मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह में शादी-शुदा जोड़े पहुंचे, जानिए पहचाने गए तो क्या हुआ

- 22 जोड़ों ने कराया था रजिस्ट्रेशन, 14 जोड़े ही शादी के लिए पात्र पाए गए

By: Samved Jain

Published: 13 Mar 2018, 01:56 PM IST

छतरपुर। शहर के मेला ग्राउंड स्थित जनपद पंचायत कार्यालय में सोमवार को अचानक मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन का कार्यक्रम आयोजित कर लिया गया। खत्म होते वित्तीय वर्ष के चलते टारगेट को पूरा करने के लिए आनन-फानन में यह आयोजन किया गया था। योजना के तहत विवाह के लिए यहां पर 22 जोड़ों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। लेकिन जब विवाह करने के लिए जोड़े यहां पहुंचे तो उनमें से कई को पहचान लिया गया। कुछ जोड़े शादीशुदा थे और यहां तक कि उनके बच्चे भी थे, लेकिन वे दूसरे बार सात फेरे ले पाते इससे पहले ही उनको यहां से रवाना कर दिया गया। किसी तरह 14 जोड़ों की ही यहां पर शादियां हो पाई। जबकि जनपद पंचायत ने लक्ष्य २२ से २५ शादियों का रखा था।
दूल्हा बनकर सज-धजकर पहुंचे, लेकिन पकड़े गए :
जनपद पंचायत कार्यालय के परिसर में सोमवार को सुबह से ही शादियों के लिए वर-वधु पहुंचना शुरू हो गए थे। ढिलापुर गांव से पहले रामकिशोर और देरी गांव की रामरती यहां पर दूल्हा-दुल्हन बनकर रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे थे, लेकिन उनकी उम्र ज्यादा देखकर जनपद के स्टाफ को संदेह हुआ। पूछताछ कर जब सरपंच-सचिव की टीम देखी गई और पड़ताल की गई तो वे पहले से ही शादीशुदा निकले। इस पर उन्हें चेतावनी देकर वापस लौटा दिया गया। इसी तरह हिम्मतपुरा के दुलीचंद एक महिला को लेकर शादी के लिए पहुंचे थे। उम्र 37 साल से ज्यादा थी। पता किया तो वे दो बच्चों के पिता निकले। इस पर उन्हें भी यहां से बैरंग लौटा दिया गया। एक के बाद एक जब बेमेल और संदिग्ध जोड़ों की यहां ज्यादा आमद होते दिखी तो जनपद पंचायत अमला सतर्क हो गया। मीडिया के पहुंचते ही शादी-शुदा जोड़ों ने यहां से दौड़ लगा दी। उन्होंने फिर शादी के लिए आवेदन की कोशिश भी नहीं की। कुछ पंचायतों के सरपंच भी अपने यहां से जोड़ों को सेट करके दोबारा शादी कराने के लिए लाए थे। कुछ जोड़े ऐसे भी पहुंचे जिनके इसी सप्ताह शादी हुई थी, लेकिन जनपद पंचायत से शासन की ओर से दी जाने वाली राशि और सामान के लालच में वे फिर से शादी करने आ गए गए थे। लेकिन जब उनका वैरिफिकेशन कराया गया तो वे यहां से लौट गए। इस स्थिति में शाम तक केवल 14 शादियां हो पाईं। इनमें से एक विकलांग जोड़े की भी यहां पर शादी कराई गई।
22 शादियों का था लक्ष्य हो पाई महज 14 :
जनपद पंचायत छतरपुर के मुख्य लिपिक शंकर बाबू ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के तहत शादियां करने के लिए २२ से २५ शादियों का लक्ष्य रखा गया था। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन २२ जोड़ों को हुए थे, लेकिन जब सोमवार को शादी करने के लिए यहां पर जोड़े पहुंचे तो उनमे से कई संदिग्ध और पहले से शादीशुदा दिखे। इस पर तुरंत उन्हें लौटा दिया गया। इसी कारण केवल १४ शादियां ही फ्रेस हो पाईं।
हम पहले से ही सतर्क थे :
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत होने वाले कार्यक्रमों में कई लोग गड़बड़ी करते हैं। इसलिए हमने पहले से ही जांच-पड़ताल कर ली थी। जो ऑनलाइन आवेदन आए थे, उनका वैरिफिकेशन कराया गया था। गांव के सरपंच, सचिव और पंचायत इंस्पेक्टर की रिपोर्ट लेकर ही शादियां कराई गईं। जो सीधे जनपद पंचायत आए उनका भी वैरिफिकेशन कराकर पुष्टि की गई। पहले से शादीशुदा जोड़ों को इस आयोजन में शामिल नहीं होने दिया गया। उन्हें बाहर से ही लौटा दिया गया।
- सैय्यद मजहर अली, सीईओ, जनपद पंचायत छतरपुर

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