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छतरपुर

सावधान: बारिश में बढ़ सर्पदंश का खतरा, झांड़ फूंक में समय गंवाने से जा सकती है जान

यदि किसी को सांप काटता है तो वह बिना देरी किए तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल में पहुंचे जहां एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद हो। झाड़-फूंक में अपना समय व्यर्थ न करें और यदि आस-पास कोई डॉक्टर नहीं है तो बिना देरी करे जिला अस्पताल पहुंचें।

छतरपुरJun 28, 2024 / 10:57 am

Dharmendra Singh

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जिला अस्पताल छतरपुर

छतरपुर. बारिश के मौसम में सांप काटने के मामले बढ़ जाते हैं। जिला अस्पताल में बारिश के दौरान एक ही दिन में पांच से 6 मामले तक आ जाते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में सावधान रहना और सुरक्षित रहना जरूरी है। मरीज जहर को पूरे शरीर को संक्रमित करने से मौत का कारण बनने से रोकने के लिए चिकित्सा सहायता के लिए दौडऩे की आवश्यकता है। घबराने की जरूरत नही, क्योंकि केवल 10 फीसदी सांप ही जहरीले हैं।

विशेषज्ञ की ये है राय


स्वास्थ्य अधिकारी डॉ लखन तिवारी का कहना है कि ज्यादातर लोग सांप के काटने पर जहर से कम और दहशत में ज्यादा मर जाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि यदि किसी को सांप काटता है तो वह बिना देरी किए तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल में पहुंचे जहां एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद हो। झाड़-फूंक में अपना समय व्यर्थ न करें और यदि आस-पास कोई डॉक्टर नहीं है तो बिना देरी करे जिला अस्पताल पहुंचें। घबराए नहीं और अपना मनोबल बनाए रखें । सिविल सर्जन डॉक्टर जीएल अहिरवार का कहना है कि 90 प्रतिशत मामलों में मरीज घबराहट या समय पर उपचार न मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं । सिर्फ 10 प्रतिशत सांप ही जहरीले होते हैं बाकी 90 फीसदी जहरीले नहीं होते।

घर को सुरक्षित करने के लिए करें ये उपाय


लोगों को अपने घर के सभी ओपन स्पेश को बंद कर देना चाहिए, ताकि किसी भी रास्ते से सांप घर में प्रवेश न कर सकें। सांप के काटने के अधिकतर मामले घरों के अंदर ही सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि घर के आसपास व दीवार के साथ पत्थर, लकड़ी व कूड़े-कचरे के ढ़ेर भी एकत्रित नहीं होने देने चाहिए. वहीं अंधेरे वाले स्थानों में बिना टॉर्च और रोशनी के भी नहीं जाना चाहिए। सर्पदंश पर बिना घबराए 108 एम्बुलेंस में फोन करना चाहिए, साथ ही जल्द से जल्द अस्पताल में पहुंचना चाहिए।

बचने के अपनाए ये उपाय


बरसात में संपदर्श की घटनाओं से बचने के लिए अलर्ट रहना जरूरी है. इसमें घर के प्रवेश करने वाले सभी स्थानों को बंद करना चाहिए, जिसमें किचन व बाथरूम से पानी निकासी के रास्ते को भी बंद करना जरूरी है. लकडिय़ां, पत्थर व गंदगी दीवारों के साथ न रखें, घर में नीचे न सोएं, बेडशीट को भी बैड में नीचे नहीं लटकाना चाहिए, अंधेरे वाले स्थान में बिना रोशनी के न जाए और घास व अधिक पत्तियों में भी संभल कर चलें।

सांप के काटने पर ये करें


सांप के काटने पर बिना घबराएं हुए पीडि़त को अपने शरीर को अधिक हिलाना नहीं चाहिए, जिसमें संपदर्श वाले स्थान को बिल्कुल शांत रखना चाहिए. सबसे पहले 108 एम्बुलैंस को फोन करना चाहिए, साथ ही जितना जल्दी हो सके, इंडोर अस्पताल में मरीज को एडमिट किया जा सकता है, उस अस्पताल में पहुंचना चाहिए। प्रदेश में इंडोर अस्पतालों में ही एंटी स्नैक विनम वैक्सीन की सुविधा रखी गई है। ये सुविधा एम्बुलैंस 108 में भी प्रदान की गई है. साथ ही पीडि़त को इस दौरान कुछ भी खिलाना-पिलाना नहीं चाहिए. जिला के सभी इंडोर अस्पतालों मेडिकल कॉलेज, सिविल व सीएचसी में एंटी स्नैक विनम वैक्सीन रखी गई है। साथ ही आईसीयू की सुविधा वाले स्थानों में वेंटिलेटर की व्यवस्था रहती है।

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