scriptcity government took over ten years with upbringing of the children | बच्चों की परवरिश व परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ दस साल संभाली शहर सरकार | Patrika News

बच्चों की परवरिश व परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ दस साल संभाली शहर सरकार


परिवार की महत्वपूर्ण इकाई है नारी, परिवार को जैसा बनाएगी, वैसा बनेगा समाज व देश
जिम्मेदारी, सहयोग और तालमेल का भाव देता है ताकत

छतरपुर

Updated: May 07, 2022 06:35:38 pm

छतरपुर। मदर्स डे एक मां होने की भावना का जश्न मनाने और अपने बच्चे के साथ एक खूबसूरत बंधन साझा करने का एक विशेष दिन है। मदर्स डे वास्तव में काफी स्पेशल होता है, क्योंकि एक मां के अपने बच्चों के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण के करीब कुछ भी नहीं आ सकता है। एक बच्चे के जन्म से लेकर उसके बड़े होने तक, मां अपने बच्चों से हर समय प्यार करती है और उनके व्यक्तित्व को आकार देती है, ताकि वे जीवन में सभी बाधाओं से लड़ सकें। इसके साथ ही कुछ मां बच्चों व परिवार के साथ समाज के लिए भी लीक से हटकर काम करती हैं। मदर्स डे सिटी सेलेब्स मदर्स के लिए भी खास है, क्योंकि शहर में बड़ा नाम और काम बनाने के साथ वे बच्चों के व्यक्तिव को भी साकार कर रही हैं।
सिटी सेलेब्स मदर्स
सिटी सेलेब्स मदर्स
अर्चना सिंह दस साल तक छतरपुर की शहरी सरकार यानि नगरपालिका की अध्यक्ष रही है। अपने मृदुभाषी, सहज स्वभाव के चलते न केवल युवाओं बल्कि बड़े-बुजुर्गो के बीच अपनी विशेष पहचान रखने वाली अर्चना सिंह ने बच्चो, परिवार और समाज के बीच तालमेल बनाकर मां के सेलेब्स स्वरुप को साकार किया है। नगरपालिका व राजनीति जैसे दिनरात काम वाले क्षेत्र में काम करने के साथ अपने बेटे जयदित्य प्रताप सिंह और बेटी राजनंदिनी राजे सिंह की परिवरिश की और उनमें भी समाजसेवा के भाव जागृत किए, ताकि उनका जीवन व व्यक्तित्व की सार्थक आकार ले।

सभ्य परिवार से बनता है सभ्य देश
अर्चना सिंह ने पत्रिका के साथ बातचीत में कहा कि परिवार, समाज की छोटी इकाई है। किसी देश अथवा समाज में जैसे परिवारों की हालत होगी, वैसी ही उस देश अथवा समाज की हालत होगी। अगर परिवार के सदस्य सुसभय या सुशिक्षित होंगे तो वह देश भी अच्छी सभ्यता वाला देश कहा जाएगा। परिवार की महत्वपूर्ण इकाई नारी है। नारी के बिना परिवार की कल्पना भी नहीं कर सकते हैँ। बेटी, पत्नी, मां, बहन हर रूप में नारी का योगदान अमूल्य होता है।
मां के रूप में नारी
मां के रूप में नारी की ममता अद्वितीय मिसाल है। बच्चे के सुख के लिए मां हर प्रकार का त्याग करने के लिए तत्पर रहती है। वह अपनी भूख, प्यास, नींद और आराम को त्यागकर अपने बच्चों और परिवार के सुख के लिए अपना सारा जीवन लगाती है। देखा जाए तो संसार के हर व्यक्ति की रचयिता एक नारी ही है। मां के रूप में नारी का योगदान समाज में अमूल्य होता है। मां-बच्चे की प्रथम गुरू है। बच्चे को अच्छे संस्कार देने में मां की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इतिहास साक्षी है कि विश्व के महान से महान चरित्र जैसे कि बालक धु्रव, वीर शिवाजी, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, लालबहादुर शास्त्री, महात्मा गांधी, लाल लाजपत राय, महाराज छत्रसाल को गढऩे में इनकी माताओं का सबसे बड़ा योगदान रहा है।

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