लॉक डाउन में गेहूं की राशि खाते से निकालने गए किसान से 40 हजार की लूट

बैंक से रुपए निकालकर जा रहे किसान से बंदूक की नोक पर लूट, मारपीट की, किसान भर्ती

By: Samved Jain

Published: 28 May 2020, 11:00 AM IST

छतरपुर. उपार्जन बेचने के बाद खाते में आई रकम को निकालकर गांव जा रहे एक किसान के साथ कुछ लोगों ने बंदूक की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। साथ ही किसान के साथ मारपीट भी की गई, जिससे किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मामले में बताया गया है कि किसान रामकेश पटेल निवासी मानपुरा ने अपनी गेहूं की फसल को समिति में बेचा था। जिसकी राशि खाते में आ गई थी। जिसे निकालने के लिए वह मध्यांचल बैंक कर्री गया हुआ था। लॉक डाउन के चलते हितग्राहियों को बैंक के भीतर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। चैनल गेट से ही बाहर आहरण की गई राशि दी जा रही हैं। किसान रामकेश के अनुसार उन्हें जैसे ही 40 हजार रुपए मिले और वह गांव की ओर अपनी बाइक से बढ़े, तभी कुछ लोगों पर बैंक से पीछे लगने का संदेह हुआ था। जैसे ही वह कर्री और मानपुरा के बीच पहुंचे। रास्ते में दो परिचित और एक अपरिचित व्यक्ति ने बंदूक की नोक पर उन्हें रोक लिया और सीधे मारपीट शुरू कर दी।

बंदूक की बट से मारपीट करते हुए लोगों ने उसके पास रखे 40 हजार रुपए लूट लिए। इसके बाद उसने डायल 100 को कॉल किया। जिसकी मदद से ही किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार की दोपहर हुए इस घटनाक्रम की जानकारी किसान ने घायल होने के कारण थाने में भी नहीं दी। बुधवार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला ने बताया कि तीन लोगों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया गया हैं। किसान के बयान के बाद मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
बैंक की लापरवाही भी आ रही सामने
किसान रामकेश पटेल ने बताया कि वह अधिक रकम बैंक से आहरण करने गया था, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। बाहर हुए वार्तालाप को मौजूद सभी लोगों ने सुना था। जबकि रुपए भी बाहर सभी के सामने दिए गए। गनीमत यह रही कि बैंक ने रामकेश को मात्र 40 हजार रुपए ही आहरित किए। रामकेश ने बताया कि बैंक से राशि निकालने के बाद ही लुटेरों की उस पर नजर थी। उसने टै्रक्टर खरीदने के लिए यह रकम निकाली थी। बैंक के बाहर से हो रहे लेनदेन के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जबकि बैंक लेनदेन के मामलों में प्राइवेसी की सलाह देता है।

Show More
Samved Jain
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned