कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य से कम पर उपज खरीदी पर किसानों ने किया हंगामा

दो घंटे बंद रही नीलामी,तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद दोबारा शुरू हुई नीलामी

By: Dharmendra Singh

Published: 08 Oct 2020, 07:00 AM IST

छतरपुर। 15 दिनों की व्यापारी एवं मंडी कर्मचारियों की हड़ताल के बाद बुधवार को कृषि उपज मंडी खुलने पर बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज उड़द ,मूंग,मूंगफली,गेहंू लेकर पहुंचे। जहां व्यापारियों एवं किसानों में उड़द मूंग,मूगफली की नीलामी समर्थन मूल्य से कम पर बोलने पर नोंकझोंक हो गई। किसानों ने व्यापारियों द्वारा कम मूल्य में उपज लेने पर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने हंगामा करते हुए व्यापारियों पर शोषण करने का आरोप लगाया। किसानों के विरोध के बाद व्यापारी मंडी में नीलामी बंद कर चले गए।

किसानों ने समर्थन मूल्य से कम पर उपज खरीदी की शिकायत तहसीलदार से की गई। जिसके तहसीलदार ने मंडी सचिव को निर्देश देकर तत्काल किसानों की समस्या के समाधान करने को कहा। मंडी अधिकारियों की सख्ती के बाद दोबारा व्यापारी मंडी पहुंचे ,जिसके बाद मंडी में फिर से नीलामी शुरू हो सकी। लेकिन मंडी में व्यापारियों द्वारा मूंगफली लेकर आए किसानों की उपज की खरीदी नहीं की गई। जिससे मंगफली लेकर आए किसान परेशान रहे।

सरसेड़ निवासी किसान किशन कुशवाहा 10 क्विंटल मूंगफली लेकर कृषि उपज मंडी में बेचने आये थे, ताकि जो रुपए मिले, उससे रबी सीजन की बोवनी के लिए खाद बीज का इंतज़ाम कर सकें। लेकिन व्यापारियों द्वारा मूंगफली की नीलामी नहीं बोलने से परेशान होकर सस्ती कीमती पर मंडी के बाहर उपज बेचने का मजबूर होना पड़ा।

कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ तुलावटियों ने भी व्यापारियो के प्रति अपनी नाराजगी जताई। तुलावटी मातादीन अहिरवार ने आरोप लगाया कि व्यापारियों द्वारा किसानों का मंडी के बाहर उपज खरीद पर एक रुपया प्रति क्विंटल किसानों से छडऩ वसूल रहे लेकिन तुलावटियों की व्याई नहीं दे रहे हैं। जिससे हम लोगों के सामने परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया हैं

Dharmendra Singh
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