स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगा रहे कर्मचारी, तालाब किनारे सड़क पर फेंका कचरा

Dharmendra Singh

Updated: 12 Oct 2019, 06:00:00 AM (IST)

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। नगरपालिका के जिम्मेदारी कर्मचारी ही स्वच्छ भारत अभियान को फेल करने में लगे हुए हैं। कर्मचारी किसी मोहल्ले से इकठ्ठा किया गया कचरा डंपिग यार्ड न ले जाकर कहीं भी फेंक दे रहे हैं। शहर के पॉश इलाके से लेकर सामान्य कॉलोनियों तक में कहीं भी कचरा डंप हो रहा है। गुरुवार की दोपहर ग्वालमंगरा तालाब किनारे सड़क पर ही नगरपालिका के कर्मचारी ने मल का टैंकर खाली कर दिया। मोहल्ले के लोगों ने कर्मचारी को टोका तो कर्मचारी ने उन्हें ही दो बातें कह दी। लोग तो चुप रह गए, लेकिन स्वच्छता अभियान को इसी तरह से पलीता लगाया जा रहा है। यही वजह है कि राष्ट्रीय स्तर पर छतरपुर की रैंकिंग 2018 में 92 से घटकर 2019 में 143 पहुंच गई थी। जिम्मेदारों के लापरवाही पूर्ण रवैये से ही करोड़ों रुपए खर्च करने और लगातार प्रयास करने के वाबजूद स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होने के बजाए स्थिति बिगड़ रही है।
कर्मचारी ही सड़क पर फेंक गए मल
ग्वालमंगरा तालाब के किनारे गुरुवार की सुबह 10 बजे नगरपालिका का टैंकर लेगकर कर्मचारी आया और तालाब किनारे ही सड़क पर मल से बरा टैंकर खाली कर दिया। स्थानीय निवासी जीत ताम्रकर ने टैंकर चालक को टोका कि, गंदगी यहां क्यों डाल रहे हो। तो चालक ने कहा- कि यह कचरा डालने की ही जगह है। मोहल्ले के निवासी संजय ताम्रकर व उदय ताम्रकार ने बताया कि तालाब के पास ही नंदीबाला मंदिर समेत दो मंदिर हैं। सड़क भी संकरी है, लेकिन नगरपालिका वाले घरों के सामने ही सड़क पर कचरा डाल जाते हैं। वहां रहने वाले शिखर चंद्र जैन और नारायण दास रावत नगरपालिका द्वारा कचरा फेकें जाने से परेशान हैं। इन व्यापरियों के घर व दुकान वहीं पर हैं। जहां कचरा डंप किया जा रहा है। अब परेशानी इसलिए ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि मल वहां फेंका जाने लगा है।
इन इलाकों में ज्यादा समस्या
शहर के कुछ इलाकों में कचरा डंपिग आज भी हो रही है। उत्कृष्ठ विद्यालय क्रमांक-1 के पीछे नगरपालिका द्वारा कचरा फेंका जा रहा है। यहां स्थाई तौर पर कचरा डंपिंग हो रही है। वहीं, ग्वालमंगरा तालाब, सरानी दरवाजा के बाहर, छत्रसाल नगर के पीछे, देरी रोड, सीताराम कॉलोनी, सटई रोड की पहाड़ी, नौगांव रोड व महोबा रोड पर कई जगह कचरा डंपिग की जा रही है। ये डंपिंग कर्मचारियों की लापरवाही से हो रही है। जो कचरा कलेक्शन करने के बाद प्रसंस्करण केन्द्र ले जाने की जगह कॉलोनी के किनारे की खाली पड़ी जगह पर फेंक दे रहे हैं।
इसलिए घट रही रैंकिंग
शहर में कई जगह अघोषित रुप से कचरा डंपिंग की जा रही है। रही बात कचरा प्रसंस्करण और डिस्पोजल की, तो इन दोनों व्यवस्थाओं में न तो कोई सुधार हुआ है, न कोई बदलाव किया जा रहा है। शहर में नालियों और जल स्रोतों की साफ सफाई, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, निर्माण और तोडफ़ोड़ की गतिविधियों के दौरान निकलने वाले कचरे के निपटान की व्यवस्था में भी कोई सुधार नहीं हुआ है। जबकि इन्हीं व्यवस्थाओं में ही छतरपुर नगरपालिका का प्रदर्शन खराब रहा है। राष्ट्रीय स्तर की रैकिंग वर्ष 2018 में 92 थी, जो इस बार घटकर 143 पर पहुंच गई, वहीं राज्य स्तर पर रैंकिंग भी घटी है। स्टेट लेवल पर 19वीं रैंक वाला छतरपुर पिछड़कर 32 में से 26वीं रैंक पर पहुंच गया। क्योंकि सर्विस स्तर में सुधार नहीं किया गया। सर्विस में नहीं हो रहा सुधार शहर में कचरा कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था ज्यों की त्यों है। शहर के आउटर की कॉलोनियों में कचरा कलेक्शन का काम अभी भी नहीं हो रहा है। जहां से कचरा कलेक्ट किया जा रहा, वहां भी नियमित रूप से काम नहीं हो रहा है। शहर की कॉलोनियों में नुक्कड़ पर कचरा का ढेर अभी भी लगा रहता है।
किया जाएगा सुधार
शहर की सभी समस्याओं के निराकरण की कार्ययोजना बना ली गई है। धीरे-धीरे सभी पर काम किया जा रहा है। सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए नए सिरे से कवायद की जा रही है। शहर के अंदर डंपिग को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। अरुण पटेरिया, नगरपालिका सीएमओ
फैक्ट फाइल
स्वच्छता सर्वेक्षण नेशनल रैकिंग स्टेट रैंकिंग
2017 92 11
2018 92 19
2019 143 26

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