script40 year old girl is handling the responsibility of 66 orphan daughters | खुद का नहीं बसाया घर,40 वर्षीय युवती संभाल रही 66 अनाथ बेटियों की जिम्मेदारी | Patrika News

खुद का नहीं बसाया घर,40 वर्षीय युवती संभाल रही 66 अनाथ बेटियों की जिम्मेदारी


पढ़ाई से लेकर शादी तक की उठाया भार,बेटी के नाम एफडी कराकर आर्थिक सहारा भी दिया

छतरपुर

Updated: April 20, 2022 03:19:20 pm

छतरपुर। नौगांव की 40 वर्षीय युवती ब्याह रचाकर अपना घर तो नहीं बसाया, लेकिन इलाके भर की 66 अनाथ बेटियों का हाथ थामकर उनका सहारा बन गई है। आसपास के गांवों में माता-पिता के असमय देहांत से अनाथ हुई बेटियों को गोद लेकर तृप्ति कठैल उनकी पढ़ाई लिखाई का खर्च उठा रही है। इसके साथ ही शादी तक की जिम्मेदारी का संकल्प भी लिया है। बेटियों के जीवन में आर्थिक संकट न आए इसके लिए उनकी छोटी उम्र में ही उनके नाम से फिक्स डिपॉजिटि भी करती है। युवती के इस नेक काम में नगर के दुकानदार मदद के लिए हर बार आगे आते है और थोड़ा-थोड़ा ही सही रुपए देकर अनाथ बेटियों की मदद के काम में हिस्सेदार बनते हैं।
गोद ली गई अनाथ बेटियों के साथ तृप्ति कठैल
गोद ली गई अनाथ बेटियों के साथ तृप्ति कठैल
पिता से मिली समाजसेवा की प्रेरणा
तृप्ति के पिता स्वर्गीय मुन्ना कठैल नौगांव नगर में ज्वेलरी की दुकान चलाते थे। तृप्ति ने बचपन से देखा कि पिता जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा हाथ बढाते थे। लेकिन वर्ष 2008 में पिता का 59 साल की उम्र में असमय निधन हो गया। पिता के जाने के बाद कठैल ने अपने परिवार को संभाला और पिता से मिली समाजसेवा की सीख को लेकर आगे बढ़ी।
2013 में सबसे पहले तीन बेटियों को लिया गोद
नौगांव के धर्मपुरा गांव निवासी मजदूर दंपति गर्रोली में धसान नदी से ट्रैक्टर में रेत भरने का काम करते थे। 2013 में ट्रैक्टर पलटने से दोनों की असमय मौत हो गई। मजदूर दंपति की तीन बेटियों के अनाथ होने की खबर तृप्ति को लगी तो उन्होंने तीनों बेटियों को गोद ले लिया। उनकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने लगी और उनकी शादी के लिए 10-10 हजार की एफडी भी कराई। उसके बाद अनाथ बेटियों का सहारा बनने का सिलसिला शुरु हुआ जो आज भी जारी है। तृप्ति अबतक 66 अनाथ बेटियों को गोद ले चुकी हैं। समाजसेवा का ये काम अभी भी जारी है।
निर्धन कन्याओं के विवाह में भी करती है मदद
कठैल नौगांव नगर के अलावा आसपास के क्षेत्र की अनाथ निर्धन कन्याओं की शादी में भी मदद के लिए हाथ बढ़ाती हैं। नगर रके कुछ लोगों की मदद से वे निर्धन कन्याओं की शादी में मदद के साथ ही 11 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह की सारी जिम्मेदारी भी उठा चुकी है। पिता से मिली प्रेरणा के बल पर समाजसेवा में तृप्ति इतनी लीन हो गई की अपना घर तो नहीं बसाया लेकिन अनाथ बेटियों के जीवन को संवारने का काम आज भी जारी है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

बुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामजून का महीना किन 4 राशियों की चमकाएगा किस्मत और धन-धान्य के खोलेगा मार्ग, जानेंमान्यता- इस एक मंत्र के हर अक्षर में छुपा है ऐश्वर्य, समृद्धि और निरोगी काया प्राप्ति का राजराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाVeer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

'तमिल को भी हिंदी की तरह मिले समान अधिकार', CM स्टालिन की अपील के बाद PM मोदी ने दिया जवाबहिन्दी VS साऊथ की डिबेट पर कमल हासन ने रखी अपनी राय, कहा - 'हम अलग भाषा बोलते हैं लेकिन एक हैं'Asia Cup में भारत ने इंडोनेशिया को 16-0 से रौंदा, पाकिस्तान का सपना चूर-चूर करते हुए दिया डबल झटकाअजमेर की ख्वाजा साहब की दरगाह में हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा, पुलिस जाप्ता तैनातबोरवेल में गिरा 12 साल का बालक : माधाराम के देशी जुगाड़ से मिली सफलता, प्रशासन ने थपथपाई पीठममता बनर्जी का बड़ा फैसला, अब राज्यपाल की जगह सीएम होंगी विश्वविद्यालयों की चांसलरयासीन मलिक के समर्थन में खालिस्तानी आतंकी ने अमरनाथ यात्रा को रोकने की दी धमकीलगातार दूसरी बार हैदराबाद पहुंचे PM मोदी से नहीं मिले तेलंगाना CM केसीआर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.