आपदा से लडऩे परिवार बढ़ा रहा हौसला, जनता से भी उम्मीद

नई जिम्मेदारी का डॉक्टर्स कर रहे निर्वहन

छतरपुर. कोरोना के संक्रमण को नियंत्रण करने में लगे डॉक्टर्स का काम इन दिनों आम ड्यूटी से कहीं अधिक बढ़ गया हैं। वह अपने स्टाफ के साथ लगातार काम में लगे हुए हैं। ऐसे में उनके परिवार के सदस्य डॉक्टर की चिंता किए बगैर आपदा से डटकर लड़कर खत्म करने के प्रयास में उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। जबकि डॉक्टर जनता से भी जागरुकता का परिचय देने आग्रह कर रहे हैं।


ऐसे ही एक डॉक्टर और उनके परिवार से पत्रिका ने कुछ अनुभव जानने का प्रयास किया। जिला क्षय अधिकारी के अलावा कुष्ण रोग और मातृ स्वास्थ्य का प्रभार संभाल रहे डॉ. शरद चौरसिया को नौगांव और सटई क्षेत्र का नोडल अधिकारी बनाया गया हैं। राष्ट्रीय आपदा कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए वह पहले ही दिन से क्षेत्र में पहुंच गए और स्थानीय अधिकारियों से चर्चा कर कंट्रोल प्लान बनाना शुरू कर दिया हैं। डॉ. चौरसिया को भरोसा है कि जिस थीम पर काम कर रहे हैं, वह निश्चित ही कारगर साबित होगा। हालांकि, इसके लिए उन्होंने जनता से जागरुकता का परिचय देने का आग्रह किया हैं।


ड्यूटी टाइम नहीं फिक्स, पापा को रहती है चिंता
डॉ. शरद चौरसिया इन दिनों अपने मूल कार्यों के साथ-साथ कोरोना संक्रमण रोकने की प्लानिंग और टूर में व्यस्त हैं। ऐसे में ड्यूटी टाइम अब फिक्स नहीं रहता हैं। लॉक डाउन के समय बेटे की व्यस्तता और राष्ट्रीय आपदा में ड्यूटी से पिता को चिंता बनी रहती हैं। पेशे से डॉक्टर पिता बार-बार बेटे को सावधान रहने की सलाह देते रहते हैं। घर पहुंचने पर दिनभर के कार्यों की जानकारी भी वह जुटाते हैं।
पत्नी और बेटी बढ़ाती हैं हौसला
डॉ. शरद चौरसिया की पत्नी डॉ. श्वेता चौरसिया भी जिला अस्पताल में डॉक्टर हैं। वह एसएनसीयू में पदस्थ है। एक दिन पहले ही डॉ. शरद ने पत्नी को बताया था कि राष्ट्रीय आपदा कोरोना संक्रमण को रोकने लिए उन्हें नौगांव व सटई का नोडल बनाया गया है। जिस पर डॉ. श्वेता ने सकारात्मक जवाब दिया था। उन्होंने इसके नियंत्रण के लिए पूरी ताकत से काम करने की बात कही थी। इधर डॉ. शरद की बेटी को भी पापा के कार्य पर गौरव है। परिवार के मिल रहे सपोर्ट पर डॉक्टर भी पूरी तन्मयता से कार्य में जुट गए है।


स्वयं और परिवार को ऐसे रखते है सुरक्षित
डॉ. शरद चौरसिया के अनुसार ड्यूटी से जैसे ही वह घर लौटते है तो सभी इमरजेंसी को भूलकर पहले सुरक्षा का ख्याल रखते हैं। 1 एमएल सोडियम क्लोराइड में कपड़ों को डिस्पोज करता हूं। पूरे घर को सेनेटाइज करके रखता हूं। घर में भी डिस्टेंड बनाकर रखने का प्रयास करता हूं। घर में काम करने वालों के लिए भी ब्लीचिंग पाउडर रखा गया हैं। जिन्हें भी नियमों के पालन करने की सलाह देते रहते हैं। इसके लिए ड्राइवर और कार को भी स्व'छ व सेनेटाइज रखते हैं।


दो लेवल पर लडऩे के लिए तैयार
डॉ. शरद चौरसिया ने कोविड-19 के संक्रमण से लडऩे और उससे लोगों को संक्रमित होने से बचाने 2 लेवल का प्लान तैयार किया है। पहले लेवल के तहत मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ काम कर रहा हैं। जिसके तहत बॉर्डर पर स्क्रीनिंग का काम चल रहा है। दूसरा लेवल उन्होंने तैयार किया हैं। जिसे जिले भर में फॉलो किया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग कम्युनिटी पार्टी बनाई जाएगी। जिसमें बीपीएम, आशा, एएनएम, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया जाएगा। लेवल 2 में टारगेट माइग्रेन होगा। क्योंकि, गांव में अन्य राÓयों से वापस पहुंचे ग्रामीण सबसे Óयादा माइग्रेन हो सकते हैं। ऐसे में कम्युनिटी पार्टी के माध्यम से हम गांव-गांव में ऐसे लोगों की तलश कराएंगे और इन्हें कोरोंटाइन करेंगे। जबकि संदिग्धों की जांच कराएंगे। ऐसे में हम संक्रमण को रोक पाने में सफल हो सकते हैं।

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Samved Jain Desk/Reporting
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