लॉक डाउन में छूट मिलने पर बाजार में उमड़ रही भीड़, सोशल डिस्टेंस को लेकर हो रही लापरवाही

चारों तरफ पड़ोसी जिलों में कोरोना की दस्तक, सावधानी जरूरी
बाहर से रोजाना आ रहे लोग, सैंपल की जांच में छतरपुर सबसे पीछे

By: Dharmendra Singh

Published: 16 May 2020, 09:00 AM IST

छतरपुर। कोरोना की दहशत से अब तक बचा बुन्देलखण्ड अब कराहना शुरू कर चुका है। छतरपुर जिला मुख्यालय के सभी पड़ोसी जिलों में कोरोना के मामले न सिर्फ सामने आ चुके हैं बल्कि सागर और महोबा में एक-एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत भी हो चुकी है। गुरूवार को दमोह में भी कोरोना का हमला हो गया। यहां तेंदुखेड़ा जनपद क्षेत्र के ग्राम सर्रा में बाहर से लौटा एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया। छतरपुर के आसपास के सभी जिले कोरोना से कराह रहे हैं लेकिन छतरपुर में एक भी मामला सामने नहीं आने के कारण ग्रीन जोन के चलते वेफिक्री का आलम शुरू हो चुका है। शहर के व्यापारियों की मांग पर और जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर जिला प्रशासन ने 18 मई से सभी दुकानों को रोज खोले जाने की अनुमति दे दी है। अब तक बारी-बारी से खुल रहीं शहर की दुकानों में भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हो रहा है। शासन के निर्देशों को लेकर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जबकि अभी सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
बाजार में आम दिनों की तरह व्यवहार कर रहे लोग
शुक्रवार को चौक बाजार और गल्लामण्डी क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें बता रही हैं कि छतरपुर में कोरोना को लेकर लोगों में कोई सावधानी नहीं है। बाजार में दुकानें खुलने के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्राहक निकल रहे हैं। बगैर मास्क के सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाते यह लोग कोरोना को आमंत्रित करने में जुटे हैं। गल्ला मंड़ी, महल रोड, चौक बाजार, हटवारा का गुरुवार और शुक्रवार को नजारा ऐसा था जैसे कोरोना संक्रमण के पहले आम दिनों में बाजार का दृश्य होता है। लोगों की भीड़ कपड़े व सोना चांदी समेत अन्य दुकानों पर उमड़ रही है। लोग न तो सोशल डिस्टेंस को महत्व दे रहे हैं। न ही मास्क के प्रयोग को लेकर गंभीरता बरत रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के कई मामलों में नहीं मिले लक्षण
छतरपुर के ग्रीन जोन का एक सच ये भी है कि यहां पर्याप्त कोरोना जांचें ही नहीं हो रही हैं। जिले की आबादी लगभग 20 लाख है इसके साथ ही पिछले एक महीने में लगभग एक लाख लोग विभिन्न साधनों से छतरपुर लौटे हैं। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद जिले से 14 मई तक सिर्फ 259 लोगों के कोरोना सैंपल भेजे गए जिनमें से 24 सैंपल रिजेक्ट हो गए और 235 सैंपल निगेटिव पाए गए थे। अन्य जिलों की बात करें तो सभी जिलों में छतरपुर से ज्यादा कोरोना सैंपल भेजे गए इसलिए वहां मामले भी पकड़ में आ रहे हैं। जिले में सैंपलिंग कम हुई है, ऐसे में सिर्फ स्क्रीनिंग के भरोसे जिले को कोरोना मुक्त मान लेना उचित नहीं है। वैसे भी कोरोना संक्रमण के कई मामलों में बिना लक्षण वाले भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में बुखार के लिए की जा रही स्क्रीनिंग के भरोसे कोरोना संक्रमण न होने को लेकर कितना निश्चिंत रह सकते हैं।
सागर-दमोह में मौतें शुरू
सागर जिले के बीना में 7 मई को एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था जिसे भोपाल रेफर किया गया था। भोपाल में 9 मई को इस युवक की मौत हो गई थी। इसी तरह छतरपुर से सटे राज्य उप्र के पड़ोसी जिले महोबा में भी एक मौत का मामला सामने आया है। यहां के सुभाषनगर में रहने वाले एक 35 वर्षीय युवक को मेडिकल कॉलेज झांसी में भर्ती कराया गया था। इस कोरोना संक्रमित युवक ने यहां दम तोड़ दिया। महोबा में फिलहाल कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 है।
संभाग के जिलों में अब तक हुईं कोरोना जांचें
जिला कुल केस - कुल जाचें
सागर 10 - 827
टीकमगढ़ 3 - 744
दमोह 1 - 479
पन्ना 1 - 249 (4 सैंपल रिजेक्ट)
छतरपुर ० - 259 (24 सैंपल रिजेक्ट)

Dharmendra Singh
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