30 साल का दर्द, करंट न आने से इस गांव में नहीं होती शादियां

कई अब भी रह गए कुंवारे, बेटियों की शादी के लिए करना पड़ता है गांव के बाहर का रुख

By: rafi ahmad Siddqui

Published: 25 Apr 2018, 11:58 AM IST

छतरपुर। कई सावन आए और बीते लेकिन बुंदेलखंड के इस गांव में न तो कोई दूल्हा बारात लेकर आया और न ही इस गांव से किसी दुल्हन की डोली उठी। यह सिलसिला करीब ३० साल से यूं ही चला रहा है। गांव के कई युवा आज भी कुंवारे हैं। शादी के लिए रिश्ते तो आते हैं लेकिन गांव में आने के बाद शादी के रिश्ते टूट जाते है। इस गांव में अब तक जितनी भी आदिवासियों की शादी हुई वह गांव के बाहर से हुई है। यह आलम है राजनगर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ओंटापुरवा के इंदिरापुरवा का।
दरअसल इंदिरापुरवा में तीस साल से रहने वाले आदिवासी परिवारों का कुसूर सिर्फ इतना है कि वह अंधेरे में अपना जीवन गुजारते हैं। गांव में खंभे, बिजली के तार सबकुछ लगे हैं। महज नहीं है तो सिर्फ विद्युत तार में दौडऩे में वाला करंट। शाम होते ही पूरे गांव में अंधेरा पसर जाता है। गांव के लोग लालटेन की रोशनी में जीने को मजबूर हैं। बिजली न होने से यह गांव ऐसा बदनाम हुआ कि यहां कोई अपनी बेटियों की शादी नहीं करना चाहता। जिस वजह से गांव में कई लोग कुंवारे ही रह गए। इंदिरानगर निवासी रामबाई हरिजन बताती हैं कि यहां करीब 200 से 250 लोग रहते हैं। जिसमे ज्यादातर आदिवासी व हरिजन परिवार ही हैं। लगभग 30 वर्ष पहले इंदिरा आवास योजना के तहत यह गांव बसाया गया था। लेकिन आज भी मुख्यधारा में नहीं जुड़ सका। राधा हरिजन ने बताया कि उसकी शादी वर्ष २०१७ में हुई थी। बारात गांव आने को तैयार नहीं थी, यहां लाइट की परेशानी है। तब मेरी शादी जटाशंकर से हुई थी। बताया कि गांव के लड़कों को जब कोई लड़की वाला देखने आता है तो यह कह कर चला जाता कि गांव में लाइट नहीं है। हमारी बेटी क्या अंधेरे में रहेगी। छात्रा अंजली ने बताया कि लाइट न होने की वजह से पढऩे में काफी दिक्कत होती है। शाम होते ही अंधेरा छाने के बाद घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। जिस कारण हम लोग घरों से नही निकलते। गांव के गोकल आदिवासी का कहना है कि उनकी एक बेटी की शादी जटाशंकर, दूसरी की खजुराहो व एक बेटी की शादी मंदिर से की थी।
इनका कहना
बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर बालेन्द्र कुमार का कहना है कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए खाका तैयार किया गया है। १५ दिन के अंदर समस्या दूर कर दी जाएगी।

rafi ahmad Siddqui Desk/Reporting
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