कोरोना का असर, अप्रेल-मई में होने वाली 4 हजार शादियां टलीं

26 अप्रेल को अक्षत तृतीय पर ही समाजिक और सरकारी विवाह सम्मेलनों में होनी थी 3000 से ज्यादा शादी
अब जून में 8 दिन शुभ मुहूर्त, उसके बाद नंबवर और दिसंबर में होंगी शादिया

By: Dharmendra Singh

Published: 23 Apr 2020, 08:00 AM IST

छतरपुर/नौगांव। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉक डाउन का ग्रहण अप्रेल-मई में जिले में होने वाली लगभग 4 हजार शादियों पर पड़ा है। केवल 26 अप्रेल को ही अक्षय तृतीया पर ही सरकारी कार्यक्रम और समाजिक समारोह की शादियां मिलाकर लगभग 3 हजार से ज्यादा शादियां होनी थी, जो फिलहाल कैंसिल हुई हैं। ये शादियां अब 7 महीने आगे बढ़ गई हैं। शादियां निरस्त होने से शादी से जुड़े कारोबार मैरिज गार्डन, हलवाई, ब्यूटी पार्लर, पंडित की बुकिंग लोगों ने निरस्त करा दी हैं। इसका असर सराफा व किराना व्यापार पर भी पड़ा है। शादी से जुड़े कारोबार में लगे छोटे-छोटे कर्मचारियों को काम नहीं मिलने से वे बेरोजगार हो गए हैं। जबकि पूंजी के जरिए इस कारोबार से जुड़े लोगों को घाटा हो रहा है। केवल अप्रेल-मई की कमाई से ही इन लोगों का अगले 4 महीने का खर्च चलता था, लेकिन इस बार कमाई नहीं होने से अगले महीनों में खर्च चलाने की समस्या खड़ी हो गई है।

अप्रेल के साथ मई की बुकिंग भी हुई कै ंसिल
कन्हैया मैरिज गार्डन के संचालक राजेश शिवहरे ने बताया कि महीने में औसत 8 से 10 शादियों की बुकिंग मिलती थी। लॉक डाउन के कारण उनकी 8 बुकिंग कैंसिल हो गई हैं। अप्रेल-मई से मिलने वाली आय से ही तीन महीने का खर्च चलता था। उनके पास दो कर्मचारी परमानेंट हैं, जिनकी वेतन वे अपनी जेब से दे रहे हैं। बाकी कर्मचारी बुकिंग पर ठेके से बुलाते थे, बुकिंग कैंसिल होने से ठेके वाले कर्मचारियों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। मैरिज हाउस संचालक अनिल खरे ने बताया कि 26 अप्रेल की शादियां कैंसिल हो गई हैं, ज्यादातर लोगों ने नबंवर माह में शादियां करना तय किया है।

डीजे की बुकिंग भी हुई कैंसिल
द अंकित डीजे के संचालक अंकित ने बताया कि अप्रेल, मई और जून में करीब 80 बुकिंग एडवांस हुई थीं, लॉक डाउन के कारण उनमें से 50 की बुकिंग कैंसिल हो गई है। तीन महीने में लगभग 6 लाख का कारोबार होता था, जो इस बार नहीं हो पा रहा है। इसी तरह हलवाईयों की बुकिंग भी कैंसिल हो गई है। हलवाई परसू ने बताया कि जितने भी फंक्शन होते थे, उनमें हलवाई की बुकिंग होती थी, लेकिन लॉक डाउन के कारण फंक्शन ही कैंसिल हो गए, जिससे इन दिनों वे लोग बेरोजगार हैं।
सराफा कारोबार को भी झटका
सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रभात अग्रवाल के अनुसार पिछले साल अप्रेल और अक्षय तृतीया के अवसर पर लगभग 10 करोड़ का सराफा कारोबार हुआ था। लेकिन इस बार शादियां न होने से इतना नुकसान तो तय है। सराफा के साथ ही अन्य कारोबार पर भी इसका असर पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में कैटरिंग का 5 करोड़, कपड़ा, बर्तन और इलेक्टॉनिक्स का 10 करोड़, मैरिज गार्डन का 6 करोड़, किराना, फल-सब्जी का 5 करोड़ का कारोबार कोरोना लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ है।

Dharmendra Singh
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