किसान ठगे रह गए, व्यापारियों और यूपी के लोगों से खरीद डाला गया पूरा उड़द


- खरीद के लिए आज अंतिम दिन, आखिरी दिनों में दिखावा के लिए सक्रिय हुए अधिकारी, किसान बेटिंग में ही चल रहा
- उड़द खरीद में व्यापारियों-अफसरों का गठजोड़ आया सामने

By: Neeraj soni

Published: 19 Jan 2019, 09:00 AM IST

छतरपुर। जिले में खरीफ उपार्जन वर्ष 2018-19 में छतरपुर जिले के पंजीकृत किसानों से 19 जनवरी तक नियत केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी जाना है। शनिवार को खरीद के लिए आखिरी दिन है, लेकिन किसानों की लाइनें खत्म नहीं हुई हैं। वे कई सप्ताह से अपनी बारी का इंतजार ही कर रहे हैं, जबकि उनके पंजीयन के नाम पर व्यापारियों और यूपी से आने वाला उड़द, तिल, मूंग, मूंगफली और रामतिल खरीदा जा रहा है। उधर किसानों की परेशानी यह है कि वे लाइन में ही लगे हैं और दूसरे दरवाजे से व्यापारियों का माल लिया जा रहा है।
खरीद केंद्रों पर चल रही बदहाली, हर केंद्र के एक जैसे हालात :
केस 1 : लवकुशनगर में व्यापारियों का माल खपाया :
जिले की लवकुशनगर मंडी में किसानों की जगह व्यापारियों का माल खरीदा जा रहा है। कमिश्नर मनोहर दुबे के निर्देश पर एसडीएम अविनाश रावत ने लवकुशनगर मंडी पहुंचकर व्यापारियों के माल जब्ती की कार्रवाई करने का प्रयास किया, लेकिन खरीद केंद्र के प्रबंधकों ने उन्हें गुमराह कर दिया। एसडीएम के यहां से मुंह मोड़ते ही यहां फिर से मनमानी शुरू हो गई। जबकि एसडीएम ने खरीद में गड़बड़ी होने पर सख्त लहजे में कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उधर रविवार को भी लवकुशनगर मंडी के मुड़ेरी केंद्र पर खरीद चल रही थी, यहां अफसरों का किसी के बीच डर नहीं दिखा। कोई कार्रवाई नहीं होने से समिति प्रबंधक और उसके परिजन मनमाने ढंग से उड़द खरीद रहे हैं। एसडीएम अविनाश रावत का कहना है कि गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
केस 2 : नौगांव में पर्चिया थमा दीं, नहीं हुई खरीद :
नौगांव क्षेत्र के खरीद केंद्र पर भी व्यापारियों और यूपी से लाया जा रहा उड़द खरीदा जा रहा है। इससें किसानों में आक्रोश देखा जा रहा है। करीब दो सप्ताह से किसान यहां अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें नंबर पर्चियां तो दे दी गईं, लेकिन शुक्रवार की शाम तक भी उनका नंबर नहीं आया। किसानों ने अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नायब तहसीलदार सहित पटवारियों की ड्यूटी खरीद केंद्रों पर लगी है लेकिन व्यवस्थाएं नहीं सुधरी हैं। किसानों का आरोप तहसीलदार 16 जनवरी को ऑनलाइन परमिट बनवा गए थे नायत तहसीलदार ने कैंसिल कर दिए। अब फिर से पर्ची दी गई हैं। किसानों के अनुसार मूंगफली के लिए यहां वारदाना भी नहीं है। किसानों के सैकड़ों वाहन लाइन में ही खड़े हैं, जबकि व्यापारियों और बाहर से आने वाले उड़द की चुपचाप तुलाई हो रही है।
केस 3 : तहसीलदार ने की कार्रवाई:
कृषि उपज मंडी बक्सवाहा के बाहर खड़ा अवैध उड़द से भरा ट्रक तहसीलदार ने जब्त किया। यह ट्रक दूसरे जिले से उड़द लेकर मंडी में आया था। तहसीलदार झाम सींग को जैसे ही जानकारी लगी। तो उन्होने मोके पर पहुंचकर कार्रवाई की। यहां पर व्यापारियों द्वारा किसनों के नाम से करीब१७५ क्ंिवटल उड़द डाला जा रहा था। तहसीलदार झाम सींग ने बताया कि आए दिन मंडी में दूसरे जिलों से व्यापारियों द्वारा उड़द लाया जा रहा है। किसानों के नाम पर तुलाई की जा रही है। ऐसे में हमारे दल द्वारा नजर रखी जा रही है। मुझे जानकारी लगी की एक ट्रक मंडी के बाहर खड़ा है जो दूसरे जिले से लाया गया है। ट्रक चालक से बात की गई तो उसने बताया कि पथरिया दमोह से ट्रक में उड़द लाया गया है। जानकारी पर ट्रक को थाने के सुपुर्द कर दिया गया।
किसानों के नाम पर लाखों क्विंटल घटिया उड़द पहुंचा गोदामों में
किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए लागू की गई भावांतर योजना के तहत उड़द की खरीद के लिए जिले में जो केंद्र बनाए गए थे, उसका फायदा किसानों को तो नहीं मिला लेकिन खरीद से जुड़े अधिकारियों और व्यापारियों को जरूर फायदा मिल गया है। उड़द की खरीद में जमकर खेल हुआ है। पहले सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ दिया गया, जब खरीद पूरी होने को आई तो अफसर अपनी सक्रियता दिखाने लगे। ताबड़तोड़ कार्रवाई भी की जाने लगी, लेकिन इसके बाद भी किसानों को कहीं राहत नहीं मिली। व्यापारियों द्वारा किसानों के पंजीयन पर हजारो क्विंटल पुराना, खराब और बाहर से आया हुआ उड़द बेच दिया गया है। यह सब सर्वेयर, समिति प्रबंधकों से लेकर एसडीएम तक की देख रेख में होता रहा। अब उड़द खरीद के लिए सिर्फ एक दिन का समय शेष रह गया है। ऐसे में खरीदी केन्द्र पर लंबे समय से पर्चिया लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों को कोई राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
फैक्ट फाइल :
जिले में उड़द की बोवनी का लक्ष्य : १ लाख ३९ हजार ५८० हेक्टेयर
जिले मेें उड़द के उत्पादन का लक्ष्य : १ लाख ५० हजार हेक्टैयर में
जिले मेें कुल उड़द का उत्पादन : ९२ लाख ५४१ मैट्रिक टन
जिले में अब तक हुई कुल खरीद : ५७ हजार २३२ मीट्रिक टल
जिले में कुल सेवा सहकारी समितियां : ४५
जिले में कुल बनाए गए खरीद केंद्र - ५५

