पिछले साल से ढाई गुना ज्यादा बारिश, फिर भी जिले के बड़े बांध प्यासे, जानिए क्या है बांधों की स्थिति

पिछले साल से ढाई गुना ज्यादा बारिश, फिर भी जिले के बड़े बांध प्यासे, जानिए क्या है बांधों की स्थिति

Neeraj soni | Publish: Sep, 08 2018 10:25:41 AM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

जिले के बड़े बांधों में अभी नहीं भरा आधा पानी, छोटे बांध के हालात कुछ बेहतर

धर्मेंद्र सिह. छतरपुर। पिछले दस दिन की जोरदार बारिश के बावजूद जिले के बांध क्षमता से आधे भी नहीं भरे हैं। भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक पिछले वर्ष की तुलना में ढाई गुना ज्यादा बारिश हुई है। पिछले साल अब तक 20 इंच बारिश दर्ज की गई थी, इस वर्ष अब तक 29 इंच बारिश दर्ज की गई है। लेकिन इस बारिश से कोई खास राहत नहीं मिली है। जिले के 6 बड़े बांधों के जलभराव का हाल बुरा है। एक को छोड़कर कोई भी बांध क्षमता का 45 फीसदी भी नहीं भरा है। सबसे चिंताजनक स्थिति छतरपुर शहर को पेयजल सप्लाई करने वाले बूढ़ाबांध की है, इस बांध में अब तक 39 फीसदी पानी ही भर पाया है। पिछले साल औसत से आधी बारिश हुई थी। इस वार बारिश औसत के लगभग पास पहुंच गई है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है, कि मानसून का सिस्टम बना रहा तो बांधों का जलभराव और बेहतर होगा। वर्ष 2016 में औसत से आधी बारिश होने के कारण बांधों का जलभराव बेहद कम हुआ था। अभी तक की बारिश में पिछले साल की कमी की क्षतिपूर्ति ही हो पाई है।
इतने ही भर पाए 6 बड़े बांध :
छतरपुर जिले के छह बड़े बांधो में जलभराव की स्थिति अच्छी नहीं हैं। केवल सिंहपुर बांध 70 फीसदी भरा है। बाकी पांच बड़े बांध में 45 फीसदी जलभराव भी नहीं हुआ है। जिले के सबसे बड़े बांध रनगंवा में जलभराव 32 फीसदी ही हुआ है,रनगुंवा में 155 मिलियन घनमीटर पानी की तुलना में 49 मिलियन घनमीटर पानी भरा है। उर्मिल बांध में 113 मिलियन घन मीटर की तुलना में 42 मिलियन घनमीटर ही जलभराव है,जो क्षमता का ३८ फीसदी है। बेनीसागर बांध का जलभराव कुछ बेहतर है,हालांकि इसमें जलभराव 42 फीसदी है। बेनीसागर में २६ मिलियन घनमीटर की तुलना में महज 11 मिलियन घनमीटर ही जलभराव हुआ है। जबकि सरसेड़ बांध में ३७ की तुलना में केवल 10 मिलियन घनमीटर जलभराव हुआ है,जो बांध की क्षमता का 28 फीसदी है। कुटनी डेम में अबतक जलभराव ३८ फीसदी है,डेम में केवल 50 मिलियन घनमीटर पानी ही जमा हुआ है। जिले के सभी बड़े बांधों में सबसे अच्छा जलभराव सिंहपुर बांध में हुआ है। बांध में अब तक 32 मिलियन घनमीटर जलभराव हुआ है,जो इस बांध की क्षमता का 70 फीसदी है।
11 छोटे बांध लबालब :
जिले में 68 छोटे बांध हैं,जिनमें जलभराव की स्थिति अच्छी है। जिले के 11 छोटे बांध लबालब भर गए हैं। लमटी, खैरो ताल, ममौन ताल, बक्स्वाहा, कमोदपुरा, कुसमा, दिदौनिया, कुसमाड़ और किशनपुरा ताल अपनी क्षमता तक भर गए हैं। जबकि 4 छोटे बांध 75 फीसदी भर गए हैं।17 छोटे बांध ऐसे हैं,जिनमें 50 फीसदी जलभराव हुआ ,जबकि 36 छोटे बांध 25 फीसदी ही भरे हैं।
