कर्मचारियों की सूझबूझ से फिलहाल टला बडा हादसा

पानी की टंकी धराशायी होने से बची, नपा ने शीघ्र किए इंतजाम

By: Unnat Pachauri

Published: 10 Mar 2019, 04:00 AM IST

नौगांव। 47 साल पुरानी पानी की टंकी में गुरुवार की सुबह अचानक कंपन होने लगा और स्टाफ की सूझबूझ से धराशायी होने से बची गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार को सुबह साढ़े 10 बजे जब टंकी में सप्लाई का पानी भरा जा रहा था। उस समय अचानक टंकी लगभग पांच मिनट तक कंपन करती हुई नजर आई। स्टाफ के द्वारा उसको तुरंत टंकी को खाली कराकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद नपा के द्वारा उसमें पानी भरना केवल बंद किया बल्कि शुक्रवार की शाम तक इस टंकी से होने वाली 40 प्रतिशत सप्लाई को अन्य तरीके से बहाल कर नगर में पानी की समस्या से निजात दिलाने का काम किया गया। वर्ष 1972 में बनी नगर में इकलौती पानी की टंकी आज के युवाओं के लिए पुरानी पानी टंकी के नाम से जानी जाती है। क्योंकि जिसने भी होश संभाला इस टंकी को बना पाया। गुरुवार को हर रोज की तरह दिन-रात इसमें पानी सप्लाई करने के लिए टंकी पर पानी भरा जा रहा था। गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे के करीब पानी भरते भरते अचानक इसमें कंपन सा देखा गया। पहले आंखों का भ्रम समझ में आया, लेकिन लगभग 5 मिनट तक वहंा उपस्थित प्रत्यक्षदर्शियों और स्टाफ द्वारा इस कंपन को देखा गया। जिसको लेकर सबसे पहले नीचे रहने वाले लोगों को हटाया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। जिसके बाद उन्होंने पानी को भरने से रोका गया और शीघ्र पानी निकालने के आदेश दिए। कुछ घंटे में पानी की टंकी खाली हो गई और जैसे ही पानी भरना बंद हुआ। उसका कंपन भी बंद हो गया। नगर पालिका प्रशासन के द्वारा इस टंकी को अनुप्रयोगी कराकर देते हुए पानी भरने पर मनाही कर दी है। गुरुवार को सुबह यह घटना घटने के बाद नगर पालिका के सामने एक बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई कि नगर की 30 से 40 प्रतिशत आबादी को इसी पानी की टंकी से सप्लाई की जाती है वह अब किस तरीके से की जाएगी। शाम तक नगर पालिका ने इसका विकल्प भी तलाश लिया और शुक्रवार सुबह आने वाले नल शाम को खोल दिए गए।
किस-किस क्षेत्र में होती थी पानी की सप्लाई
लगभग 47 साल पुरानी बनी यह पानी की टंकी कब जर्जर हो जाएगी इसको लेकर नगर पालिका प्रशासन सचेत नहीं रहा। अगर होता तो मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत इसी जगह दूसरी पानी की टंकी प्रस्तावित की जाती। इस पानी की टंकी से नगर के तहसील के चौराहे से पुराने थाने तक और पुराने थाने से खुशबू वीडियो चौराहे से गणेश मंदिर तक यहां से स्टेडियम के पीछे क्षेत्र होते हुए पिपरी तक, पिपरी से लेकर पन्ना हाउस और शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलौनी होते हुए तहसील चौराहा, ढीमर मोहल्ला और वाल्मिक मोहल्ला तक इस पानी की टंकी से सप्लाई की जाती थी। लेकिन अचानक पानी की टंकी से कंपन और एक बड़ा हादसा घटित होने से बच गया। तब जाकर ख्याल आया कि इस जर्जर अवस्था में हो जाने के बाद यहां से पानी की सप्लाई कैसे होगी।
30 घंटे में खोजा वैकल्पिक कई क्षेत्रों में हुई पानी की सप्लाई
नगर पालिका के द्वारा नगर की कई पाइप लाइन को खेादकर बंद किया गया और शेष पानी की टंकियों से क्षेत्र को बंाटा गया। जैसे स्टेडियम की टंकी, बीटीआई के पास और नाला पार बनी टंकी से और अधिक क्षेत्रों से जोड़ा गया। इसके साथ ही समबर्सिबल से तकनीक का उपयोग करके शुक्रवार की देर शाम पिपरी और पन्ना क्षेत्र में पानी सप्लाई की गई। हालांकि इसका प्रेसर कम था फिर नागरिकों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ा।
अब भी हादसा टला नहीं उठाने होंगे कदम
47 साल पुरानी पानी की टंकी में जिस तरीके से कंपन हुआ उससे यह माना जा रहा है कि यह हादसा अभी टला नहीं है उसकी प्रमुख वजह यह पानी की टंकी बस्ती के बीच है यहां पर एक तरफ पीएचई विभाग और तहसील का प्रांगण दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी और सामने बस्ती बसी हुई है। खुदा न खास्ता अगर कोई हादसा घटित होता है उसके पहले ही नगर पालिका को न केवल शीघ्र बैठक करके इसको नष्ट करने बल्कि नई पानी की टंकी प्रस्तावकि तरने के लिए शीघ्र कदम उठाने होंगे।
इनका कहना है
इस संबंध में शीघ्र नगर पालिका परिषद की बैठक बुलाई जाएगी और प्रारूप तैयार किया जाएगा। यह सच है यह टंकी 47 साल पुरानी है और इसमें पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। नागरिकों को पेयजल की समस्या ना हो उसके लिए वैकल्पिक उपाय किए गए हैं।
आलोक जयसवाल सब इजीनियर नौगांव

Unnat Pachauri
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