहरा की झिंगरी, बराज, कर्री, मखनपुरा, छाईकुआं, मैलबार, पनवारी, बारौं, पिपरिया, भेल्दा, मेलवार, भौंयरा,छाईकुआं, मखनपुरा, सहित कई पंचायतों में जांच के दौरान 280 में से तकरीबन 79 जोड़ों की शादियां फर्जी पाई गई है। वहीं गौरीहार ब्लॉक की 224 जोड़ों की शादियां में जांच में पहरा, अतरार, मझपटिया सहित कई पंचायतों में 24 विवाह फर्जी निकले। जांच दल की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग को संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
तीन सदस्यीय दल ने की जांच
कन्यादान योजना में शामिल हितग्राहियों की जांच तीन सदस्यीय दल द्वारा कराई गई थी। इस दल में समग्र सुरक्षा अधिकारी, कलाकार, पंचायत इंस्पेक्टर को शामिल किया गया था। इस दल ने प्रत्येक पंचायत में जाकर हितग्राही के घर की फोटो, मोहल्ले के लोगों से पूछताछ कर विवाह की स्थिति को स्पष्ट किया। जांच में अधिकतर विवाहों में घर से विवाह होना पाया गया, कई विवाहों सिर्फ अनुदान राशि पाने के लिए भी कराए गए। फर्जी पाए गए विवाहों में जनपद सीइओ, सचिव एवं रोजगार सहायक पर कार्रवाई के आदेश के साथ वित्तीय दुरूपयोग करने पर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश भी दिए गए है।
कार्रवाई के आदेश दिए गए
विभाग द्वारा द्वारा कराए गए कन्यादान योजना के विवाह का सत्यापन किया गया है। इनमें कुछ ब्लॉक की जांच पूरी हो चुकी है, इनमें कई प्रकरण फर्जी पाए गए है। जिनका भुगतान रोककर संबंधित पर कार्रवाई के आदेश जारी किए है।
विजय तिर्की, उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग

Dharmendra Singh
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