जिला अस्पताल में नहीं सुधरी व्यवस्थाएं, काम भी अधूरे

कलेक्टर ने दौरे के दौरान एक सप्ताह का दिया था अल्टीमेटम, नहीं हो पाए अधूरे पड़े काम

By: Samved Jain

Published: 07 Mar 2020, 09:00 AM IST

छतरपुर. ज्वाइनिंग के बाद दूसरे दिन जिला अस्पताल का निरीक्षण करने कलेक्टर शीलेंद्र सिंह पहुंचे थे। जहां उन्होंने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को जानने के बाद एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन पीआइयू द्वारा 10 दिन बीतने के बाद भी कोई काम पूरा नहीं कराया गया हैं। जिससे मरीजों के परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल में अधिकांश समस्याएं निर्माण को लेकर बताई थी। जिसमें उन्होंने पीआइयू के इंजीनियर को हर ३ दिन में प्रगति रिपोर्ट देने कहा था, लेकिन अब तक हालात जस के तस हैं। पत्रिका ने शुक्रवार को उन जगहों का दौरा किया, जहां की समस्याएं नोट कराई गई थी। सिर्फ ओटी में काम चल रहा है, इसके अलावा अन्य जगहों पर कहीं काम नजर नहीं आया।
कलेक्टर ने इन व्यवस्थाओं को सुधारने दिए थे निर्देश
कलेक्टर ने दौरे के दौरान साफ-सफाई पर विशेष फोकस किया था। जो तो फिलहाल अस्पताल में नजर आ रही हैं। इसके अलावा 10 दिन में ओटी कॉम्पलेक्स का निर्माण कराने के निर्देश थे। एसएनसीयू शिफ्टिंग का काम शुरू कराया जाना था, जो अभी शुरू भी नहीं हो सका हैं। इसके अलावा एसी सेंट्रलाइजेशन, बिजली और ऑक्सीजन के काम भी पूरे नहीं हो सके हैं। यहां तक की तीसरी मंजिल पर टूटी हुई रैलिंग अब भी कॉटन की पट्टी के भरोसे ही हैं। जबकि इसे लेकर कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देश दिए थे। कैदी वार्ड में भी व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं।
ओपीडी भी नहीं चल रही शाम 4 तक
जिला अस्पताल की ओपीडी भी शाम 4 बजे तक के लिए सुचारू नहीं हो सकी है। जबकि इसके लिए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए थे। शुक्रवार को भी डॉक्टर दोपहर 1 बजे के बाद नजर नहीं आए। इसके अलावा ब्लड बैंक को लेकर भी अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
इन कार्यों के लिए तैयारी शुरू, जल्द होंगे काम
नवीन अस्पताल भवन में मरीजों को इंफेक्शन से बचाने के लिए एल्युमीनियम पार्टिशन और जोनिंग कार्य के लिए 8 लाख 50 हजार की स्वीकृति हो चुकी हैं। जिसके लिए टेंडर की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा ब्लड कलेक्शन कक्ष के लिए 2 लाख रूपए, विजिटिंग चेयर के लिए 3 लाख 50 हजार रूपए, ट्रांसपैरेंट शीट के लिए 5 लाख रूपए और नैदानिक केन्द्र की रंगाई-पुताई के लिए 1 लाख 50 हजार रूपए, 8 स्पलिट एसी के लिए 4 लाख रुपए और बायोमेडिकल वेस्ट की संग्रहण व्यवस्था के लिए 50 हजार रुपए की स्वीकृति मिलने के बाद यह काम भी शुरू कराए जा रहे हैं। मार्च के महीने में इतने कार्यों को पूरा करना हैं। जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं में पहले से अधिक सुधार नजर आने लगेगा।
वर्जन
कलेक्टर के निर्देश पर व्यवस्थाओं में काफी सुधार किया गया हैं और काम चलता जा रहा है। कुछ निर्माण संबंधी कार्यों में जरूर समय लग रहा हैं, जिन्हें जल्द पूरा करा लिया जाएगा। नए काम भी जल्द शुरू होंगे।
डॉ. आरएस त्रिपाठी, सिविल सर्जन

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