बारिश की ये है स्थिति :
जिले में अभी तक 752.1 मिमी (29.6 इंच) वर्षा दर्ज हुई है। पिछले साल इस अवधि में 515.9 मिमी (20.3 इंच) वर्षा रेकॉर्ड हुई थी। वर्षा माप केन्द्रों के रेकॉर्ड के मुताबिक अबतक की स्थिति में नौगांव में 857.8 मिमी (33.8 इंच) दर्ज हुई है। इसी तरह छतरपुर में 840.8 मिमी (33.1 इंच), जबकि इसी अवधि में यहां पिछले साल महज 361.8 मिमी, (14.2 इंच) वर्षा हुई थी। छतरपुर शहर में इस साल पिछले साल की तुलना में दो-गुनी से ज्यादा वर्षा हो चुकी है। बड़ामलहरा में 814.3 मिमी (32.1 इंच), राजनगर में 793.4 मिमी (31.2 इंच), बिजावर में 783.7 मिमी (30.9 इंच), बकस्वाहा में 702 मिमी (27.6 इंच), लवकुशनगर में 645 मिमी (25.4 इंच) वर्षा दर्ज की गई है। सबसे कम गौरिहार में 580 मिमी (22.8 इंच) वर्षा दर्ज की गई है।
बारिश और जलस्तर बढऩे की संभावना :
बंगाल की खाड़ी और उड़ीसा में बने कम दबाव के सिस्टम के कारण छतरपुर और आसपास के जिलो में लगातार बारिश हो रही है। अभी तक ७५२ मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जबकि जिले में 1000मिलीमीटर औसत बारिश होती है। इसका मतलब ये हुआ कि बारिश का औसत आंकड़ा नजदीक है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार न केवल सितंबर बल्कि अक्टूबर में भी बारिश के सिस्टम बनते हैं। सिंतबर में अबतक की बारिश और
आगामी दिनों बारिश से उम्मीद बनी हुई है। पिछले साल अबतक केवल ५२३ मिलीमीटर बारिश हुई थी,औसत से आधी बारिश के कारण सूखा के हालात बन गए थे। हालांकि वर्ष २०१६ में 1400मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई थी। अबतक की बारिश से ग्राउंड वाटर लेवल पिछली साल की तुलना में बेहतर हुआ है। लेकिन अभी थोड़ी और बारिश की जरूरत है।
इनका कहना :
बड़े बांधों में जलभराव की स्थिति अभी बहुत अच्छी नहीं है। जिले में 68 छोटे बांध हैं,जिमने जलभराव कुछ बेहतर है। बारिश का दौर जारी है, ऐसे में उम्मीद है कि सभी बांधो में जलभराव बेहतर होगा।
- सुनील प्रभाकर, इइ जल संसाधन (नौगांव)
इनका कहना :
सिंहपुर में अच्छा जलभराव हुआ है। कुटनी बांध में जलभराव अभी कम है। केवल 50मिलियन घनमीटर ही जलभराव हुआ है।
- आइबी नायक, इइ जल संसाधन (कुटनी)
अभी उम्मीद बाकी है :
जिले की औसत बारिश के हम नजदीक है, दूसरी ओर बारिश का सिस्टम अभी भी बना हुआ है, आगे भी सिस्टम बनने के आसार है। ऐसे में इस वर्ष औसत बारिश का आंकड़ा पार हो जाएगा। बांध या ग्राउंड का जलस्तर अभी और बढऩे की पूरी संभावना है।
- आरके परिहार, प्रभारी, मौसम केन्द्र खजुराहो
-सभी आंकड़े 6 सितंबर की स्थिति में
फैक्ट फाइल
बड़े बांध का नाम जलभराव(फीसदी में)
रनगंवा 32
उर्मिल 38
सरसेड़ 28
बेनीसागर 42
बूढ़ा 39
कुटनी 38
सिरपुर 70

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