
A district where the growing graph of women atrocities
छतरपुर. जिले में क्राइम और क्रिमिनल कंट्रोल से बाहर हो रहे हैं। बदमाशों को मानो पुलिस का कोई खौफ ही नहीं रहा। इन पर लगाम नहीं लग पा रही है। बढ़ते महिला अत्याचारों के मामलों से पुलिस की साख पर बट्टा लग रहा है। पिछले एक सप्ताह में महिला अत्याचारों से जुड़ीं आधा दर्जन घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिनको लेकर पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में है।
नौगांव में हुए साक्षी साहू हत्याकाण्ड, विवाह समारोह से बच्ची को ले जाने की कोशिश के बाद जिला मुख्यालय पर कोचिंग की छात्राओं से मारपीट व छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। वहीं दूसरी ओर ईशानगर क्षेत्र में एक 10 साल की बच्ची से उसी के पिता द्वारा की गई रेप की शर्मनाक हरकत व महाराजपुर क्षेत्र के मुखर्रा में नाबालिग लड़की के 13 दिन से लापता होने का मामला भी सामने आया है।
अचानक से देशभर में बच्चियों और महिलाओं के विरुद्ध यौन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। जानकार बता रहे हैं कि मोबाइल पर कम पैसे में मिलने वाले असीमित डेटा के कारण अश्लील सामग्री तेजी से हर व्यक्ति तक पहुंच रही है। यही अश्लील सामग्री मानसिक विकृति का कारण बनती है जिसका असर महिलाओं पर यौन हिंसा के रूप में देखा जा रहा है। बुन्देलखण्ड में ग्रामीण क्षेत्रों में नशा महिला हिंसा के लिए एक बड़ी वजह बनता जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन को जहां जागरूकता के प्रयास करने होंगे तो वहीं पुलिस को नशे के विरुद्ध एक अभियान छेडऩा होगा।
छात्राओं पर हमला करने वाले सभी आरोपी फरार
पन्ना रोड पर स्थित डेरा पहाड़ी इलाके में स्थित कोचिंग पढऩे वाली तीन छात्राओं पर हमला करने वाले पांचों युवक अभी भी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। तीन छात्राओं पर पांच लड़कों ने सरेआम हमला कर दिया था। लड़कियों ने थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि बबलू पटेल और मनीष पटेल नाम के लड़कों ने तीन अन्य लड़कों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। बबलू पटेल ने पहले एक लड़की को फोन कर किसी अन्य लड़की का मोबाइल नंबर मांगा था। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई जिसके बाद बबलू पटेल और मनीष पटेल अपने तीन अन्य साथियों को लेकर कोचिंग पहुंचा और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने लड़कियों को भद्दी गालियां भी दीं और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। हमला करने के बाद लड़के मौके से फरार हो गए। बाद में लड़कियों ने अपने परिवार के साथ थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के साथ तीन अन्य पर धारा 323, 506 बी के तहत मामला दर्ज कर लिया लेकिन उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं होने से छात्राएं दहशत में हैं।
13 दिन से लापता है नाबालिग लड़की
महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुखर्रा से लगभग 13 दिन पूर्व एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची लड़की की मां कला पत्नी अट्टू पाल ने एक शिकायती ज्ञापन देकर बताया कि 1 जून 2019 को उनकी पुत्री का अपहरण गांव के ही कुछ लोगों ने कट्टे की नोक पर कर लिया था। इस मामले में रज्जन, कारी, भरत, राकेश, देवेन्द्र, मुन्ना एवं मूरत पाल पर आरोप लगाए गए हैं। पीडि़त परिवार ने बताया कि पुलिस ने सिर्फ मूरत पाल के विरूद्ध मामला दर्ज किया और मामला दर्ज करने के बाद आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की। 13 दिन से न तो लड़की का पता है और न ही आरोपियों का। पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। जिससे जिले में अपराधों के ग्राफ मे लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन इन पर अंकुश लगाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
गांजे के नशे में बेटी से किया था दुष्कर्म, पहुंचा जेल
ईशानगर थाना क्षेत्र के गहरवार में एक व्यक्ति के द्वारा गांजे के नशे में अपनी ही बेटी के साथ रेप करने का घिनौना कृत्य सामने आया था। बताया गया है कि गहरवार निवासी रमेश अहिरवार की पत्नि काफी पहले गुजर गई है। रमेश दिन भर गांजा पीता था। उसकी एक 10 वर्ष की बेटी है जो अपनी दादी के साथ रहती है। गुरुवार की रात रमेश ने बेटी के साथ ही घिनौना कृत्य किया। बेटी ने साहस दिखाते हुए पहले दादी को यह बात बताई जिस पर दादी ने भी उसे थाने जाकर शिकायत करने की बात कही। रेप पीडि़ता गहरवार से 5 किमी दूर खुद थाने पहुंची और अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
Updated on:
16 Jun 2019 12:47 am
Published on:
16 Jun 2019 10:09 am
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