कोरोना से गई पिता की जान, गरीबी के कारण न अस्थियों का विसर्जन हुआ, न त्रयोदशी

परिवार का राशन खत्म हुआ तो रो पड़ी बेटी, समाज ने छेड़ी मदद की मुहिम
अंतिम संस्कार से लेकर राशन व पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने आगे आए लोग

By: Dharmendra Singh

Published: 16 May 2021, 08:08 PM IST

छतरपुर। कोरोना महामारी ने समाज के निचले तबके को सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं।इस बीमारी ने न सिर्फ कई गरीब परिवारों के पालनहार छीन लिए बल्कि मुखिया के चले जाने से परिवार के अन्य सदस्यों के सामने भुखमरी का संकट गहरा गया। छतरपुर के देरी रोड पर रहने वाले एक सोनी परिवार के साथ भी ऐसा ही हादसा गुजरा है। जिसे सुनकर समाज का कलेजा पसीज उठा।

दरअसल देरी रोड पर रहने वाले रमेश सोनी को अप्रेल के तीसरे सप्ताह में कोरोना के लक्षणो ने जकड़ लिया। सब्जी की दुकान लगाकर अपनी पत्नी,दो बेटियों और एक बेटे सहित पांच लोगों का भरण पोषण करने वाले रमेश सोनी की की तबियत बिगड़ी तो उसका दम उखडऩे लगा। रमेश की 24 साल की बड़ी बेटी रंजना किसी तरह उसे अस्पताल लेकर पहुचीं। चुकी रमेश की कोरोना जांच नही हुई थी इसलिए उसे अस्पताल की चौथी मंजिल यानी संदेही कोरोना मरीजों के साथ रख दिया गया। अस्पताल में ऑक्सीजन तो मिल गई लेकिन दो दिन बाद कोई उसका सिलेंडर ले गया जिसके कारण 21 अप्रेल को रमेश की मौत हो गई। मौत के बाद बेटी ने किसी तरह पिता का अंतिम संस्कार कर दिया। घर मे तीन हजार की जमा पूंजी थी जो पिछले इलाज और ख़र्च में खत्म हो गई इसलिए न तो रमेश का प्रयाग में अस्थि विसर्जन हुआ न ही तेरहवीं हो सकी।

भूख और बीमारी से जूझने लगा परिवार तब रो पड़ी बेटी
परिवार के एकलौते कमाऊ सदस्य के चले जाने के कारण यह परिवार बुरी तरह टूट गया। रमेश सोनी की बेटी रंजना ने बताया कि उसके घर मे राशन खत्म हो गया है। मां और छोटे भाई सहित पूरे परिवार को बीमारी ने घेर रखा है। किसी ने सलाह दी कि तूम समीप ही रहने वाले विधायक आलोक चतुर्वेदी से मदद मांगो। बेटी विधायक के घर पहुंच गई। विधायक ने बेटी को राशन की किट उपलब्ध कराई,10 हजार की राशि दी, साथ ही समाजसेवी और स्वास्थ्यकर्मी राधेश्याम को सूचित किया। राधेश्याम सोनी ने सबसे पहले बच्ची के घर जाकर उन्हें राशन किट भेंट की और परिवार के बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई। सभी की ब्लड जाचें कराने के बाद उन्हें उपचार दिलाया। राधेश्याम सोनी ने ही बच्ची से उसकी आपबीती पूछकर इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस वीडियो में जब रंजना ने परिवार पर गुजरी घटना का जिक्र किया तो सुनने वालों के भी आंसू भर आए। सोशल मीडिया पर बेटी की मदद के लिए मुहिम चल पड़ी और देखते ही देखते परिवार के लिए लगभग 50 हजार की राशि एकत्रित हो गई। इस बच्ची और उसके परिवार को शासकीय मदद दिलाने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

इन्होंने की गरीब बेटी की मदद
कोरोना संकट के कारण मुश्किल में फंस चुके इस परिवार की मदद के लिए अनेक लोग आगे आए हैं। विधायक आलोक चतुर्वेदी उफऱ् पज्जन 10 हजार, हरि प्रकाश अग्रवाल 2100, माही सोनी 1100 एवं एक माह का राशन, बद्री अग्रवाल बारदाना वाले 500, डॉ. कपिल खुराना 2100, सुशील शिवहरे 50 किलो गल्ला, विपिन अवस्थी 1100, राधेश्याम सोनी 2100, सतीश अग्रवाल राजस्व अधिकारी नपा 5 हजार, महेन्द्र देवेन्द्र अग्रवाल 2100, गणेश केटर्स नितिन सचिन अग्रवाल 1100, लालू लालवानी 1100, अनिल अग्रवाल 2100, नवीन टिकरिया 1100, महेश अवस्थी अवस्थी एक्सरे 500, रंजन पाठक भोपाल 500, आर्यन अग्रवाल राधा बल्लभ 2100, आनंद अग्रवाल 1100, कार्तिक चौहान 5100 रूपए की मदद की है।

Dharmendra Singh
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