जिले में संक्रमण से मृत्यु दर प्रदेश की दर से आगे निकली, संक्रमित होने की दर भी बढ़ी

संभाग के 6 जिलों में दमोह के बाद छतरपुर में संक्रमित होने की दर सबसे ज्यादा
अब लापरवाही करने पर अब 7 दिन के लिए सील होगी दुकान, केस भी होगा दर्ज

By: Dharmendra Singh

Published: 24 Sep 2020, 06:00 AM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। कोरोना संक्रमण की स्थिति जिले में दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। जिले में कोरोना से मौत की दर 2.2 प्रतिशत हो गई है, जो प्रदेश के दर 1.8 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। वहीं, कोरोना संक्रमित होने की दर भी 3.39 से बढ़कर 4.47 प्रतिशत हो गई है। हालांकि रिकवरी रेट के मामले में छतरपुर निवाड़ी को छोड़कर बाकी जिलों से बेहतर स्थिति में है। लेकिन बढ़ते संक्रमण व मौत की दर के चलते कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए एक बार फिर से सख्ती की जरूरत आ गई है।

संक्रमण की पहचान में देरी से ऑक्सीजन लेवल गिरने से हो रही मौतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिले में हुईं ज्यादातर मौतों के पीछे ऑक्सीजन लेवल का कम होना पाया जा रहा है। कोरोना वायरस सबसे पहले व्यक्ति की नाक और इसके बाद गले पर हमला करता है। यदि इस स्टेज तक मरीज की पहचान कर ली गई और उसे इलाज उपलब्ध हो गया तो उसकी जान बच जाती है, लेकिन यदि वायरस गले के रास्ते फेफड़े तक पहुंच गया और यहां तीन से चार दिन उसने अपनी वृद्धि की तो वह फेफड़ों को बंद कर ऑक्सीजन का स्तर गिराना शुरू कर देता है। गाइड लाइन के तहत एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 95 प्रतिशत के ऊपर होना चाहिए। यदि 90 के नीचे ऑक्सीजन का स्तर मिलता है तो मरीज को हायर सेंटर पर रेफर करना होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मरने वाले ज्यादातर मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 80 से कम मिला है। ऐसे मरीज ईश्वर की कृपा और इम्युनिटी की ताकत पर ही बच पाते हैं अन्यथा जान गवां देते हैं।

प्रदेश की तुनाल में ये है जिले की स्थिति
जिले में कोरोना संक्रमण से मौत की दर 2.2 हो गई है, जबकि प्रदेश की दर 1.8 है। वहीं, जिले में संक्रमित होने की दर 4.47 है। प्रदेश में संक्रमित होने की दर 5.85 प्रतिशत हो गई है। जिले में रिकवरी रेट 79.2 हैं, जबकि प्रदेश का रिकवरी रेट 78 प्रतिशत हैं। प्रदेश की तुलना में जिले में मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है।

संभाग में जिले की ये है स्थिति
सागर संभाग के 6 जिलों में सागर, दमोह के बाद छतरपुर की स्थिति चिंताजनक हो गई है। दमोह में पॉजिटिविटी रेट संभाग में सबसे ज्यादा 8.10 प्रतिशत है। वहीं, सागर में 3.14, पन्ना में 3.13, निवाड़ी में 4.18 और टीकमगढ़ में 3.81 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु दर के मामले में सबसे खराब स्थिति सागर की है, जहां संक्रमण से मृत्यु दर 4.3 प्रतिशत हो गई है। दमोह में 2.0, टीकमगढ़ में 2.6, निवाड़ी में 0.3 और पन्ना में 0.3 फीसदी संक्रमितों की मौत हो रही है। रिकवरी रेट के मामले में छतरपुर की दर 79.2 प्रतिशत है। जबकि सागर में 63.3, दमोह में 61.3, पन्ना में 72.2, टीकमगढ़ में 74.9 और निवाड़ी का रिकवरी रेट 85.7 प्रतिशत है।

व्यापारियों के बंद को समर्थन, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बाजार व दुकान में कोरोना गाइड लाइन का पालन न करने पर अब दुकान को 7 दिन के लिए सील किया जाएगा। इसके साथ ही लापरवाही करने वाले दुकानदार पर धारा 188 के तहत एफआइआर भी की जाएगी। व्यापारी संगठनों की आपसी सहमति से लिए गए 1 दिन के बंद के निर्णय का प्रशासन ने समर्थन किया है। जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बढ़ते हुए कोरोना मरीजों को देखते हुए मास्क न लगाने पर सख्ती करने का निर्णय लिया गया है। दुकानदार, दुकान कर्मचारी और ग्राहक को मास्क लगाने की अनिवार्यता रहेगी। दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर धारा 188 की कार्रवाई की जाएगी और कम से कम 7 दिन दुकान सील कर दी जाएगी ।

बगैर मास्क के घूम रहे लोग समाज के लिए घातक
अनलॉक और आवाजाही बढऩे के बाद छतरपुर जिले में तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए एक बार फिर कलेक्टर ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि दो मीटर से कम की दूरी रखने वाले एवं बगैर मास्क के घरों से बाहर निकल रहे लोग न सिर्फ खुद के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए घातक हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण फैलने की रफ्तार तेज है इससे बचने के लिए हमें खुद अपने व्यवहार में कड़ाई से नियमों का पालन करना होगा।

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