बक्स्वाहा हीरा खदान से पेड़ कटने से बचाने अब सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका

पेड़ बचाने की मुहिम में देशभर की 50 संस्थाएं हुई शामिल
स्थानीय युवा भी चला रहे विरोध में सोशल मीडिया कैंपेन

By: Dharmendra Singh

Published: 20 May 2021, 07:32 PM IST

छतरपुर। बक्स्वाहा हीरा खदान के लिए काटे जाने वाले 2.15 पेड़ों को बचाने के लिए देशभर के एक लाख 12 हजार लोग सामने आ गए हैं। कोरोना को देखते हुए इन सभी ने फिलहाल सोशल मीडिया पर सेव बक्सवाहा फॉरेस्ट कैंपन चलाया है। इस बीच दिल्ली की नेहा सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है, जिसे सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। वहीं, जैसे ही कोरोना संक्रमण थमेगा पेड़ बचाने के लिए पर्यावरण प्रेमी चिपको आंदोलन चलाएंगे। जिसके तहत बक्सवाहा पहुंचकर पेड़ों से चिपकर पेड़ काटे जाने का विरोध करेंगे। 9 मई को देशभर की 50 संस्थाओं ने इसके लिए वेबिनार किया और रणनीति बना ली है।

हीरा खदान के लिए 62.64 हेक्टेयर जंगल चिह्नित है। बिडला ग्रुप द्वारा उत्खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृति का आवेदन दिया गया है। फाइल केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय के पास दिसंबर 2020 से लंबित है। अनुमति के संबंध में वन विभाग की सर्वे रिपोर्ट भी भेजी गई है। जिसमें एक लाख पेड़ काटे जाने की बात कही गई है। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अभी मंजूरी नहीं मिली है। लेकिन प्रोजेक्ट को जिस तरह से अनुमतियां मिलती जा रही हैं, ऐसे में पर्यावरण प्रेमी पेड़ों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए विरोध कैं पेन चला रहे हैं। बिड़ला ग्रुप को बक्स्वाहा क्षेत्र में हीरा उत्खनन के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑस्ट्रेलिया की रियो टिंटो कंपनी के बंदर प्रोजेक्ट को बिरला ग्रुप को सौंपा गया है, ताकि वह यहां से हीरा का खनन करें। इस समय सबसे ज्यादा संकट ऑक्सीजन का है इसलिए कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर ऑक्सीजन बचाने हेतु क्षेत्र के जंगलों की सुरक्षा की जंग युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से छेड़ी है।

वहीं छतरपुर के तात्कालीन डीएफओ की माने तो उन्होंने सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी है,जिसमे 1 लाख से ज्यादा पेड़ यहां पर खदान की परिधि में आ रहे है,और इन्हें काटा जाएगा लेकिन उनका कहना है कि इतने ही पेड़ राजस्व भूमि पर लगाएं भी जाएंगे, वही जब उनसे यह पूछा गया की इस जंगल मे जंगली जानवर भी है तो उनका कहना था की कोई ऐसा जानवर होने के संकेत यहाँ नही मिले है जिसको लेकर कोई समस्या आये। उन्होंने कहा कि अभी इस पूरे प्रस्ताव पर मुहर नही लगी है लेकिन वन विभाग ने यह सर्वे रिपोर्ट सौंप दी है। बक्सवाहा के युवा हिमांशु बिल्थरे, सचिन तिवारी, पंकज बिल्थरे, आशिक मंसूरी, आशीष चौरसिया, मुकेश विश्वकर्मा, अनिल जैन, प्रदीप विश्वकर्मा आदि ने कहा कि वे जंगल के काटे जाने का विरोध करेंगे और सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के पर्यावरण प्रेमियों का समर्थन हासिल कर रहे हैं।

Dharmendra Singh
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