रहवासी इलाके में संचालित पिपरमेंट ऑयल गोदाम में लगी आग, बड़ा हादसा टला

पिपरमेंट ऑयल के ड्रमों में हुए धमाके, मचा हडकंप
समय रहते प्रशासन ने आग पर पाया काबू, आसपास की दुकानों में आग फैलने की थी आशंका

By: Dharmendra Singh

Updated: 20 Sep 2020, 08:54 PM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। शहर के पुरानी गल्ला मंड़ी इलाके में सरानी दरवाजा के बाहर रहवासी इलाके में संचालित पिपरमेंट गोदाम में आग लग गई। स्थानीय लोगों व प्रशासन की टीम ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आग से गोदाम में रखा 50 लाख का पिपरमेंट ऑयल जलकर नष्ट हो गया। वहीं गोदाम का भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। समय रहते आग पर काबू पाने से आसपास की दुकानों व घरों तक आग नहीं फैलने से बड़ा हादसा टल गया।

मेंथा ऑयल के कारण भड़क गई आग
सरानी दरवाजा के बाहर वैभव गुप्ता रिहायशी इलाके में पिपरमेंट ऑयल का कारोबार करते हैं। वहीं, पिपरमेंट ऑयल की खरीद होती और गोदाम में भंडारण करके रखा जाता है। रविवार की सुबह 5 बजे गोदाम में आग लगी। सुबह 8.30 बजे गोदाम से आग की ऊंची-ऊंची लपटे निकलने लगी। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तब गोदाम के अंदर से पिपरमेंट के ड्रमों में धमाके की आवाजे आने लगी। जिससे आसपास के घरों व दुकानों तक आग फै लने की आशंका में हड़कंप मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस- नगरपालिका की फायर बिग्रेड ने सबसे पहले इलाके की बिजली सप्लाई बंद कराई ताकि आग फैल न जाए। इसके बाद फायर बिग्रेड की गाडिय़ों की मदद से आग पर काबू पाया गया। पूरा मोहल्ला आग को बुझाने की कवायद में लग गया। प्रशासन की टीम ने मशक्कत के बाद 10.30 बजे आग पर काबू पाया।

शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका
वैभव गुप्ता के भाई संतोष रूसिया ने बताया कि प्लांट में लगभग एक करोड़ रूपए का माल रखा था। प्लांट की रखवाली के लिए दो कर्मचारी भी रात को यहीं सोते हैं। सुबह करीब 5 बजे कर्मचारियों ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के चलते पिपरमेंट के ड्रम में आग लग गई है। देखते ही देखते यह ज्वलनशील पिपरमेंट आग की लपटों में तब्दील हो गया और आसपास रखे दूसरे भरे हुए ड्रम भी इसकी चपेट में आ गए। संतोष रूसिया ने बताया कि फिलहाल ऐसी आशंका है कि 50 लाख से अधिक का माल जल गया है लेकिन समय पर जिले भर की फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक मदद मिलने के कारण आधा माल बच गया।

ऑयल से क्रिस्टल बनाने का होता था काम
वैभव गुप्ता और संतोष गुप्ता के इस प्लांट में पिपरमेंट ऑयल को जिले भर के किसानों से खरीदा जाता है और फिर इस ऑयल के कुछ हिस्से को क्रिस्टल में तब्दील कर एवं अन्य हिस्से को सीधे ऑयल के रूप में महानगरों में भेजा जाता है। एक हिसाब से यह प्रोसेसिंग प्लांट भी है और बड़ी मात्रा में पिपरमेंट जैसे ज्वलनशील पदार्थ का गोदाम भी है। यह प्लांट कई वर्षों से यहां संचालित हो रहा है।

एक दिन पहले ही बड़ी मात्रा में रखा गया था ऑयल
स्थानीय लोगों के मुताबिक गोदाम में एक दिन पहले ही बड़ी मात्रा में पिपरमेंट ऑयल लाया गया था। अल सुबह ही गोदाम में आग सुलग गई, सुबह 8.30 बजे तक पिपरमेंट ऑयल के ड्रमों तक आग पहुंच गई। जिसके बाद आग तेजी से भड़की। गोदाम से ड्रमों के फटने की आवाज आने लगी। जिसके बाद स्थानीय लोगों में हडकंप मच गया।


रहवासी इलाके में ज्वलशील पदार्थो का हो रहा भंडारण
पुरानी गल्ली मंडी में सरानी दरवाजे के बाहर रहवासी इलाके में पिपरमेंट ऑयल का गोदाम संचालित किया जा रहा है। वहीं, इस इलाके में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण भी किया गया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि रहवासी इलाके में ज्वलनशील पदार्थो के भंडारण की अनुमति कैस मिल गई। अनुमति के बिना ज्वलनशील पदार्थ का रहवासी इलाके में भंडारण करने पर प्रशासन ने अबतक कार्रवाई क्यों नहीं की?

पुलिस करेगी जांच
रहवासी इलाके में ज्वलनशील पदार्थो के गोदाम संचालित होने के मामले में पुलिस जांच करेगी। रहवासी इलाके में आग की जानकारी लगने पर मौके पर पहुंचे एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि रहवासी इलाके में गोदाम संचालन की पुलिस जांच करेगी। नियमानुसार गोदाम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

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