scriptBageshwar Dham is the awakening center among the 108 spiritual centers | बुंदेलखंड के 108 अध्यात्मिक केन्द्रों में जागृत केन्द्र है बागेश्वर धाम | Patrika News

बुंदेलखंड के 108 अध्यात्मिक केन्द्रों में जागृत केन्द्र है बागेश्वर धाम


हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं मत्था टेकने

छतरपुर

Published: April 16, 2022 07:22:29 am

छतरपुर. बुंदेलखंड के 108 अध्यात्मिक केन्द्रों में शुमार छतरपुर जिले का बागेश्वर धाम बालाजी हनुमान मंदिर आस्था का जागृत केन्द्र हैं। 300 साल पुराने इस मंदिर का निर्माण सन् 1887 में बाबा सेतु लाल गर्ग ने कराया था। मान्यता है कि धाम की परिक्रमा करने से दुख: तकलीफों से निजात मिल जाती है। यही वजह है कि देश-विदेश के श्रद्धालु बालाजी के दर्शन करने आते हैं।
मान्यता है कि बागेश्वर बालाजी धाम में 40,000 शक्तियां भक्तों की निगरानी करती हैं। इस धाम में मंदिर के आसपास हनुमान जी की 46,000 सेना चारों ओर घूमती रहती है और दु:खी लोगों के मन की बात भगवान तक पहुंचाती हैं।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण महाराज ने बताई महिमा
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण महाराज ने बताई महिमा
जागृत सिद्धक्षेत्र बागेश्वर बाला जी हनुमान
बागेश्वर सिद्पीठ के शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण महाराज ने कलयुग के जागृत देवता, पिता व राजा हनुमान जी के जीवन से सीख, मानवता, वर्तमान समाज और देश को विश्वगुरु बनाने को लेकर पत्रिका से अपने मन की बात रखी। उन्होंने कहा, कलयुग के राजा हनुमान जी हैं। जब श्रीराम परमधाम को जाने लगे तब हनुमान जी को उन्होंने राजा बनाया था। राजा के राज्य में कोई प्रजा दुखी नहीं रह सकती है। जो भी इनकी शरण में आते हैं, निश्चित रूप से एक पिता और राजा के रूप में हनुमान सबके कष्ट हरते हैं। माता-पिता की सेवा का हनुमान जी जैसा भाव सबमें आए तो जीवन का उद्धार होगा।
शास्त्री ने हनुमान जयंती कहने को गलत करार दिया। उन्होंने कहा, जयंती महापुरुषों की मनाई जाती है, जिनका जीवन पूर्ण हो चुका है। हनुमान जी तो आज भी हमारे बीच हैं। बागेश्वर धाम पर लीलाएं कर रहे हैं। मेहंदीपुर बालाजी, सारासर बालाजी में भी लीलाएं कर रहे हैं। कलयुग के जागृत देवता का जन्मोत्सव, प्रकटोत्सव मनाया जाता है।
हनुमान जी से क्या सीख मिलती?
- हनुमान जी ने जीवन में जो भी उपलब्धि पाई, जो भी काज किए, उसे प्रभु के चरणों में समर्पित कर दिया। उनके जीवन से यही शिक्षा मिलती है कि अपने जीवन का सबकुछ प्रभु को समर्पित करने से चारों युग में परिताप बना रहेगा।
- वैदिक परंपरा की ओर कैसे लौटेंगे?
- कलयुग में राम नाम की महिमा है। जो भी राम नाम में डूब जाता है, धर्म की रक्षा करने वाले साधु संतों, माता-पिता और गुरु का सम्मान करता है, कलयुग में उस पर हनुमान जी की कृपा निश्चित रूप से होती है।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण महाराज ने बताई महिमा

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

नाम ज्योतिष: ससुराल वालों के लिए बेहद लकी साबित होती हैं इन अक्षर के नाम वाली लड़कियांभारतीय WWE स्टार Veer Mahaan मार खाने के बाद बौखलाए, कहा- 'शेर क्या करेगा किसी को नहीं पता'ज्योतिष अनुसार रोज सुबह इन 5 कार्यों को करने से धन की देवी मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्नइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथअगर ठान लें तो धन कुबेर बन सकते हैं इन नाम के लोग, जानें क्या कहती है ज्योतिषIron and steel market: लोहा इस्पात बाजार में फिर से गिरावट शुरू5 बल्लेबाज जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 1 ओवर में 6 चौके जड़ेनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ BJP में शामिल, दिल्ली में जेपी नड्डा ने दिलाई पार्टी की सदस्यताअलगाववादी नेता यासीन मलिक आतंकवाद से जुड़े मामले में दोषी करार, 25 मई को होगी अगली सुनवाईज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी विवाद : वाराणसी कोर्ट की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, शुक्रवार को होगी सुनवाईअमृतसर से ISI के दो जासूस गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय सेना से जुड़ी खुफिया जानकारीहरियाणा के झज्जर में फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों को ट्रक ने कुचला, 3 की मौत 11 घायलAzam Khan gets interim bail : आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 89वें केस में मिली अंतरिम जमानत'राज ठाकरे को कोई नुकसान पहुंचाएगा तो पूरा महाराष्ट्र जलेगा', मुंबई में पोस्टर लगाकर MNS ने दी चेतावनीभाजपा राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक : आज जयपुर आएंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, एयरपोर्ट से कूकस तक 75 स्वागत द्वार तैयार
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.