मध्यप्रदेश की इस जगह पर पन्ना जिले से भी 15 गुना ज्यादा हीरों का भंडार होने का अनुमान

देश के सबसे बड़े हीरा भंडार को निकालने के लिए खत्म किया जाएगा 382.131 हेक्टेयर का जंगल..

By: Shailendra Sharma

Published: 03 Apr 2021, 05:51 PM IST

छतरपुर. मध्यप्रदेश में देश का सबसे बड़ा हीरा भंडार होने का दावा किया जा रहा है। दावे के मुताबिक छतरपुर जिले के बकस्वाहा के जंगल में हीरे का काफी भंडार है। जो कि पन्ना जिले से करीब 15 गुना ज्यादा है। अनुमान के मुताबिक यहां पर 3.42 करोड़ कैरेट हीरे दबे हुए हैं जिन्हें निकालने के लिए 382.131 हेक्टेयर को जंगल को खत्म करना पड़ेगा। बता दें कि हीरे के लिए मध्यप्रदेश का पन्ना पहले से ही पूरे देश ही नहीं बल्कि विश्व में प्रसिद्ध है। पन्ना जिले में हीरे का भंडार कुल 22 लाख कैरेट है जिनमें से 13 लाख कैरेट हीरा निकाला जा चुका है और अब मध्यप्रदेश में ही हीरे का देश का सबसे बड़ा भंडार मिला है।

ये भी पढ़ें- लड़की की शादी किसी और से तय हुई तो सनकी आशिक ने रची खौफनाक साजिश

20 साल पहले हुआ था सर्वे
हीरा भंडार का पता यहां बीस साल पहले हुए सर्वे में चला था जिसके बाद दो साल पहले प्रदेश सरकार ने इस जंगल की नीलामी की थी। आदित्य बिड़ला समूह की एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने हीरा भंडार वाली जगह पर खनन का टेंडर लिया है और कंपनी को 50 साल के लिए जमीन ली पर दी गई है। जिस जगह पर हीरा भंडार है वहां घना जंगल है लिहाजा वन विभाग ने यहां के पेड़ों की गिनती पूरी कर ली है। हीरा भंडार वाले स्थान पर 2 लाख 15 हजार 875 पेड़ हैं जिनमें सागौन, पीपल, तेंदु सहित अन्य पेड़ शामिल हैं। बता दें इस जंगल के बदले बकस्वाहा तहसील में ही 382.131 हेक्टेयर राजस्व की जमीन को वनभूमि में डायवर्ट किए जाने का प्रस्ताव बनाया गया है जिस पर खनन करने वाली कंपनी एस्सेल माइनिंग एंड इडस्ट्रीज अपनी लागत से जंगल को विकसित करेगी और उतने ही पेड़ लगाए जाएंगे जितने कि काटे जाएंगे।

ये भी पढ़ें- पानी के लिए चढ़ा महिलाओं का पारा, देखते ही देखते शुरु हो गया 'दंगल', देखें वीडियो

2500 करोड़ का निवेश करेगी कंपनी
बता दें कि आदित्य बिड़ला ग्रुप की एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड से पहले आस्ट्रेलियाई कंपनी रियाटिंटो ने खनन लीज के लिए आवेदन दिया था लेकिन रियाटिंटों कंपनी का भगौड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी से संबंध होने के कारण उसे ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया जिसके बाद एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को इसका टेंडर दिया गया। कंपनी की ओर से 382.131 हेक्टेयर जमीन की मांग की गई है जिसमें से 62.64 हेक्टेयर जमीन में हीरा खदान होगी और बाकी जमीन पर मलबा डंप किया जाएगा। छतरपुर डीएफओ अनुराग कुमार ने बताया कि वर्तमान में पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी के सामने इसके संबंध में सुनवाई चल रही है और कमेटी के निर्देशानुसार नई रिपोर्ट पेश की जाएगी।

देखें वीडियो- पानी के लिए महिलाओं की fight

Shailendra Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned