संगठन मंत्री के मुक्त होते ही घोषित हुई भाजपा की जिला कार्यकारिणी


23 पदों में 9 पिछड़ा वर्ग, 8 ब्राह्मण, दो क्षत्रिय को मिला अवसर
अनेक पूर्व पदाधिकारियों की छुट्टी हुई, दो सिंधिया समर्थकों को भी मौका

By: Dharmendra Singh

Published: 14 Sep 2021, 01:36 PM IST

छतरपुर। अंतत: लंबे इंतजार के बाद भाजपा ने अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी है। संभागीय संगठन मंत्री के मुक्त होते यह कार्यकारिणी घोषित हो गई, जिसमे स्पष्ट रूप से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के समर्थकों का बोलबाला है। 23 पदाधिकारियों की सूची में 8 ब्राह्मण हैं। हालांकि पूर्व पदाधिकारी जयराम चतुर्वेदी, सूरजदेव मिश्रा, विवेक चौरसिया, प्रदीप खरे मंटू जैसे पूर्व पदाधिकारी इस बार कार्यकारिणी में स्थान नहीं बना सके हैं। कार्यकारिणी में 9 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, एक कोषाध्यक्ष, एक कार्यालय मंत्री बनाया गया है। पूर्व मंत्री ललिता यादव को प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद उनके पुत्र राजेन्द्र मोनू यादव को भी जिला उपाध्यक्ष के पद से नवाजा गया है। सूची में दो सिंधिया समर्थकों को भी स्थान मिला है। रोचक बात यह भी है कि कार्यकारिणी में लगभग 15 पदाधिकारी छतरपुर में निवास करते हैं, लेकिन उनमें से अनेक को उनके गांव, कस्बों के नाम से पदाधिकारी बनाया गया है।

इनको मिला कार्यकारिणी में स्थान
सूची में जिला उपाध्यक्ष शोभा राजपूत, दिनेश गौतम, अशोक दुबे, दिलीप अहिरवार, राजेंद्र यादव मोनू, मणिकांत चौरसिया, पार्वती आदिवासी, अभिषेक परिहार, संजीव पांडे को बनाया गया है। इसी तरह सुरेंद्र चौरसिया, अरविंद्र पटेरिया और बृजेश राय को जिला महामंत्री बनाया गया है। जिले में सिंधिया विकास मंच संचालित करने वाले अमित गोस्वामी जिला मंत्री बन गए हैं। उनके अलावा भागीरथ पटेल, अजय राजे, उषा कुशवाहा, पंकज पांडे, कमलेश राय, संजय रैकवार, सुनील मिश्र, पवन जैन को भी जिला मंत्री बनाया गया है। विवेक उप्पल को कोषाध्यक्ष एवं राजनगर विधानसभा के पूर्व विस्तारक अरविंद त्रिपाठी को जिला कार्यालय मंत्री बनाया गया है।

पिछड़ा वर्ग के 9 पदाधिकारी
जिले में भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा हो रही थी। सूत्रों के अनुसार संगठन मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष के बीच मतभेद के चलते यह कार्यकारिणी डेढ साल से घोषित नहीं हो पा रही थी। अंतत: संगठन मंत्री की छुट्टी होने के महज 2 दिन के भीतर ही यह कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। जिससे इन बातों को बल मिल रहा है। हालांकि कार्यकारिणी में जातिगत संतुलन को लेकर कार्यकर्ताओं में भीतर ही भीतर असंतोष के स्वर भी उभर रहे हैं। 23 पदाधिकारियों की सूची में 15 सदस्य छतरपुर जिला मुख्यालय से हैं। सूची में वैश्य समाज से एकमात्र पदाधिकारी विवेक उप्पल हैं। कायस्थ समाज से कोई पदाधिकारी नहीं है। इसके अलावा दो क्षत्रिय को भी मौका मिला है। 23 पदाधिकारियों की सूची में 5 महिलाएं भी शामिल की गई हैं।

नौगांव इलाके से कोई नहीं
गौरतलब है कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी को जिले की 6 में से केवल एक सीट पर महज 1000 वोटों के अंतर से जीत नसीब हुई थी। इस कार्यकारिणी में अनेक वरिष्ठ नेताओ की उपेक्षा के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में पार्टी के अंदरखाने असंतोष बढ़ रहा है। कार्यकारिणी से यह भी स्पष्ट संकेत मिलता है प्रदेश अध्यक्ष सांसद होने के नाते अपनी खुद की टीम खड़ी करने की कवायद कर रहे हैं। नौगाँव से कोई भी पदाधिकारी नहीं बनाया गया है। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के नाम पर 3 पदाधिकारी हैं। इनमें मणिकांत चौरसिया को छोड़कर सुरेंद्र चौरसिया और भागीरथ पटेल छतरपुर में निवास करते हैं। हालांकि जिलाध्यक्ष मलखान सिंह कहते हैं कि सभी को साथ लेकर राय मशविरा कर ही सूची जारी की गई है। अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों की अनदेखी पर उनका कहना है कि भाजपा का कार्यकर्ता अनुशासित होता है। पार्टी उन्हें भी समय आने पर जिम्मेदारी देगी।

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