महंगा पड़ा रुपए मांगकर मारपीट करना

सीजेएम डीके शर्मा की कोर्ट ने सुनाया फैसला

By: आकाश तिवारी

Published: 10 Feb 2018, 10:47 AM IST

छतरपुर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डीके शर्मा की कोर्ट ने रुपए मांगने और मारपीट करने वाले दो आरोपियो को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दो-दो साल की कठोर कैद के साथ दो-दो हजार रुपए के जुर्माना की सजा दी।
एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि 24 अप्रैल 2015 को रात करीब 8.30 बजे फरियादी प्रबंध पचौरी अपने खेत से घर वापस लौट रहा था। प्रबंध महोबा रोड स्थित बाईपास रोड पर पहुंचा। तभी उसे तरुण यादव और अतिन शुक्ला ने रोक लिया और प्रबंध से एक हजार रुपए पार्टी करने के लिए मांगने लगे। प्रबंध ने रुपए देने से मना किया तब तरुण और अतिन प्रबंध की मारपीट करने लगे और जान से मारने की धमकी देते हुए गालियां दी। प्रबंध ने इस घटना की रिपोर्ट सिटी कोतवाली थाना में दर्ज कराई। प्रधान आरक्षक यूएस त्रिपाठी ने आरोपीगण को गिरफ्तार करके मामला कोर्ट में पेश किया। एडीपीओ आशीष त्रिपाठी ने बताया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डीके शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में अंतिम फैसला सुनाते हुए तरुण और अतिन को आईपीस की धारा 327 में दो-दो साल की कठोर कैद के साथ दो-दो हजार रुपए के जुर्मान की सजा सुनाई। जुर्माना की राशि अदा न करने पर दोनो आरोपी को तीन-तीन माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतने की भी सजा दी। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी एडीपीओ शिवाकांत त्रिपाठी ने की।

 

पोस्टमैन के साथ मारपीट के मामले में एक साल की सजा
छतरपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने पोस्टमैन के साथ मारपीट के मामले में आरोपी को एक साल के कारावास व पांच सौ रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना कोतवाली में 23 मार्च 15 को फरियादी रामनारायण आदिवासी ने रिपेार्ट दर्ज कराई की जब वह दोपहर 3.30 बजे मनोहर टाईपिंग के पास स्टेट बैंक के सामने डाक वितरण का कार्य कर रहा था तभी आरोपी शेख मुकीम आया और अपने एटीएम के संबंध में पूछताछ करने लगा। मैंने बताया कि पता गलत होने से उसका एटीएम वापस कर दिया गया है। जिस पर से आरोपी ने फरियादी के साथ गालीगलौज कर मारपीट की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 127/15 धारा 332, 353, 294, 506 मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। विवेचना पूरी होने पर चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वंदना त्रिपाठी ने इस मामले में धारा 332 एवं 353 में एक-एक वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच सौ रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की राशि जमा न करने की स्थिति में एक-एक माह का कठोर कारावास अलग से भुगतने का प्रावधान किया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ अमितमणी त्रिपाठी ने की।

आकाश तिवारी
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