कोरोना संक्रमण काल में दीपावली जीवन में लाई रौशनी

मौतें थमी, रिकवरी की रफ्तार बढ़ी
हालात सुधरे तो जिले के 9 कोविड केयर सेंटरों को बंद करने की तैयारी
होम आइसोलेशन से सुधरा रिकवरी रेट, ठंड़ में सावधानी रखने की जरूरत

By: Dharmendra Singh

Updated: 13 Nov 2020, 07:48 PM IST

छतरपुर। काले अंधेर में रौशनी की लौ जलाने वाला दीपावली का पर्व कोरोना संक्रमण काल में जीवन में रौशनी और उम्मीद की नई किरण लाया है। जिले में कोरोना संक्रमण के हालात सुधरे हैं, नवंबर माह में एक भी मौत नहीं हुई है, वहीं रिकवरी रेट भी दिन प्रति दिन सुधरता जा रहा है। जिले में अब स्थिति ये है कि कोविड-19 के मरीजों की संख्या घटने पर 10 में से 9 कोविड केयर सेंटर बंद किए जा रहे हैं। होम आइसोलेशन से मरीजों की रिकवरी तेज हुई है। हालांकि कोविड के मरीजों के इलाज के लिए छतरपुर में महोबा रोड स्थित कोविड केयर सेंटर और जिला अस्पताल का आइसोलेशन वार्ड का संचालन जारी रहेगा।


प्रदेश के औसत से कम हुई जिले में संक्रमित होने की दर
कोरोना संक्रमण की स्थिति सितंबर माह में जिले में बिगड़ गई थी। स्वास्थ विभाग ने अक्टूबर और नवंबर में मामले बढऩे की आशंका जताई थी, लेकिन अक्टूबर और नवंबर में जिले की स्थिति में सुधार आया है। दीपावली के एक दिन पहले जिले में संक्रमित होने की दर 3.95 दर्ज की गई, जो सागर में 3.45 और दमोह में 6.24 प्रतिशत हैं, वहीं मध्यप्रदेश में संक्रमित होने की दर 5.56 प्रतिशत है। ऐसे में जिले में संक्रमित होने की दर प्रदेश के औसत से कम हुई है।

पड़ोसी जिलों से कम हुई जिले की मृत्यु दर
जिले में कोरोना से मृत्यु दर 1.79 प्रतिशत है। जबकि मौत की दर सागर में 3.34, दमोह में 2.98 और टीकमगढ़ में 2.53 प्रतिशत हैं। हालांकि प्रदेश में संक्रमण से मौत की औसत दर 1.69 है, जिसके करीब छतरपुर पहुंच गया है। जिले में पिछले एक माह में एक भी मौत सामने नहीं आई है, जिससे मृत्यु दर में सुधार आया है।

रिकवरी रेट प्रदेश से बेहतर
कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर प्रदेश में 93.52 प्रतिशत हैं। वहीं छतरपुर जिले में रिकवरी रेट 93.78 प्रतिशत हैं, जो प्रदेश की दर से कुछ बेहतर हैं, वहीं, सागर का रिकवरी रेट 90.97, दमोह की दर 91.85, निवाड़ी की दर 91.96 प्रतिशत है। ऐसे में जिले में रिकवरी रेट संभाग के जिलों व प्रदेश की तुलना में बेहतर हुआ है।

रेफर केसों की संख्या तेजी से घटी
जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा अभी तक 118 मरीजों की हालत गंभीर होने पर आइसोलेशन वार्ड से सागर मेडिकल कॉलेज या परिजनों की मर्जी पर अन्य अस्पताल रेफर किया गया है। जिसमें से इस 107 मरीजों की हालत गंभीर होने पर 19 मई से 9 अक्टूबर तक सागर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं पिछले 32 दिनों में पाए गए 212 मरीजों में से सिर्फ 11 मरीजों को अन्य अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। इसमें से अधिकांश मरीज ऐसे हैं, जिनको अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों के कहने पर रेफर किया है।

उत्साह से मनाए त्योहार, लेकिन सावधानी जरूरी
दीपावली पर्व कोरोना काल में नई उम्मीद लेकर आया है। जिले की स्थिति दिन प्रतिदिन सुधर रही है। ऐसे में दीपोत्सव का पर्व खुशियों व उल्लास- उत्साह के साथ मनाया जाए रहा है। लेकिन इसके साथ ही कोविड की वैक्सीन न आने तक सावधानी की भी जरूरत है। दीपावली के पटाखों व मिठाइयों की तरह ही सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनेटाइजर के महत्व को ध्यान में रखना जरूरी है।

Dharmendra Singh
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