कृष्ण विवाह के मंगल गीतों पर नाचे श्रद्धालु

खेलग्राम में दिग्विजय सहित कई राजनैतिक हस्तियां बनी कथाश्रोता

छतरपुर. भगवान को ज्ञान से समझा और खोजा जा सकता है किन्तु उन्हें पाने के लिए भजन और प्रीति ही दो सबसे सरल मार्ग हैं। भगवान को प्रभाव से नहीं बल्कि स्वभाव से पाया जा सकता है जिस तरह माता रूकमणि ने अपनी निरंतर प्रीति से भगवान को विवश कर दिया कि वे उनका हरण कर उनके साथ विवाह करें। उक्त उद्गार कथाव्यास पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने विगत रोज सागर रोड स्थित खेलग्राम में विधायक आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया द्वारा आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतर्गत चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए।
कथा पर प्रकाश डालते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथाव्यास श्री शास्त्री ने कहा कि भगवान प्रेम करने वालों को कभी नहीं छोड़ते, जगत को ऐसा लगता है कि उन्होंने मथुरा और द्वारिका के लिए ब्रजधाम को छोड़ दिया लेकिन सच्चाई ये है कि प्रभु आज भी ब्रजधाम के कण-कण में बसते हैं। विगत रात्रि कृष्ण-रूकमणि विवाह की कथा का वर्णन करते हुए झांकियों के माध्यम से इनका मनोहारी प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर संगीत कलाकारों ने जब विवाह के मंगलगीत गाए तो पण्डाल में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे। आयोजन के बाद कथा के पुण्य फल का समर्पण जिले की संपूर्ण नारी शक्ति के नाम किया गया। महाराज के संकल्प अनुरूप व्यासपीठ से छतरपुर जिले की विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कुशल और सामथ्र्यवान महिलाओं को मंच से स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
कथा के सातवें दिन महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। इस अवसर पर मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, जीतू पटवारी, यादवेन्द्र सिंह, ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, जयवर्धन सिंह, विधायक कुणाल चौधरी, राजेश शुक्ला, नीरज दीक्षित, पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश शुक्ला, कांग्रेस के वर्तमान जिलाध्यक्ष लखन पटेल, पूर्व मण्डी अध्यक्ष डीलमणि सिंह बब्बूराजा, अजय दौलत तिवारी, कांग्रेस नेत्री किरण अहिरवार, कार्यकारी जिलाध्यक्ष अनीस खान, विनोद दीक्षित, रामबाबू ताम्रकार सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।


हामिद खान Desk
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