पिछले साल की तुलना में ४७ फीसदी कम हुई बारिश, रबी की सिंचाई का घटेगा रकबा

जिले में अबतक हुई है 26.2 इंच बारिश,42.3 इंच है जिले की औसत बारिश
जिले के सात बड़े बाधों में से 4 में जलभराव की हालत खराब, सिर्फ तीन बांध में आया पानी

By: Dharmendra Singh

Published: 19 Sep 2020, 06:00 AM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। बारिश की बेरुखी से जिले में इस बार औसत का 62 फीसदी ही बारिश हुई है। जिले की औसत बारिश 42.3 इंच की तुलना में जिले में अबतक 26.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल 49.3 इंच बारिश की तुलना में 47 फीसदी बारिश कम हुई है। बारिश की कमी के चलते जिले के सात बड़े बांधों में भी 53 फीसदी जलभराव ही हो पाया है। इनमें से तीन बांध में 70 फीसदी से अधिक जलभराव हुआ है, जबकि 4 बांध में 50 फीसदी जलभराव भी नहीं हो पाया है। बारिश की कमी और बांधों में जलभराव कम होने से इस बार रबी फसल के लिए दिया जाने वाले पानी की मात्रा भी कम हो जाएगी। पिछले साल जिले में 91 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हुई थी, लेकिन इस बार 50 से 60 हजार हेक्टेयर तक ही सिंचाई सुविधा मिल पाने की संभावना है।

जिले के लवकुशनगर इलाके में हुई सबसे कम बारिश
जिले के आठ वर्षामापी केन्द्रों के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अबतक औसत बारिश 26.2 इंच हुई है। जिले में सबसे कम बारिश 16.9 इंच लवकुशनगर इलाके में दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल इस इलाके में 31.5 इंच बारिश हुई थी। वहीं, छतरपुर में 21.9 इंच बारिश हुई है, पिछले साल 32.8 इंच बारिश दर्ज की गई थी। बक्स्वाहा में इस बार 29.6 इंच और पिछले साल 44.4 इंच बारिश हुई थी। राजनगर इलाके में पिछले साल 33.7 इंच और इस बार 30.7 इंच बारिश हुई है।

गौरिहार में पिछले साल से ज्यादा गिरा पानी, लेकिन औसत पूरा नहीं
इसी तरह गौरिहार इलाके में 26.3 इंच बारिश हुई है, जो पिछले साल 22.2 इंच थी। बड़ामलहरा में इस बार अबतक 29.2 इंच बारिश हुई, जबकि पिछले साल 35.9 इंच बारिश हुई थी। नौगांव में इस बार 27.5 इंच, पिछले साल 41.8 इंच बारिश हुई थी। बिजावर इलाके में इस साल 27.2 इंच और पिछले साल 31.4 इंच बारिश दर्ज की गई। इस तरह से गौरिहार इलाके में पिछले साल की तुलना में अबतक करी 4 इंच अधिक बारिश हुई है, लेकिन औसत से अभी भी वहां बारिश कम हुई है।

बांधों में जलभराव के ये हैं हाल
जिले में बारिश कम होने से बांधों में भी जलभराव कम हुआ है। जिले के सात बड़े बांधों में कुल क्षमता का 53 फीसदी ही जलभराव हुआ है। सात में से तीन बांधों में 70 फीसदी से अधिक व 4 बांधों में 50 फीसदी से कम जलभराव हुआ है। बारिश के आंकड़े ब्लॉक बार अलग-अलग होने से बांघों में जलभराव की स्थिति भी अलग-अलग है। बेनींगज बांध में इस बार 47 फीसदी जलभराव हुआ है, जबकि पिछले साल 64 फीसदी जलभराव हुआ था। बूढ़ा बांध में पिछले साल 39 और इस साल 40 फीसदी पानी भरा है। गोरा में इस बार केवल 7 फीसदी पानी जमा हुआ है, हालांकि पिछले साल भी 16 फीसदी जलभराव हुआ था। रनगुंवा बांध में इस बार 34 फीसदी जलभराव हुआ है, जबकि पिछले साल 52 फीसदी पानी भरा था। वहीं, जिले के कुटनी, सिंहपुर और तारपेड़ प्रोजेक्ट में जलभरा की स्थिति ठीक है। कुटनी में पिछले साल 35 और इस बार 73 फीसदी जलभराव हुआ है। सिंहपुरा में पिछले साल 66 और इस साल 89 फीसदी पानी आया है। इसी तरह तारपेड में पिछले साल 62 और इस बार 87 फीसदी पानी भर गया है।


इस बार रबी फसल को मिलेगा कम पानी
जिले में पिछले साल सबसे अच्छी बारिश हुई। 49.3 इंच बारिश होने से जिले में 91 हजार 161 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया गया था। वहीं, वर्ष 2018 में 32.8 इंच बारिश हुई थी, तब 80 हजार 335 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई बांधों से हुई थी। इसी तरह वर्ष 2017 में 20 इंच बारिश हुई थी, जिसके चलते केवल 33 हजार 401 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकी थी। इस बार अभी तक केवल 18.7 इंच बारिश हुई है। आने वाले दिनों में होने वाली बारिश पर ही सिंचाई क्षमता निर्भर करेगी।

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