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छतरपुर

14 हजार छात्र पहले से अध्ययनरत, अब 6 हजार नए छात्रों को मिलेगा प्रवेश

वर्तमान में करीब 14 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत है। वहीं, यूजी में 4245 और पीजी में 1870 नए प्रवेश के साथ 6 हजार 115 नए एडमीशन होना है। ऐसे में अब विश्वविद्यालय में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की संख्या 20 हजार पहुंच जाएगी।

छतरपुरJun 17, 2024 / 10:58 am

Dharmendra Singh

mcbu

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय

छतरपुर. महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में वर्तमान में करीब 14 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत है। वहीं, यूजी में 4245 और पीजी में 1870 नए प्रवेश के साथ 6 हजार 115 नए एडमीशन होना है। ऐसे में अब विश्वविद्यालय में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की संख्या 20 हजार पहुंच जाएगी। सीटे बढऩे से जहां एक ओर ’यादा छात्र-छात्राओं को मौका मिलेगा, वहीं संसाधन व स्टाफ न बढऩे से गुणवत्ता प्रभावित होगी।
विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 70 प्रोफेसर

महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में विद्यार्थियेां की संख्या 20 हजार पहुंचने वाली है। इन विद्यार्थियों के बैठने एवं पढ़ाने के लिए यहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं है। विश्वविद्यालय के पास सिर्फ 70 नियमित प्रोफेसर,120 अतिथि विद्वान मौजूद हैं। कहने के लिए यहां अब 21 अध्ययन शालाएं संचालित हो रही हैं और 18 शोध कार्य भी प्रारंभ हो गए हैं लेकिन ’यादातर काम सीमित संसाधनों के दम पर किया जा रहा है। हालांकि उसके लिए डायनमिक प्लान पर काम किया जा रहा है।
’यादा एडमिशन, लेकिन छात्रों को महंगी फीस से राहत


यूटीडी में ’यादा छात्रों को एडमीशन देकर निजी कॉलेजों की महंगी फीस देने से बचाया जा रहा है। सीटें बढऩे से छात्रों को शासकीय विश्वविद्यालय में प्रवेश मिल रहा है, जहां फीस निजी कॉलेजों की तुलना में काफी कम है। निजी कॉलेजों की भारी-भरकम फीस से छात्रों व उनके अभिभावकों को राहत दिलाने की दिशा में यूटीडी की सीट बढ़ाना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय में छात्र संख्या प्रदेश के सभी यूटीडी से ’यादा हो गई है। लेकिन इससे छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ के निजी कॉलेजों की हालत पतली हो गई है। छात्रों को शासकीय संस्था में एडमिशन मिलने से निजी कॉलेजों को छात्र नहीं मिल पा रहे हैं।
महाराजा कॉलेज कैंपस में बनाए भवन से मिलेगी राहत


विश्वविद्यालय में बनाए गए नए भवन को 4 करोड़ 86 लाख की लागत से जी प्लस टू पैटर्न पर बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर के साथ दो मंजिल और इस भवन में बनाई गई है, जिसमें 100 छात्र प्रति कक्ष बैठक क्षमता वाले 21 से 24 कमरे बनाए गए हैं। इसके साथ ही छात्रों की सुविधा के लिए एक कैंटीन भी बनाई गई है। इसके अलावा उ‘च शिक्षा विभाग से मिले 3 करोड़ 56 लाख की लागत से 6 बड़े हॉल बनाए गए हैं, प्रत्येक हॉल की क्षमता 300 स्टूडेंट की है।
पांच जिले के कॉलेज विश्वविद्यालय से हैं संबद्ध


महाराजा कालेज को मर्ज कर शुभारंभ किए गए विश्वविद्यालय की संबद्वता छतरपुर सहित छह जिलों में है। पहले पांच जिले छतरपुर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ आते थे, लेकिन पूर्व के वर्षों में निवाड़ी जिला अलग हुआ है। ऐसे में निवाड़ी जिले के कालेजों की संबद्वता भी महाराजा छत्रसाल बुेंदलखंड विश्वविद्यालय से है। इन जिलों के 172 कॉलेज व उनसे जुड़े डेढ लाख स्टूडेंट महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं।
वर्ष 2015 से संचालित है विश्वविद्यालय


महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का शुभारंभ वर्ष 2015 में हुआ है। छतरपुर के सबसे पुराने महाराजा कालेज का विलय कर विश्वविद्यालय का शुभारंभ करवाया गया है। शुभारंभ के बाद से ही विश्वविद्यालय का संचालन महाराज कालेज के भवन में किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के लिए जमीन आरक्षित हो गई है, लेकिन वहां भवन निर्माण नहीं हुआ है। वहीं नए सत्र में विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर सहित करीब पांच हजार छात्र संख्या बढ़ जाएगी। इसको देखते हुए निर्माण कार्य शुरू करवाया गया है। ऐसे में परिसर में बनाए जा रहे भवन से छात्रों की संख्या बढने के बावजूद सुविधाओं में कमी नहीं आएगी।
इनका कहना है


कक्षाएं दो शिफ्ट में लगाकर बैठक व्यवस्था मैनेज की जा रही है। नए कैंपस के डवलपमेंट के लिए दिन रात प्रयास जारी है। नए कैंपस में पर्याप्त व्यवस्था होगी। प्रदेश की सभी यूटीडी में सबसे ’यादा नियमित 70 प्रोफेसर्स हमारे विश्वविद्यालय में हैं। करीब 120 अतिथि विद्वान है। हमारे शिक्षक छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास सामाजिक स्तर के अंतिम छात्र तक पहुंचना है।
प्रोफेसर शुभा तिवारी, कुलपति

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