जिला अस्पताल ने खुले में फिकवाईं दवाइयां, ये है बड़ी वजह

जिला अस्पताल ने खुले में फिकवाईं दवाइयां, ये है बड़ी वजह

rafi ahmad Siddqui | Publish: Sep, 02 2018 03:18:30 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

सूचना के बाद भी नहीं पहुंच अधिकारी

छतरपुर। सरकार द्वारा जहां एक ओर जिला अस्पताल में मुफ्त में दवाईयां वितरित करने का आदेश है लेकिन स्थानीय जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा जिला अस्पताल के बाहर की दवाईयों लिखी जा रही है और अस्पताल में रखी दवाईयों को कचरे में फिकवाई जा रही है। इस तरह का मामले के मामले जिला अस्पताल में ही नहीं बल्कि जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों का है। इसकी शिकायत और जानकारी होने के बाद भी न तो जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है और न ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा इन मामलों में कोई कार्रवाई की जा रही है। जिससे मरीजों को अस्पतालों की दवा न देकर खुलेआम बाहर कचरे में फिकवाईं जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया है जहां पर जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को देने के लिए आई दवाईयों को पोस्टमार्टम हाऊस के पास खुले में फिकवाई गई। काफी मात्रा में फिकवाई गई इन दवाईयां की जानकारी लोगों द्वारा जिला अस्पताल प्रबंधन, सिविल सर्जन, सीएमएचओ और तहसीलदार को दी गई। लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा न तो मौके पर जाकर देखने की जरूरत समझी गई और न हीं कोई कार्रवाई की गई।
वहीं मरीजों के हक की दवाईयों को फिकवाने का यह मामला पहला नहीं है इसके अलावा कुछ उिनों पहले चंदला के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर द्वारा काफी मात्रा में दवाईयां फिकवाई गई थीं। इसके अलावा बकस्वाहा स्वास्थ्य केंद्र सहित कई स्वास्थ्य केंद्रों में दवाईयों को फिकवाने के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इनका कहना है
जिला अस्पताल द्वारा वाईयों को नहीं फिकवाया जाता है। अगर वहां पर दवाईयां पडी हैं तो इसकी जानकारी करता हूं। जिसने भी दवाईयां फिकवाई हैं उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरपी पांडे सिविल सर्जन जिला अस्पताल

इनका कहना है
सूचना मिलने पर नायाब तहसीलदार को मौके पर भेजा था। नायाब तहसीलदार द्वारा दी गई रिपोर्ट में खाली रैफर पडे पाए गए थे। अगर वहां पर सीलबंद दवाईयां है तो फिर से मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी।
कमलेश पूरी एसडीएम छतरपुर

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