दूसरे जिलों से छतरपुर में बसों के प्रवेश पर लगाई रोक, कुछ ट्रेने और हुई रद्द

प्रशासन-पब्लिक अलर्ट पर,मॉल में लगा ताला
बाजार, दफ्तरों में चहलपहल हुई कम, परिवहन सेवा पर भा असर

By: Dharmendra Singh

Published: 22 Mar 2020, 06:00 AM IST

छतरपुर। कोरोना के संक्रमण की स्थिति जैसे-जैसे गंभीर होती जा रही है। वैसे-वैसे प्रशासन और पब्लिक अलर्ट बढ़ गया है। जबलपुर में कोरोना के 4 पॉजिटिव और झांसी में एक नर्सिंग होम संचालिका के कोरोना प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन ने छतरपुर जिले में दूसरे जिलों से आने वाली बसों के परिवहन पर रोक लगा दी है। वहीं, रेल प्रशासन ने कुछ और ट्रेनों का संचालन बंद करने का फैसला लिया है। वहीं, कुछ ट्रेनों को रीशेड्यूल किया गया है। इधर, मॉल, जिम, मंदिर पहले ही बंद कर दिए गए हैं। अब शहर के शॉपिंग मॉल में भी ताला लग गया है। प्रशासन के साथ ही पब्लिक भी अलर्ट पर आ गई है। बाजार, दफ्तर और सड़क पर चहल-पहल कम हो गई है।
इन ट्रेनों पर पड़ा असर
झांसी रेल मंडल से संबंधित कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को रीशेड्यूल किया गया है। जिसमें खजुराहो से निजामुद्दीन ट्रेन को रीशेड्यूल करते हुए खजुराहो से रात 11 बजे चलाया जाएगा। वहीं, खजुराहो से वाराणसी, खजुराहो भोपाल, खजुराहो-उदयपुर को भी रीशेड्यूल किया गया है। जबकि झांसी खजुराहो पैसेंजर, खजुराहो से कानपुर पैसेंजर को निरस्त किया गया है। जबकि खजुराहो-इंदौर और महाकौशल एक्सप्रेस पहले से ही रद्द हैं।
दफ्तरों में पसरा सन्नाटा, सूने पड़े बाजार, सड़कें खाली
कोरोना वायरस के असर से बचने के लिए लोग एहतियात अपना रहे हैं। शुक्रवार से ही शहर के ज्यादातर सरकारी दफ्तर सूने पड़े रहे। कलेक्ट्रेट में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए तो वहीं नगर पालिका और तहसील कार्यालय में भी सन्नाटा पसरा रहा। यही हालत बाजारों की रही। अनुराग सिटी सेंटर की ज्यादातर दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, विशाल मेगा मार्ट, सिटी लाइफ जैसे शोरूम भी बंद पड़े रहे। जो सड़कें दिन भर यातायात जाम से जूझती थीं उन सड़कों पर भी सन्नाटा देखने को मिला। पर्यटन नगरी खजुराहो में नगर परिषद के द्वारा सैनेटाइजेशन का अभियान चलाया जा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर वायरस रोधी दवा का छिड़काव किया गया।
मतंगेश्वर मंदिर में प्रवेश पर लगी रोक
पर्यटन नगरी खजुराहो के प्राचीन मतंगेश्वर महादेव मंदिर समेत जैन मंदिर, दूल्हा देव मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को पत्र लिखकर राजनगर एसडीएम स्वपिनल बानखेड़े ने मंदिरों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। झूलेलाल जयंती पर हर साल छतरपुर सिंधी समाज द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा को स्थगित कर दिया गया है। इस अवसर पर होने वाले लंगर को भी निरस्त कर दिया गया है। वहीं, ज्यादातर लॉज संचालकों ने 31 मार्च तक अपने लॉज को बंद कर दिया है।
जनता कफर््यू के समर्थन में लोग
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत रोज राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपील की थी कि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात्री 10 बजे तक लोग घरों से न निकलें और जनता स्वयं कफर््यू लगाए। मोदी की इस अपील का असर छतरपुर में भी देखने को मिल रहा है। शहर के ज्यादातर युवाओं ने कहा कि वे इस अपील का पालन करेंगे। शहर के युवक अनिल सेन ने कहा कि यह कदम हमारे फायदे के लिए ही उठाया जा रहा है। इसी तरह व्यापारी राजेश यादव ने कहा कि कोरोना वायरस की श्रंखला को तोडऩे के लिए 14 घंटे तक घरों से न निकलना फायदेमंद साबित होगा। भाजपा के युवा नेता मनीष तिवारी ने भी इस कदम की सराहना की है। तो वहीं बुजुर्ग लल्ला जगत सिंह चौरसिया ने कहा है कि इस कदम से कोरोना आगे नहीं फैलेगा। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने कहा कि समाज के लिए हम सबको प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करना चाहिए। सराफा संघ के अध्यक्ष प्रभात अग्रवाल ने भी जनता कफर््यू को समर्थन दिया है। लोहा सीमेन्ट व्यापारी संघ ने भी जनता कफर््यू का समर्थन देते हुए 22 मार्च को प्रतिष्ठान बंद रखने की घोषणा की है।
ये सेवाएं बंद
कोरोना संक्रमण से अलर्ट के लिए जिले में सिनेमा घर , मॉल, बिग-बाजार, मैरिज हॉल बंद कर दिए गए हैं। अंतरराज्यीय वसों के संचालन समेत अब दूसरे जिलों से आने वाली बसों पर भी रोक लगा दी है। 20 से अधिक लोगों की सभाओं व आयोजनों र पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही पुस्तकालय, वाटर-पार्क, स्वीमिंग पूल, बायोमैट्रिक हाजिरी बंद कर दी गई। लंगर, भंडारा, सामूहिक भोज नहीं होंगे। नदी, तालाबों पर सामूहिक स्नान भी वर्जित होंगे। 31 मार्च तक साप्ताहिक बाजार भी बंद कर दिए गए हैं।
इन व्यवस्थाओं पर रहेगा नियंत्रण
