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छतरपुर

हेपेटाइटिस को हराकर बने योग गुरु, 14 साल में 5 हजार लोगों को सिखाया

1 अक्टूबर 2009 में शहर में सटई रोड स्थित पीतांबरा मंदिर परिसर में योग कक्षा शुरू की। योग के जरिए आज न केवल वे स्वस्थ है, बल्कि दूसरों को भी निरोगी रहने का पाठ रोजाना पढ़ा रहे हैँ।

छतरपुरJun 21, 2024 / 11:14 am

Dharmendra Singh

yoga

योग अभ्यास करते लोग

छतरपुर. बिजली कंपनी में स्टेनो हीरालाल कुशवाहा को हेपेटाइटिस नामक बीमारी हो गई। दवाएं ली पर हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी हालत बहुत खराब हो गई। इसके बाद उन्होंने पतंजलि योग पीठ की दवाएं ली और सुबह के समय योग शुरू किया। धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य में सुधार आया और कुछ महीने में वे ठीक हो गए। इसके बाद उन्होंने पतंजलि योग पीठ हरिद्वार जाकर योग शिक्षक का प्रशिक्षण लिया और 1 अक्टूबर 2009 में शहर में सटई रोड स्थित पीतांबरा मंदिर परिसर में योग कक्षा शुरू की। योग के जरिए आज न केवल वे स्वस्थ है, बल्कि दूसरों को भी निरोगी रहने का पाठ रोजाना पढ़ा रहे हैँ।

2009 में हुई शुरूआत


सटई रोड स्थित पीतांबरा मंदिर में 14 साल से अनवरत योग कक्षा संचालित हो रही है। बिजली कंपनी कार्यालय छतरपुर में डीई के निज सहायक हीरालाल कुशवाहा ने 1 अक्टूबर 2009 से योग कक्षा शुरू की। तब से योग की यह कक्षा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 9 बजे तक संचालित हो रही है। अब तक वे इस योग कक्षा के माध्यम से बच्चों, युवाओं, महिला और वृद्धों सहित 5 हजार लोगों को योग सिखाया और योग अभ्यास करा रहे हैं।

हर आयु वर्ग के लिए अलग-अलग आसन


3 घंटे की नियमित योग कक्षा में शरीर के सभी अंगों के लिए जरूरी योगासन कराए जा रहे हैं। युवाओं के उनके शरीरिक और मानसिक विकास के लिए शीरसासन, मत्सासन, सुप्त वज्रासन,ताड़ासन, भजंगासन, सर्वागासन, हलासन सिखाते हैं। वहीं, बुजुर्गो व बीमार लोगों के उनकी शारीरिक क्षमता एवं रोग अनुसार सरल आसन कराए जाते हैं। उन्हें मर्कटासन, पवनमुक्तासन, मंडूकासन, पाद वृत्तासन,चक्रिकासन, धनुरासन, श्वासन,बालशयन आसन कराए जाते हैं। योग की क्लास में रोजाना सबसे पहले ईश वंदना, खड़े होकर किए जाने वाले आसान योग, जोगिंग, बैठकर किए जाने वाले सूक्ष्म अभ्यास, प्राणायाम, भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अग्निसार, उज्जायी, कर्ण रोगांतक, शीतलकारी, अनुलोम विलोम, भ्रामरी के साथ ध्यान लगाना सिखाते हैं। इसके बाद कठिन योगासन जैसे यथा- एकपाद, अंगुष्ठासन, टिट्टिभासन, मयूरासन, पद्म मयूरासन और पूर्ण चक्रासन सहित अन्य आसन सिखाते हैं।

मुश्किलों व बाधाओं के बीच भी क्लास रहती है जारी


वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन लगाया गया। इसके बावजूद पीतांबरा मंदिर में योग कक्षा का संचालन जारी। हीरालाल बताते हैं लॉकडाउन के शुरुआत में लोगों ने आना कम कर दिया। पर वे चार-पांच लोगों के साथ कक्षा लगाते रहे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कक्षा जारी रखी। एक भी दिन कक्षा को पूरी तरह से बंद नहीं किया। योग कक्षा शुरू करने के तीसरे दिन 3 अक्टूबर 2009 को मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो 6 अक्टूबर जारी रही। लेकिन हीरालाल इस बारिश में भी नहीं रुके और मन्दिर पहुंचकर योग कक्षा संचालित की। 11 जनवरी से 18 जनवरी 2012 तक जिले में कड़ाके की ठंड पड़ी, लेकिन हीरालाल नहीं रुके और सुबह 4 बजे मंदिर पहुंचकर झाड़ू लगाते हुए पूरी तैयारी कर योग कक्षा संचालित की। 2016 में उनकी भतीजी की ढिलापुर में शादी थी। जिसमें में शामिल हुए, पर सुबह 3 बजे साइकिल से छतरपुर पहुंचे और योग कक्षा संचालित की।

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