हर्षोल्लास के साथ मनाई ईद-उल-अजहा


गले मिलकर दी मुबारकबाद, बांटी खुशियां
त्योहार के रंग में रंगे रहे लोग, मेहमाननवाजी का शाम तक चला दौर

By: Dharmendra Singh

Published: 21 Jul 2021, 08:15 PM IST

छतरपुर। पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाई जा रही है। जिला मुख्यालय समेत जिले के सभी नगरों, कस्बों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अता की गई। त्याग और बलिदान का त्योहार बकरीद धूम-धाम से मनाया गया। ईदगाह में नमाज पढ़कर अमन, खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारक बाद दी और खुशियां बांटी। इस अवसर पर शहर की गंगा जमुनी तहजीब भी देखने को मिली। नमाज अता होने के बाद मुस्लिम भाइयों को हिन्दुओं ने ईद की मुबारकबाद दी और गले मिले।


अलसुबह बच्चों को सजाने-संवारने के बाद लोगों ने पारंपरिक कुर्ता-पैजामा पहना, सर पर टोपी व कपड़े पर इत्र लगाया और ईदगाहों और मस्जिदों की ओर चल पड़े। आठ बजते-बजते सभी ईदगाहों और मस्जिदों पर लोग जुट गए। नमाज शुरू होने के करीब आधा घंटा पहले ही ईदगाह कोविड गाइड लाइन के पालन के साथ नमाजियों से भर चुकी थी। सुबह 8.30 बजे से नई ईदगाह में नमाज पढ़ी गई।

गंूज उठा मुबारकबाद
तय वक्त पर ईद-उल-अजहा की नमाज अता की गई। मुल्क में अमन एवं तरक्की, कोरोना से राहत और अच्छी बारिश की दुआ मांगी गई। नई ईदगाह में नमाज खत्म होते ही मुबारकबाद की गूंज सुनाई पडऩे लगी। बड़ों की देखा-देखी बच्चों ने भी गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। बच्चों ने खूब मस्ती भी की। नमाज के बाद खुदा का फैज लेकर लोग घर वापस लौटे और शुरू हुआ मेहमाननवाजी का दौर। जीज व्यंजनों का सभी ने खूब लुत्फ उठाया। लोग एक-दूसरे के घर जाते रहे और मुबारकबाद और मेहमानवाजी का सिलसिला दिन भर चलता रहा। बकरीद के मौके पर नमाज के साथ-साथ पशु की कुर्बानी देते हैं। कुर्बानी देने के बाद इसे तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा गरीबों में, दूसरा हिस्सा दोस्त और रिश्तेदारों में और तीसरा हिस्सा अपने पास रखा जाता है।

Eid
Dharmendra Singh
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