घर जाने के लिए निकला पर नहीं पहुंचा, जानिए क्या हुई मां से बात

घर जाने के लिए निकला पर नहीं पहुंचा, जानिए क्या हुई मां से बात

Neeraj soni | Publish: Apr, 17 2018 12:39:17 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

हॉस्टल में रहता था 10वीं का छात्र

छतरपुर. शहर के नारायणपुरा रोड पर स्थित एक प्राइवेट हॉस्टल में रहने वाला कक्षा 10वीं का 15 वर्षीय छात्र लापता हो गया है। इस पूरे मामले में छात्र के परिजनों ने हॉस्टल श्री विश्वंभर के संचालक सत्यप्रकाश अवस्थी पर सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्र की मां का कहना है उनके बेटे के साथ हॉस्टल में जरूर कुछ ऐसा हुआ है, जिससे वह बिना बताए कहीं लापता हो गया है। इस बीच सोमवार को सुबह 11 बजे छात्र ने अपनी मां के मोबाइल पर कॉल भी किया है। लेकिन एक बार बात होने के बाद मोबाइल बंद हो गया। उधर अनहोनी की आशंका से परेशान छात्र के माता-पिता ने रेंज डीआईजी अनिल महेश्वरी और सिटी कोतवाली पुलिस को शिकायती आवेदन दिया है। पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है। इसके पहले कोतवाली पुलिस ने छात्र के परिजनों को बिना शिकायत दर्ज किए ही लौटा दिया था।
पड़ोसी जिले टीकमगढ़ के लिधौरा थाना क्षेत्र के ग्राम सतगुवां निवासी उर्मिला यादव और ललित सिंह यादव का बड़ा बेटा १५ वर्षीय स्वतंत्र सिंह यादव पिछले दो साल से नारायणपुरा रोड पर संचालित हॉस्टल श्री विश्वंभर में रह रहा था। छात्र के पिता ललित सिंह अहमदाबाद में सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी अपने मायके सतगुवां और अहमदाबाद में आती-जाती रहती हैं। इसलिए उन्होंने बेटे स्वतंत्र यादव को विश्वंभर हॉस्टल में भर्ती करा दिया था। उर्मिला यादव ने बताया कि १२ अप्रैल को उन्होंने हॉस्टल संचालक को फोन कर बेटे को किराया देकर झांसी भेजने के लिए कहा था। इस पर उन्होंने गैर जिम्मेदारा तरीके से उसे रुपए देकर चलता कर दिया। जब शाम तक बेटा घर नहीं पहुंचा तो उन्होंने फिर से फोन किया। इस पर हॉस्टल संचालक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और यह कहकर फोन काट दिया कि वे क्या कर सकते हैं। इसके बाद न तो हॉस्टल संचालक ने पुलिस को कोई सूचना दी और न ही छात्र का पता लगाया। उर्मिला यादव ने बताया कि उन्होंने जब सभी जगह बेटे की तलाश कर ली और जब वह नहीं मिला तो रविवार को छतरपुर आकर हॉस्टल में गईं। लेकिन वहां भी हॉस्टल संचालक की पत्नी और स्टाफ ने सही जानकारी नहीं दी। हॉस्टल संचालक बाहर होने की बात कहकर मामले को टालते रहे। शाम 6 बजे तक वह हॉस्टल में ही रहीं। लेकिन बेटे का पता नहीं चला। इसके बाद जब उन्होंने स्वतंत्र की अलमारी को खोला तो उसमें कपड़े और कुछ रुपए भी मिले। इससे पता चला कि स्वतंत्र बिना सामान के ही हॉस्टल से चला गया।
कोतवाली पुलिस ने भी दिखाई अमानवीयता :
छात्र के माता-पिता परेशान और भूखे-प्यासे सिटी कोतवाली पहुंचे तो वहां थाना प्रभारी ने उसकी समस्या को समझने की जगह एक घंटे तक बैठाए रखा और उल्टा-सीधा जवाब देते रहे। बाद में जब पत्रिका के संपर्क में यह परिवार आया तो डीआईजी तक मामले की जानकारी पहुंचे। डीआईजी अनिल महेश्वरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को छात्र के माता-पिता को अपने पास बुलाकर आवेदन लिया और कोतवाली पुलिस को तुरंत कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस बीच शहर के समाजसेवी भगवत अग्रवाल ने अपने होटल में छात्र के माता-पिता को रातभर रुकने और भोजन की व्यवस्था की।
सुबह आया कॉल, फिर नहीं हुई बात :
लापता छात्र स्वतंत्र यादव ने सोमवार को सुबह 11.45 बजे अचानक अपनी मां के मोबाइल पर ७९८२५९०७०६ नंबर से फोन किया। उर्मिला यादव ने बताया कि बेटा कुछ ढंग से बोल नहीं पा रहा था। वह कभी खुद को छतरपुर में होना बता रहा था तो कभी मऊ और झांसी में होने की बात कर रहा था। इसी बीच फोन कट गया। इसके बाद दोबारा कॉल आया और फिर बात नहीं हुई। तब से यह नंबर कवरेज क्षेत्र के बाहर आ रहा है। उर्मिला यादव ने तुरंत पुलिस को भी इस नंबर की जानकारी दी, ताकि नंबर ट्रेस करके छात्र की लोकेशन का पता लगाया जा सके।
हॉस्टल संचालक ने झाड़ा पल्ला, सहपाठी बोले परेशान था स्वतंत्र :
हॉस्टल विश्वंभर के संचालक सत्यप्रकाश अवस्थी से जब इस बारे में बात चीत की गई तो उनका कहना था कि छात्र हमेशा ही अपने घर अकेले आया-जाया करता था। छात्र की मां के कहे अनुसार उन्होंने उसे झांसी तक के लिए १५० रुपए किराया दे दिया था। इसके बाद वह कहां गया, इसका पता नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो साल में छात्र से मिलने उसके माता-पिता कभी नहीं आए। इस कारण वह परेशान रहता था। छात्र अहमदाबाद भी अकेले आया-जाया करता था। छात्र के लापता होने की जानकारी के बाद पुलिस केा सूचना नहीं दिए जाने के सवाल पर हॉस्टल संचालक निरुत्तर हो गए। वे अपनी सफाई देते रहे। उधर हॉस्टल के एक छात्र देवीलाल ने बताया कि स्वतंत्र कुछ परेशान सा था। वह एक जोड़ी कपड़े और बैग लेकर निकला था। सर ने उसे 150 रुपए किराया भी दिया था।
पुलिस ने किया तलब :
छात्र के परिजनो की शिकायत के बाद पुलिस ने हॉस्टल संचालक को तलब किया है। शाम के समय कोतवाली पहुंचकर हॉस्टल संचालक सत्यप्रकाश अवस्थी ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा। पुलिस ने उन्हें सख्त लहजे में हिदायत दी कि जैसे भी हो छात्र का पता करके दो, नहीं तो एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद हॉस्टल संचालक भी उसकी तलाश में जुट गए। हालांकि वे हर बार खुद को इस पूरे मामले से बेकसूर बताते रहे।

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