छतरपुर. जिले के बिजावर थाना क्षेत्र के जसगुंवा खुर्द गांव के रहने वाले सीआरपीएफ जवान की ड्यूटी के दौरान अचानक बीमार होने के बाद मौत हो गई थी। टे्रन में सफर करते समय उनकी हालत बिगडऩे पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका। गुरुवार को जवान छेदीलाल अहिरवार का पार्थिव शरीर जसगुवां पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों के भारी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

जानकारी के अनुसार बिजाबर थाना क्षेत्र के जसगुवां खुर्द गांव निवासी छेदीलाल अहिरवार (50) पिता मंजुआ अहिरवार 27 सीआरपीएफ बटालियन में जवान थे। बीते दिनों दिल्ली से कोयम्बटूर (तमिलनाडु) केरला एक्सप्रेस से जा रहे थे, उसी दौरान रास्ते में कटपड़ी स्टेशन पर उल्टी के साथ सीने में दर्द की शिकायत के चलते उन्हें ट्रेन से उतारा गया। इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने छेदीलाल को मृत घोषित कर दिया। 27 सीआरपीएफ बटालियन के अधिकारियों द्वारा परिजनों को मृत्यु की सूचना दी गई। सीआरपीएफ का दस्ता जवान को दिल्ली से ससम्मान रात लगभग २ बजे वर्तमान निवास बिजावर के पठारी रोड वार्ड क्रमांक-3 लेकर पहुंचे। जहां पर परिजनों को शव सौंपा गया। इसके बाद गुरुवार को सुबह करीब 8 बजे से सम्मान में अंतिम यात्रा निकाली गई। उनके निवास से डाकखाना चौराहा होते हुए करीब ६ किलोमीटर की इस तिरंगे में लिपटे जवान की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने चलकर शहीद को अंतिम विदाई दी। यहां से शहीद का शव उसके पैतृक ग्राम जसगुंवा खुर्द ले जाया गया। जहां परिजनों के साथ सभी ने अंतिम दर्शन किए।

पार्थिव शरीर को मुक्तिधाम ले जाया गया। शहीद को यहां सीआरपीएफ के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को शहीद के शव से निकाला गया। अंतिम संस्कार में क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला, नगर पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता, एसडीएम डीपी द्विवेदी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, जनपद सदस्य सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

दो बेटों ने दी मुखाग्नि
जवान के दोनों बेटे अशोक और दशरथ ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई उपरांत 27 बटालियन के मेजर ने जवान की पत्नी को ५० हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि के रूप में सरपंच व परिजनों की मौजूदगी में प्रदान किए। परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा अधिकारियों ने दिलाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के उपरांत परिवार के सदस्यों को भरणपोषण के लिए आर्मी के द्वारा जवान की पत्नी को पेंशन व परिवार के योग्य और परिजनों की मंशा अनुसार नौकरी दी जाएगी।

बेटी ने पूछा, पिता की कैसे हुई मौत
जसगुंवा में मौजूद भारी भीड़ के बीच जब सुबकते हुए सीआरपीएफ जवान की बेटी ने मेजर से पिता की मौत का कारण पूछा तो माहौल भावुक हो गया। मेजर ने बताया कि छेदीलाल को लकवा की शिकायत हो गई थी। बॉडी फिटनेस और योग के लिए उन्हें कोयम्बटूर भेजा जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही हालत खराब हो गई।

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