खरीदी केंद्र लाइव : राजस्व अफसरों ने संभाली कमान:
नौगांव। भावांतर योजना के तहत किसनों से उड़द और मूंगफली की खरीदी सोसायटियो के माध्यम से बेयर हाउस में खरीदी जा रही है। शनिवार १९ तारीख को खरीदी का अंतिम दिन होने के कारण आज नवोदय विद्यालय के पास स्थित बेयर हाउस में किसानों का मेला लगा रहा। यहां पर महेबा सोसायटी के २४ गांव और लहेरापुरवा सोसायटी की २४ गांव और लहेरापुरवा सोसायटी के ३० गांव के किसानों का अनाज खरीदा जा रहा है। प्रशासन के द्वारा यहां पर सुबह से नायब तहसीलदार और चार पटवारियों की ड्यूटी लगा रखी थी। तौल के लिए एक ही कांटा था। देर शाम प्रशासन के द्वारा दो कांटो की ओर व्यवस्था की गयी है। यहां पर जिन किसनो के ट्रैक्टर बाउंड्री के अंदर नहीं हो सके उन्होंने अपना टोकन नंबर लेकर घर जाना उचित समझा। सुबह होते ही खरीदी केन्द्र पर टोकन नंबर के हिसाब से फिर ट्रेक्टर खड़ा कर देंगे। २९ अक्टूबर २०१८ से भावांतर योजना के तहत सोसायटी के माध्यम से किसानों का माल प्रदेश सरकार अच्छी दर पर खरीद रही है। इसकी अंतिम तारीख १९ जनवरी है। नवोदय विद्यालय के पास स्थित बेयर हाउस पर लहेरा पुरवा सोसायटी के ३० गांव और महेबा सोसायटी के २४ गांव के किसानो का माल खरीदा जा रहा है। शनिवार को सुबह से नायब तहसीलदार नीलू बागरी और उनके साथ बिलहरी पटवारी भाग प्रताप चौबे, नैगुंवा पटवारी पंकज द्धिवेदी, निशांत नशांत तिवारी पटवारी पूरे समय यहां पर मौजूद रहे और किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए टोकन नंबर बांटते रहे। बारी- बारी से सभी किसानो के माल की तौल सुचारू रूप से हो सके। इनका उद्धेश्य किसानों से होने वाली असुविधा को दूर करना था। लेकिन दोनों खरीदी केन्द्रो पर एक एक कांटे से तोल चल रही थी। जिसके कारण समय अधिक लग रहा था। जिसको देखकर नायब तहसीलदार द्वारा दो कांटो के और इंतजाम करने के निर्देश दिए गए है और बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए और परेशानी न बड़े तो बेयर हाउस के गेट का ताला भी लगा दिया था। जिस कारण ट्रेक्टरो की लाइन हाइवे तक नजर आ रही थी। लहेरापुरवा खरीदी केन्द्र में अब तक उड़द ७०४३ क्विंटल, मूंगफली २०१६ क्ंिवटल खरीदी गयी। महेबा खरीदी केन्द्र में अब तक उड़द ८४७५ क्ंिवंटल, मूंगफली ४६३९ क्ंिवटल खरीदी गई है।

 

Neeraj soni Reporting
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