दूध, खाद्य पदार्थ, फल, सब्जी की दुकानों को छोड़कर सभी तरह की दुकानें दिन में 12 से 4 बजे तक ही खुलेंगी। बस की सीट पर एक यात्री ही बैठेगा। ऑटो, टाटा मैजिक एवं बसों को डिस्इन्फेक्टिड किया जाए। सरकारी दफ्तर में 50 प्रतिशत कर्मचारी ही आएंगे। होटल, शासकीय, अशासकीय कार्यालय में साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था हो। जहां लाइन की आवश्यकता हो वहां एक मीटर की दूरी बनाने के निर्देश हैं।
विकासखण्ड स्तर पर टास्क फोर्स कमेटी गठित
नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 को फैलने से रोकने हेतु छतरपुर जिले के सभी विकासखण्ड में टास्क फोर्स कमेटी गठित की गई है। तदनुसार संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनुविभाग के अंतर्गत संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, संबंधित खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सीएमओ नगर पालिका/नगर पंचायत, संबंधित विकासखण्ड के पशु चिकित्सा अधिकारी एवं महिला बाल विकास अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
विकासखण्ड स्तर पर आरआरटी का गठन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सभी विकासखण्ड स्तर पर 4 सदस्यीय आरआरटी टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में संबंधित बीएमओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा स्टॉफ नर्स, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय की ड्यूटी टीम में निर्धारित की गई है।
निजी अस्पतालों को जारी होगी एडवाइजरी
कोरोना वायरस से बचाव हेतु कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने उपस्थित समस्त विकासखण्डों के अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने स्तर पर कोरोना से बचाव हेतु आवश्यक निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। कलेक्टर सिंह ने जानकारी दी कि सभी निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की जाएगी, जिसके अंतर्गत आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की सेवाएं शासन द्वारा ली जा सकती हैं। इसी तरह हर निजी अस्पताल को अपने चिकित्सालय का 10 से 15 बेड की क्षमता वाला एक वार्ड आइसोलेशन वार्ड के रूप में आरक्षित करना होगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले में दूसरे देशों से घूमकर आए लोगों की त्वरित स्क्रीनिंग कराकर आयसोलेशन में रखा जाए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को खुद के घर या नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में क्वारनटाईन में रखा जाए। संबंधित व्यक्ति के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे और जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही इन्हें जिला अस्पताल लाया जाएगा।
सभी कैंप किए निरस्त
कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में जितनी भी ग्रेनाइट और बॉक्साइट की खदानें हैं वहां की टै्रवेल हिस्ट्री की समीक्षा 1 दिसम्बर 2019 से की जाएगी। कलेक्टर ने सीएमएचओ डा. विजय पथौरिया को निर्देशित किया कि अगले 15 दिन के लिए सभी एलटीटी कैम्प और दिव्यांग प्रमाण-पत्र का कार्य स्थगित किया जाए, जिससे अस्पताल में आ रही अनावश्यक भीड़ को रोका जा सके और कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा एवं बचाव होगा।
जरुरत पडऩे पर स्कूलों में बनेंगे आइसोलेशन वार्ड
पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ ने निर्देशित किया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए गठित की गई टास्क फोर्स कमेटी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की जाए। गठित की गई टास्क फोर्स खुद की सुरक्षा का भी पूर्णत: ध्यान रखें तभी वह जिले को सुरक्षित रख पाएगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारी और कर्मचारियों एवं जिलेवासियों से अनुरोध किया कि वह सभी संवेदनशील बनें और दूसरों को शिक्षित कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु गठित टास्क फोर्स के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चन्द्र ने कहा कि वायरस से बचाव के लिए स्थानीय रिस्पोंस सबसे महत्वपूर्ण हैै, इसलिए आपातकालीन स्थिति में स्थानीय शासकीय शालाओं का उपयोग आयसोलेशन वार्ड के रूप में किया जाएगा। इसी के साथ सभी विकासखण्डों में 5 से 7 लोगों की स्थानीय टीम गठित की जाएगी जिसमें बीएमओ, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सम्मिलित रहेंगे। यह टीम अपने-अपने विकासखण्ड के प्रत्येक सेक्टर में जाकर स्क्रीनिंग एवं मॉनिटरिंग करेगी, जिससे जमीनी स्तर तक शासन की मदद पहुंचाई जाने के साथ ही कोरोना का संक्रमण कम से कम किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ, एएसपी समीर सौरभ, सीएमएचओ डॉ. विजय पथौरिया, सिविल सर्जन डॉ. आरएस त्रिपाठी सहित सभी विकासखण्डों के अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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